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नदीगांव सीएचसी को मिला राष्ट्रीय स्तर पर प्रमाणपत्र
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नदीगांव
- फोटो : ORAI
उरई। बुंदेलखंड के पिछड़े क्षेत्र ने स्वास्थ्य सेवाओं में राष्ट्रीय स्तर पर नाम रोशन किया है। नदीगांव सीएचसी ने राज्य स्तरीय कायाकल्प पुरस्कार में प्रदेश में दूसरा स्थान पाने के बाद अब राष्ट्रीय स्तर पर भी नेशनल क्वालिटी इश्योरेंस स्टैंडर्ड (एन्क्वास) का प्रमाणपत्र हासिल किया है। यह प्रदेश का दूसरा सीएचसी है, जिसे यह उपलब्धि मिली है। नदीगांव के अलावा एक सीएचसी गाजियाबाद जनपद का है।
बता दें कि 28 व 29 जनवरी को डा. शरथ कुमार राव (मंगलौर कर्र्नाटक) एवं डा. अंकुर सूदन नई दिल्ली के नेतृत्व में दो सदस्यीय राष्ट्रीय स्तर की टीम ने करीब 2500 बिंदुओं पर दो दिन तक गहन जांच की थी और बिंदुवार रिपोर्ट तैयार कर भारत सरकार को भेजी थी। इसके आधार पर 17 फरवरी को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से नदीगांव सीएचसी को 92.7 प्रतिशत अंकों के साथ एन्क्वास प्रमाणपत्र दिया गया है। क्वालिटी इश्योरेंस कार्यक्रम के जनपदीय परामर्शदाता डा. अरुण राजपूत ने बताया कि जालौन प्रदेश में ऐसा पहला जनपद है, जहां पहले रामपुरा पीएचसी को राष्ट्रीय स्तर पर प्रमाणित किया गया है। इसके बाद नदीगांव सीएचसी को भी राष्ट्रीय स्तर का प्रमाणपत्र मिला है। अपर निदेशक डॉ एसबी मिश्रा, मंडलीय प्रबंधक आनंद चौबे ने इस प्रयास के लिए सीएचसी के प्रभारी डॉ डीके भिटौरिया व पूरी टीम को बधाई दी। सीएमओ डा. अल्पना बरतारिया ने बताया कि यह स्वास्थ्य विभाग की सामूहिक सहयोग का परिणाम है। जिसकी वजह से राष्ट्रीय स्तर का प्रमाणपत्र मिला है।
आठ विभागों की दो दिन तक हुई पड़ताल
क्वालिटी इश्योरेंस कार्यक्रम के मंडलीय परामर्शदाता डा. राजेश पटेल ने बताया कि राष्ट्रीय स्तर की टीम ने सीएचसी के आपातकालीन, अंत:रोगी, बाह्य रोगी, फार्मेसी, लैब, प्रसव कक्ष,सहयोगी सुविधाएं, सामान्य प्रशासन समेत आठ विभागों की बिंदुवार दो दिन तक रिपोर्ट की थी। स्टाफ और मरीजों से भी स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में फीडबैक लिया था।
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अतिरिक्त तीन लाख रुपये मिलेंगे सालाना
नदीगांव में तीस शैय्या का अस्पताल है। अब यह प्रमाणपत्र मिल जाने के बाद शासन द्वारा सुविधाएं बढ़ाने के लिए तीन लाख रुपये प्रति साल प्रोत्साहन राशि स्वरुप प्रदान किए जाएंगे। यह राशि तीन साल तक दी जाएगी। इसके बाद फिर से समीक्षा होगी। यदि फिर से राष्ट्रीय स्तर का प्रमाणपत्र मिलता है तो यह राशि मिलना जारी रहेगा। मंडलीय प्रबंधक आनंद चौबे ने बताया कि मंडल के और भी केंद्र अपनी इकाइयों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रमाणन के लिए प्रयास कर रहे है। मंडल में झांसी के बरुआसागर और ललितपुर के विरधा ने अपनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
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बता दें कि 28 व 29 जनवरी को डा. शरथ कुमार राव (मंगलौर कर्र्नाटक) एवं डा. अंकुर सूदन नई दिल्ली के नेतृत्व में दो सदस्यीय राष्ट्रीय स्तर की टीम ने करीब 2500 बिंदुओं पर दो दिन तक गहन जांच की थी और बिंदुवार रिपोर्ट तैयार कर भारत सरकार को भेजी थी। इसके आधार पर 17 फरवरी को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से नदीगांव सीएचसी को 92.7 प्रतिशत अंकों के साथ एन्क्वास प्रमाणपत्र दिया गया है। क्वालिटी इश्योरेंस कार्यक्रम के जनपदीय परामर्शदाता डा. अरुण राजपूत ने बताया कि जालौन प्रदेश में ऐसा पहला जनपद है, जहां पहले रामपुरा पीएचसी को राष्ट्रीय स्तर पर प्रमाणित किया गया है। इसके बाद नदीगांव सीएचसी को भी राष्ट्रीय स्तर का प्रमाणपत्र मिला है। अपर निदेशक डॉ एसबी मिश्रा, मंडलीय प्रबंधक आनंद चौबे ने इस प्रयास के लिए सीएचसी के प्रभारी डॉ डीके भिटौरिया व पूरी टीम को बधाई दी। सीएमओ डा. अल्पना बरतारिया ने बताया कि यह स्वास्थ्य विभाग की सामूहिक सहयोग का परिणाम है। जिसकी वजह से राष्ट्रीय स्तर का प्रमाणपत्र मिला है।
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आठ विभागों की दो दिन तक हुई पड़ताल
क्वालिटी इश्योरेंस कार्यक्रम के मंडलीय परामर्शदाता डा. राजेश पटेल ने बताया कि राष्ट्रीय स्तर की टीम ने सीएचसी के आपातकालीन, अंत:रोगी, बाह्य रोगी, फार्मेसी, लैब, प्रसव कक्ष,सहयोगी सुविधाएं, सामान्य प्रशासन समेत आठ विभागों की बिंदुवार दो दिन तक रिपोर्ट की थी। स्टाफ और मरीजों से भी स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में फीडबैक लिया था।
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अतिरिक्त तीन लाख रुपये मिलेंगे सालाना
नदीगांव में तीस शैय्या का अस्पताल है। अब यह प्रमाणपत्र मिल जाने के बाद शासन द्वारा सुविधाएं बढ़ाने के लिए तीन लाख रुपये प्रति साल प्रोत्साहन राशि स्वरुप प्रदान किए जाएंगे। यह राशि तीन साल तक दी जाएगी। इसके बाद फिर से समीक्षा होगी। यदि फिर से राष्ट्रीय स्तर का प्रमाणपत्र मिलता है तो यह राशि मिलना जारी रहेगा। मंडलीय प्रबंधक आनंद चौबे ने बताया कि मंडल के और भी केंद्र अपनी इकाइयों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रमाणन के लिए प्रयास कर रहे है। मंडल में झांसी के बरुआसागर और ललितपुर के विरधा ने अपनी कार्रवाई शुरू कर दी है।