फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jalaun News ›   Negligence proved costly, data of about 50 thousand beneficiaries frozen

Jalaun News: लापरवाही पड़ी भारी, करीब 50 हजार लाभार्थियों का डाटा फ्रीज

Sun, 26 Nov 2023 01:23 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 26 Nov 2023 01:23 AM IST
विज्ञापन
Negligence proved costly, data of about 50 thousand beneficiaries frozen
उरई। आयुष्मान कार्ड बनवाने में लापरवाही बरतना लाभार्थियों को भारी पड़ गया। आयुष्मान भारत नेशनल हेल्थ अथारिटी ने करीब 50 हजार लाभार्थियों का डाटा पोर्टल पर फ्रीज कर दिया है। जिसकी वजह से अब उनके आयुष्मान कार्ड नहीं बन पा रहे है। जिससे लाभार्थी भटकने को मजबूर है।
विज्ञापन

बता दें कि आयुष्मान भारत योजना 23 सितंबर 2018 में लागू की गई थी। जिले में वर्ष 2011 की आर्थिक एवं सामाजिक जनगणना के आधार पर इसमें 103226 परिवारों को जोड़ा गया था। इसके करीब 516130 लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड बनाए जाने थे। शुरुआत में अभियान के बावजूद 64310 परिवारों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा सके। 38916 लाभार्थी परिवारों ने कार्ड बनवाने में रुचि नहीं ली।
विज्ञापन

अंत्योदय योजना के 34037 परिवारों के 01,9,928 लोगों को जोड़ा गया। अब तक 86 प्रतिशत परिवारों के कार्ड बनाए जा चुके हैं। इसके बाद पंजीकृत श्रमिकों के 7405 परिवारों को इसमें जोड़ा गया। इसमें 2707 परिवारों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। इसी साल 17 सितंबर से पात्र गृहस्थी राशनकार्ड धारक 28963 परिवार जिनके छह या उससे अधिक सदस्य है, उनको भी इस योजना से जोड़ा गया। एक अक्तूबर को वरिष्ठ नागरिक दिवस पर ऐसे पात्र गृहस्थी राशनकार्ड धारक परिवार जिनके सभी वरिष्ठ नागरिक है। ऐसे 12,479 वरिष्ठ नागरिकों को भी इस योजना में शामिल कर लिया गया। नए लाभार्थियों के शामिल होने के बाद पुराने लाभार्थी जिन्होंने आयुष्मान कार्ड बनवाने में लापरवाही बरती, उनका डाटा पोर्टल पर फ्रीज कर दिया गया। अब उनका हाउस होल्ड आईडी या पीएम की ओर से भेजे गए पत्र के आधार पर डाटा नहीं खुल रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन




कोंच के मोहल्ला जयप्रकाशनगर निवासी राजा नवाब सिंह के परिवार में 12 सदस्य है। वह पीएम मोदी की ओर से भेजे गए पत्र के आधार पर जब वह सीएचसी कोंच में आयुष्मान कार्ड बनवाने में गए तो आयुष्मान मित्र ने बताया कि उनका नाम और डाटा अब पोर्टल पर अनुपलब्ध बता रहा है। अब वह आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए भटक रहे हैं।



अटरिया के विनोद का भी योजना के अंतर्गत कार्ड बनना था लेकिन अब उनका नाम पोर्टल पर नहीं दिखाई दे रहा है। जिससे वह परेशान है। उनके परिवार में छह सदस्य है। उन्हें चिंता हो रही है कि अब जरूरत पर कैसे इलाज कराएंगे।



आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत 19 अस्पताल चिकित्सालय पंजीकृत हैं। जिसमें 11 सरकारी व आठ निजी अस्पताल है। इन चिकित्सालय में डायलिसिस, मोतियाबिंद सर्जरी, ऑर्थोपेडिक, पीडियाट्रिक्स, जनरल मेडिसिन, जनरल सर्जरी, गायनेकोलॉजी एवं ऑब्स्टैटिक्स एवं अन्य गंभीर बीमारियों का उपचार आयुष्मान कार्ड धारक लाभार्थी मरीजों का किया जाता है। अब तक 28,810 लाभार्थी मरीज ने योजना का लाभ लिया है। जिसमें कुल 35.25 करोड़ रुपये की धनराशि व्यय की गई है। लाभार्थियों के उपचार की सुविधा दिलाने में जनपद का प्रदेश में 19वां स्थान है।





वर्जनशासन स्तर से पोर्टल पर डाटा बंद किया गया है। इस बारे में वह कुछ नहीं बता सकते हैं। अब नए लाभार्थियों को जोड़कर उनके आयुष्मान कार्ड बनाए जा रहे है। इसके लिए पंचायत मित्र, राशन विक्रेता, आयुष्मान मित्र, सीएचओ, आशा वर्कर के माध्यम से आयुष्मान कार्ड बनाए जा रहे हैं।
- डॉ. आशीष कुमार, जिला प्रोग्राम कोआर्डिनेटर, आयुष्मान भारत योजना
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed