पालिका की मनमानी पर भूख हड़ताल
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उरई (जालौन) नगर पालिका प्रशासन पर मनमानी कार्रवाई का आरोप लगाकर दुकानदारों ने गुरुवार को भूख हड़ताल शुरू कर दी। हड़ताल पर बैठे दुकानदारों का हालचाल लेने के लिए भी कोई नहीं आया। इस दौरान भूख हड़ताल कर रहे दुकानदारों ने कहा कि कार्रवाई एकतरफा नहीं होनी चाहिए। हमें अतिक्रमणकारी घोषित कर हटा दिया और वही जगह दूसरों को दे दी। नगर पालिका प्रशासन की ओर से पूर्व में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया था। इसमें नगर पालिका प्रशासन ने राठ रोड मौनी मंदिर के पास संतराम वर्मा, राकेश वर्मा, राजेश कुमार, रवि, विजय की फुटपाथ पर लगी दुकानें हटवा दी थीं। जबकि वहां पर 40 वर्षों से दुकान लगाते आ रहे हैं। अभियान के बाद से ही दुकानदार बेरोजगार घूम रहे हैं। दुकानदारों का आरोप है जिस जगह से उन्हें हटाया गया है वहां पर दूसरों को नगर पालिका ने कब्जा दिला दिया। इसके अलावा शहर में जिला के आला अफसरों की नाक के नीचे फुटपाथ पर कब्जा है वह नहीं हटाया गया और न ही शहर के अन्य इलाकों में अतिक्रमण नहीं हटाया गया। परेशान दुकानदारों ने एसडीएम से लेकर डीएम तक मामले की शिकायत की।
जब हर ओर से दुकानदारों को निराशा हाथ लगी तो बुधवार को सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपकर भूख हड़ताल करने की चेतावनी दी थी। गुरुवार को संतराम वर्मा और राकेश वर्मा ने कलेक्ट्रेट परिसर में भूख हड़ताल शुरू कर दी। इस दौरान नारेबाजी की गई और कहा गया कि नगर पालिका प्रशासन शहर में मनमानी कर रहा है। जिला स्तरीय अधिकारी कोई हल निकालने में कामयाब नहीं हो रहे है। यही वजह है कि उनकी बात नहीं सुनी गई। दुकानदारों के पक्ष में समाज सेवी व भाकपा माले के कार्यकर्ता भई उतर आए है। हड़ताल स्थल पर समाजसेवी पंकज सहाय, अंशुमन सिंह, भाकपा माले के कामरेड रामसिंह, राजू व आम आदमी पार्टी के जगदीश गुप्ता समेत कई अन्य लोग शामिल रहे।