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31 को एडीएम के सामने होगी पंचायत सदस्यों की परेड
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माधौगढ़। ब्लाक प्रमुख की कुर्सी को लेकर मचे घमासान के बीच शनिवार को उपजिलाधिकारी ने पत्रावलियों की जांच के बाद परेड की तिथि का निर्धारण कर दिया है। तिथि निर्धारित होते ही माधौगढ़ क्षेत्र की राजनीति गरमा गई है। वहीं कुर्सी पर कब्जा मनाने के लिए दोनों पक्ष एड़ी चोटी का जोर लगाए है।
बता दें कि 5 अक्तूबर को पंचायत सदस्य अजीत राठौर के नेतृत्व में 61 में से 48 क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने जिलाधिकारी डा. मन्नान अख्तर के समक्ष उपस्थित होकर माधौगढ़ ब्लाक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव किया था। जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेकर हुए एसडीएम सालिकराम को पत्रावली भेज कर जल्द कार्रवाई के निर्देश दिए है।
जिलाधिकारी के निर्देश के बाद शनिवार को उपजिलाधिकारी ने पत्रावलियों की जांच कर 31 अक्टूबर को परेड की तिथि निर्धारित कर दी है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र पंचायत सदस्यों की परेड व शपथ पत्रों की जांच 31 अक्तूबर को तहसील परिसर में तीन सदस्यीय समिति के सामने की होगी। जिससे क्षेत्र पंचायत सदस्यों में गहमागहमी शुरू हो गई है। जिले के बड़े नेताओं ने माधौगढ़ के क्षेत्र पंचायतों से संपर्क साधना शुरू कर दिया है।
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परेड की होगी वीडियोग्राफी
माधौगढ़ एसडीएम सालिकराम ने बताया कि परेड में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए जिलाधिकारी के निर्देश पर परेड की वीडियोग्राफी कराई जाएगी, जिससे की परेड की कार्रवाई निष्पक्ष पूर्ण कराई जा सके।
सपा के टिकट पर जीता था चुनाव
माधौगढ़। मालूम हो कि ब्लाक प्रमुख के चुनाव में सोनिया राठौर पत्नी अरविंद व अकल राजपूत के बीच चुनाव हुआ था। तब सोनिया राठौर समाजवादी पार्टी में थी और सत्ता की हनक के आगे सोनिया राठौर चुनाव जीत गईं थीं। सत्ता बदलने के साथ ही ब्लाक प्रमुख सोनिया राठौर व पति अरविंद ने भाजपा का दामन थाम लिया, लेकिन फिर भी दो बार उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव दाखिल हो चुके हैं।
पंचायत सदस्यों ने कोर्ट में भी दी याचिका
माधौगढ़। बता दें कि अभी हाल ही में रामपुरा ब्लाक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास हुआ था, जिसे लेकर रामपुरा ब्लाक प्रमुख हाईकोर्ट चले गए और हाईकोर्ट ने भी उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए उन्हें राहत दी और अविश्वास पर स्टे लगा दिया। इसके देखते हुए माधौगढ़ के पंचायत सदस्यों ने पहले ही इलाहाबाद हाई कोर्ट में भी याचिका दायर कर दी है। जिससे ब्लाक प्रमुख को स्टे न मिल सके।
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बता दें कि 5 अक्तूबर को पंचायत सदस्य अजीत राठौर के नेतृत्व में 61 में से 48 क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने जिलाधिकारी डा. मन्नान अख्तर के समक्ष उपस्थित होकर माधौगढ़ ब्लाक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव किया था। जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेकर हुए एसडीएम सालिकराम को पत्रावली भेज कर जल्द कार्रवाई के निर्देश दिए है।
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जिलाधिकारी के निर्देश के बाद शनिवार को उपजिलाधिकारी ने पत्रावलियों की जांच कर 31 अक्टूबर को परेड की तिथि निर्धारित कर दी है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र पंचायत सदस्यों की परेड व शपथ पत्रों की जांच 31 अक्तूबर को तहसील परिसर में तीन सदस्यीय समिति के सामने की होगी। जिससे क्षेत्र पंचायत सदस्यों में गहमागहमी शुरू हो गई है। जिले के बड़े नेताओं ने माधौगढ़ के क्षेत्र पंचायतों से संपर्क साधना शुरू कर दिया है।
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परेड की होगी वीडियोग्राफी
माधौगढ़ एसडीएम सालिकराम ने बताया कि परेड में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए जिलाधिकारी के निर्देश पर परेड की वीडियोग्राफी कराई जाएगी, जिससे की परेड की कार्रवाई निष्पक्ष पूर्ण कराई जा सके।
सपा के टिकट पर जीता था चुनाव
माधौगढ़। मालूम हो कि ब्लाक प्रमुख के चुनाव में सोनिया राठौर पत्नी अरविंद व अकल राजपूत के बीच चुनाव हुआ था। तब सोनिया राठौर समाजवादी पार्टी में थी और सत्ता की हनक के आगे सोनिया राठौर चुनाव जीत गईं थीं। सत्ता बदलने के साथ ही ब्लाक प्रमुख सोनिया राठौर व पति अरविंद ने भाजपा का दामन थाम लिया, लेकिन फिर भी दो बार उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव दाखिल हो चुके हैं।
पंचायत सदस्यों ने कोर्ट में भी दी याचिका
माधौगढ़। बता दें कि अभी हाल ही में रामपुरा ब्लाक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास हुआ था, जिसे लेकर रामपुरा ब्लाक प्रमुख हाईकोर्ट चले गए और हाईकोर्ट ने भी उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए उन्हें राहत दी और अविश्वास पर स्टे लगा दिया। इसके देखते हुए माधौगढ़ के पंचायत सदस्यों ने पहले ही इलाहाबाद हाई कोर्ट में भी याचिका दायर कर दी है। जिससे ब्लाक प्रमुख को स्टे न मिल सके।