उरई। शहर के मोहल्ला प्रेमनगर स्थित सैय्यद शफे शाह बाबा के तीन दिवसीय सालाना उर्स का कुल शरीफ के साथ समापन हो गया। रविवार की सुबह कुल शरीफ का आगाज मौलाना अख्तर रजा सुल्तानी ने तिलावते कुरान से किया। मुख्य अतिथि पीर सैय्यद सईद मियां रिफाकती ने तकरीर के जरिए लोगों को नेक बनने के साथ ही रसूल पाक की सुन्नतों पर अमल करने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि मुसलमान नेक और सच्चे बनकर इंसानियत की खिदमत करें। मुफ़्ती अशफाक अहमद बरकाती कालपी ने नमाज की पाबंदी करने पर जोर दिया। महफिल में शायर अकील सिद्दीकी, शायर अखलाक रिफाकती ने नात व मनकबत पेश की। सलाम-ए-मुस्तफा के बाद सैय्यद अनस हाकमी ने मुल्क की सलामती और तरक्की की दुआ की। इससे पहले शनिवार की रात हुजूर अमीने शरियत कॉन्फ्रेंस पीर सैय्यद सईद मियां की सदारत में आयोजित की गई। इस दौरान खतीबे बुंदेलखंड मुफ़्ती अशफाक बरकाती ने शबे बरात की फजीलत बयान करते हुए कहा कि शाबान महीने की 14 तारीख (तीन फरवरी) की रात शब-ए-बारात के नाम से मशहूर हैं। इसके मायने हैं गुनाहों से निजात की रात, इस रात को सूरज डूबने के बाद से ही अल्लाह की रहमत दुनिया पर होने लगती है जिसका सिलसिला सूर्योदय तक रहता है। अध्यक्ष इरफ़ान रफाकती ने अतिथियों का स्वागत किया। इस दौरान नावेद खां, इसरार खान, बब्लू खान, अफजल खान, फैजान खान, शहजान खान, जीशान खान आदि मौजूद रहे।