फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jalaun News ›   New literature should get more place in the curriculum: Dr. Sandeep

नए साहित्य को पाठ्यक्रम में मिले और जगह: डॉ. संदीप

Tue, 19 Mar 2024 12:10 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 19 Mar 2024 12:10 AM IST
विज्ञापन
New literature should get more place in the curriculum: Dr. Sandeep
उरई। उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान लखनऊ एवं संस्कृत विभाग की ओर से डीवी कॉलेज में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। डॉ. संदीप ने नए साहित्य को पाठ्यक्रम में और जगह दिए जाने की बात कही।
विज्ञापन

मुख्य वक्ता प्रोफेसर बलभद्र त्रिपाठी ने कहा कि प्राचीनकाल से लेकर आज तक लगातार नए संस्कृत साहित्य को लिखा जा रहा है। आधुनिक दृष्टि से, आधुनिक विधाओं की रचनाओं से संस्कृत का साहित्य समृद्ध हो रहा है। महाकाव्य, खंडकाव्य, कथा, कहानी, संस्कृत ग़ज़ल, गीतिका, उपन्यास, संस्कृत लोकगीत, मुक्तक, नाटक, एकांकी आदि सभी विधाओं में संस्कृत में काव्य लिखे जा रहे हैं। डॉ संदीप द्विवेदी ने कहा कि आधुनिक संस्कृत साहित्य को पाठ्यक्रम में और भी स्थान मिलना चाहिए ताकि सबको नए साहित्य से परिचय कराया जा सके। संस्कृत साहित्य को केवल प्राचीन कहना ठीक नहीं है संस्कृत साहित्य विश्व साहित्य के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रहा है।
विज्ञापन

प्राचार्य प्रो. राजेश चंद्र पांडेय ने संस्कृत ने हमारी साहित्य की परंपरा को समृद्ध बनाया। डॉ. रत्नेश त्रिवेदी, प्रो. टीआर निरंजन, डॉ. शिव संपत द्विवेदी, श्यामसुंदर शर्मा, डॉ. अलकारानी पुरवार, डॉ. गौरव यादव ने भी विचार रखे। संचालन संगोष्ठी के सचिव संस्कृत विभाग के प्रभारी डॉ. सर्वेश कुमार शांडिल्य ने किया। इस दौरान डॉ. नीरज द्विवेदी, डॉ. नमोनारायण, डॉ. शैलजा गुप्ता, डॉ, माधुरी रावत, डॉ. राजेश पालीवाल, डॉ. अतुल प्रकाश बुधौलिया, डॉ. श्री प्रकाश पांडेय, डॉ, विजेंद्र कुमार, डॉ. शीलू सेंगर, डॉ. श्रवण त्रिपाठी आदि रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed