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डीएम को बंद मिले ज्यादातर दफ्तर
अमर उजाला जालौन
Updated Thu, 27 Apr 2017 12:00 AM IST
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निरीक्षण करते डीएम नरेंद्र शंकर पांडेय।
- फोटो : अमर उजाला
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डीएम नरेंद्र शंकर पांडे ने बुधवार की सुबह नौ बजे कलक्ट्रेट का निरीक्षण कर विभागों की स्थिति देखी। उन्हें अधिकांश विभाग के कार्यालय बंद मिले। डीएम ने करीब दो दर्जन अधिकारियों और कर्मचारियों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा। डीएम की इस कार्रवाई से अधिकारियों में हड़कंप है। उधर, सीडीओ ने भी विकास भवन के विभिन्न कार्यालयों का निरीक्षण कर अधिकारियों को चेतावनी दी।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने अधिकारियों को सुबह नौ बजे से कार्यालय खोलने के निर्देश दिए हैं। इस पर अमल करने के लिए बुधवार सुबह नौ बजे अचानक डीएम नरेंद्र शंकर पांडे कलक्ट्रेट पहुंचे गए। उन्होंने कलक्ट्रेट के डीपीआरओ, पंचायती राज कार्यालय, आबकारी सहित दर्जनों कार्यालय का निरीक्षण किया। निरीक्षण में ज्यादातर कार्यालय बंद मिले। डीएम ने बंद मिले विभागों के कर्मचारियों को आफिस में बुलाकर फटकार लगाई और करीब दो दर्जन अधिकारियों और कर्मचारियों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है।
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डीएम ने बताया कि शासन के निर्देश है कि सभी अधिकारी अपने कार्यालय में बैठ कर नौ बजे से 11 बजे तक लोगों की समस्याएं सुनें। उधर, सीडीओ एसपी सिंह ने भी विकास भवन में स्थिति विभिन्न कार्यालयों का निरीक्षण किया। यहां भी कार्यालयों में ताले लटके नजर आए। सीडीओ ने अनुपस्थित अधिकारियों को चेतावनी दी है।
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डीएम ने सुनी लोगों की समस्याएं
निरीक्षण के बाद डीएम ने जनता दरबार लगाकर लोगों की समस्याओं को सुना और उनके जल्द से जल्द निस्तारण का आश्वासन दिया। मोहल्ला पटेल नगर करसान रोड की गीता, नाजिया, मुन्नी, फातिमा आदि ने डीएम को शिकायती पत्र देकर बताया कि उनके मोहल्ले में पीने के पानी की परेशानी है। बताया कि मोहल्ले में करीब 500 परिवार रहते हैं, लेकिन एक भी हैंडपंप ठीक नहीं है। कई बार शिकायतों के बाद भी जलनिगम के अधिकारियों ने कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की। इस पर डीएम ने जल्द से जल्द समस्या के निस्तारण का आश्वासन दिया। उधर, नदी गांव ब्लाक के देवगांव के आधा दर्जन ग्रामीणों ने कोटेदार की शिकायत कर खाद्यान्न दिलाने की मांग की।