{"_id":"582b4be84f1c1b57368fef19","slug":"mummy-in-the-line-of-notes-dad-taking-responsibility-of-baby","type":"story","status":"publish","title_hn":"मम्मी नोटों की लाइन में, पापा खिला रहे बच्चे ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मम्मी नोटों की लाइन में, पापा खिला रहे बच्चे
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
Updated Tue, 15 Nov 2016 11:24 PM IST
विज्ञापन
डाकघर स्थित लाइन में लगे ग्राहक।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नोट बंदी के प्रधानमंत्री के फैसले को हफ्ता बीतने के बाद भी आम लोगों की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। एटीएम में पैसे न होने और बैंकों में कैश की कमी की बात कहकर लोगाें को दोपहर तीन बजे के बाद ही वापस भेजा जा रहा है। वहीं केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित समयावधि सुबह साढ़े आठ से रात आठ बजे तक बैंक खोलने की जगह बैंक
कर्मचारी मनमानी पर उतारू हैं। मंगलवार को जनपद के अधिकतर बैंक पौने 11 बजे खुले। इससे कई जगह लोगों का सब्र जवाब भी दे गया। वहीं बैंक अधिकारी इस संबंध में कुछ भी
बोलने से बचते रहे। उधर नोटों की लाइन में मम्मियां भी लगी नजर आईं जबकि पापा बच्चों को खिलाते देखे गए। कारण ये कि जहां महिलाओं की लाइन है वहां लोगों का दबाव कम है। ऐसे में लोग इसका लाभ लेने से भी नहीं चूक रहे हैं। पेश है एक रिपोर्ट-
विज्ञापन
पौ फटते ही बैंक के बाहर डटे
नोट बदलने के लिए उरई, जालौन, कोंच और कालपी-माधौगढ़ के बैंकोें के बाहर सुबह सात बजे से ही लोगों की लाइनें लग गईं। लोग बैंक खुलने का इंतजार करते रहे। हालांकि मंगलवार को अधिकतर बैंक सुबह साढ़े दस बजे के बाद भी नहीं खुले। लोगों ने हंगामा शुरू किया तो प्रशासनिक अमला सक्रिय हुआ और बैंक अधिकारियों से बातकर सुबह पौने 11 बजे तक सारे बैंक खुलवा दिए गए।
कैश न होने से तीन बजे लोगों को लाटाया
जनपद में दोपहर तीन बजे के बाद अधिकतर बैंकों ने लोगों को लौटाना शुरू कर दिया। लोगों का कहना था कि बैंक उन्हें कैश न होने की बात कहकर लौटा रहे हैं। वहीं बैंक के अधिकारियों ने भी इसकी पुष्टि की। कहा कि बैंकों में कैश पैसा खतम हो गया है। इसलिए दिक्कत आ रही है।
एटीएम भी नहीं निकाल पाए पैसे
हालांकि इस वक्त एटीएम में नए 500 और 2000 के नोट आ गए हैं लेकिन यह भी लोगों की समस्याओं को दूर नहीं कर पा रहे हैं। लोगों की लाइनें दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही हैम। इसके चलते एटीएम की मशीनें भी जवाब दे रही हैं। वहीं पैसा न होने से बैंक भी दोबारा एटीएम मशीनों को लोड नहीं कर पा रहे हैं। इससे लोगों की परेशानियां बढ़ती जा रही हैं।
विज्ञापन
कर्मचारी मनमानी पर उतारू हैं। मंगलवार को जनपद के अधिकतर बैंक पौने 11 बजे खुले। इससे कई जगह लोगों का सब्र जवाब भी दे गया। वहीं बैंक अधिकारी इस संबंध में कुछ भी
विज्ञापन
बोलने से बचते रहे। उधर नोटों की लाइन में मम्मियां भी लगी नजर आईं जबकि पापा बच्चों को खिलाते देखे गए। कारण ये कि जहां महिलाओं की लाइन है वहां लोगों का दबाव कम है। ऐसे में लोग इसका लाभ लेने से भी नहीं चूक रहे हैं। पेश है एक रिपोर्ट-
विज्ञापन
पौ फटते ही बैंक के बाहर डटे
नोट बदलने के लिए उरई, जालौन, कोंच और कालपी-माधौगढ़ के बैंकोें के बाहर सुबह सात बजे से ही लोगों की लाइनें लग गईं। लोग बैंक खुलने का इंतजार करते रहे। हालांकि मंगलवार को अधिकतर बैंक सुबह साढ़े दस बजे के बाद भी नहीं खुले। लोगों ने हंगामा शुरू किया तो प्रशासनिक अमला सक्रिय हुआ और बैंक अधिकारियों से बातकर सुबह पौने 11 बजे तक सारे बैंक खुलवा दिए गए।
कैश न होने से तीन बजे लोगों को लाटाया
जनपद में दोपहर तीन बजे के बाद अधिकतर बैंकों ने लोगों को लौटाना शुरू कर दिया। लोगों का कहना था कि बैंक उन्हें कैश न होने की बात कहकर लौटा रहे हैं। वहीं बैंक के अधिकारियों ने भी इसकी पुष्टि की। कहा कि बैंकों में कैश पैसा खतम हो गया है। इसलिए दिक्कत आ रही है।
एटीएम भी नहीं निकाल पाए पैसे
हालांकि इस वक्त एटीएम में नए 500 और 2000 के नोट आ गए हैं लेकिन यह भी लोगों की समस्याओं को दूर नहीं कर पा रहे हैं। लोगों की लाइनें दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही हैम। इसके चलते एटीएम की मशीनें भी जवाब दे रही हैं। वहीं पैसा न होने से बैंक भी दोबारा एटीएम मशीनों को लोड नहीं कर पा रहे हैं। इससे लोगों की परेशानियां बढ़ती जा रही हैं।