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नहर में कपड़े धोने गई एक युवती डूबी, पुलिस खोजबीन में जुटी
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आटा। आटा थाना इलाके में महिला व उसकी दो भतीजी कपड़े धोते समय बेतवा नदी में गिर गईं। चीखपुकार सुनकर आसपास काम कर रहे लोग मौके पर पहुंच गए। महिला और एक भतीजी को बचा लिया। दूसरी भतीजी डूब गई। इसकी जानकारी लोगों ने पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने खोज कराई। पता नहीं चल सका। गोताखोर और पीएसी के जवान मौके पर पहुंच गए हैं। युवती की तलाश की जा रही है।
परासन में बुधवार सुबह चाची और दो भतीजी बेतवा नदी में नहाने गई थीं। कपड़े धोते समय यह डूबने लगीं। शोर सुनकर पहुंचे आसपास के लोगों ने चाची और एक भतीजी को बचा लिया। दूसरी भतीजी का पता नहीं लगा। ग्रामीणों ने बताया कि रानी(40) पत्नी हल्के, जयंती(18) पुत्री राजकिशोर और सोना (14) नदी किनारे कपड़े धो रहे थीं। तभी सोना का फैर फिसल गया। वह डूबने लगी। जयंती ने उसे पकड़ने का प्रयास किया। वह गहरे पानी में चली गई। रानी ने भी बचाने का प्रयास किया तो वह भी डूबने लगीं। यहीं पर गांव के लड़के नहा रहे थे। इन्होंने बेतवा नदी में कूदकर रानी और सोना को कड़ी मशक्कत के बाद बचा लिया। इस दौरान युवक कल्लू को पानी में कई गोते लगे। हालत खराब होने पर उसे उरई अस्पताल भेजा गया है। ग्रामीणों ने बताया कि पहले यह लोग घाट पर नहाने गए थे। अगर हम लोग देख लेते तो बीच में कपड़े़ धोने के लिए न जाने देते। जहां पर युवती डूबी है, वहां पहले भी घटनाएं हो चुकी हैं। यहां बालू खनन से गहरे गड्ढे हो गए हैं। इससे यहां पर हादसे होते रहते हैं। जयंती की मां तारा और भाई रोहित, मोहित और राहुल का हाल बेहाल है। युवती को खोजने के लिए आटा पुलिस और गोताखोर मौके पर पहुंच गए थे। हालत गंभीर होने पर रानी और सोना को उरई अस्पताल भेजा गया है। शाम तक पीएसी भी घटनास्थल पर पहुंच गई थी।
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परासन में बुधवार सुबह चाची और दो भतीजी बेतवा नदी में नहाने गई थीं। कपड़े धोते समय यह डूबने लगीं। शोर सुनकर पहुंचे आसपास के लोगों ने चाची और एक भतीजी को बचा लिया। दूसरी भतीजी का पता नहीं लगा। ग्रामीणों ने बताया कि रानी(40) पत्नी हल्के, जयंती(18) पुत्री राजकिशोर और सोना (14) नदी किनारे कपड़े धो रहे थीं। तभी सोना का फैर फिसल गया। वह डूबने लगी। जयंती ने उसे पकड़ने का प्रयास किया। वह गहरे पानी में चली गई। रानी ने भी बचाने का प्रयास किया तो वह भी डूबने लगीं। यहीं पर गांव के लड़के नहा रहे थे। इन्होंने बेतवा नदी में कूदकर रानी और सोना को कड़ी मशक्कत के बाद बचा लिया। इस दौरान युवक कल्लू को पानी में कई गोते लगे। हालत खराब होने पर उसे उरई अस्पताल भेजा गया है। ग्रामीणों ने बताया कि पहले यह लोग घाट पर नहाने गए थे। अगर हम लोग देख लेते तो बीच में कपड़े़ धोने के लिए न जाने देते। जहां पर युवती डूबी है, वहां पहले भी घटनाएं हो चुकी हैं। यहां बालू खनन से गहरे गड्ढे हो गए हैं। इससे यहां पर हादसे होते रहते हैं। जयंती की मां तारा और भाई रोहित, मोहित और राहुल का हाल बेहाल है। युवती को खोजने के लिए आटा पुलिस और गोताखोर मौके पर पहुंच गए थे। हालत गंभीर होने पर रानी और सोना को उरई अस्पताल भेजा गया है। शाम तक पीएसी भी घटनास्थल पर पहुंच गई थी।
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