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दोस्त की जिंदगी बचाने में चली गई जान
Tue, 12 Feb 2019 12:21 AM IST
gaurav gaurav
अमर उजाला ब्यूूराे जालाैन
अमर उजाला ब्यूूराे जालाैन
Published by: gaurav gaurav
Updated Tue, 12 Feb 2019 12:21 AM IST
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फिरोज की फाइल फोटो।
- फोटो : amar ujala
अनियंत्रित होकर पलटे डंपर के क्लीनर असलम और चालक फिरोज की दोस्ती भी काफी पुरानी थी। डंपर पलटने के बाद फिरोज चाहता तो उससे दूर खड़ा हो सकता था लेकिन वह असलम को बार बार दिलासा देते हुए उसे बचाने में जुट गया, क्या पता था कि कुछ पलों बाद तीसरा डंपर उसकी मौत बनकर उसे हमेशा के लिए दुनिया से अलविदा करा देगा।
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एट के सोमई निवासी सुशील को क्या पता था जिस डंपर को वह अपनी रोजी रोटी मानता है, वहीं डंपर एक दिन उसकी चिता बन जाएगा। लपटों से घिरा सुशील डंपर में फंसकर चीखता चिल्लाता रहा लेकिन आग इतनी भयावह थी कि कोई पास जाने की हिम्मत नहीं कर पा रहा था। आखिर में पहले सुशील की चीखें शांत हुई और इसके बाद डंपर की लपटे ठंडी पड़ी।
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