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मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना से होगी अनाथ बच्चों की मदद
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उरई। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना से अनाथ बच्चों की मदद होगी। यह जानकारी जिला कारागार में आयोजित विधिक साक्षरता शिविर में दी गई।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में शिविर का आयोजन किया गया। शिविर की अध्यक्षता करते हुए सचिव रेनू यादव ने मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के संबंध में बताया कि कोरोना काल में जिन बच्चों के माता-पिता या अभिभावक दिवंगत हो गए हैं, उनकी सहायता के लिए नीति बनाई गई है। इसमें अनाथ बच्चों की निशुल्क शिक्षा, छात्रावास व उनके भरण-पोषण के लिए चार हजार रुपये प्रतिमाह दिए जाने का प्रावधान है। इसके लिए जिला एवं तहसील स्तर पर समितियां बनाई गई हैं। उन्होंने कोविड-19 से बचाव की भी जानकारी दी।
उन्होंने बंदियों से वैक्सीनेशन कराने को कहा। कहा कि इस बीमारी के ठीक होने के बाद अन्य प्रकार की बीमारियों के लक्षण दिखने लगते हैं। ऐसे में सजग रहने की जरूरत है। प्रभारी जेल अधीक्षक सुनीत कुमार ने बताया कि लंबे समय से बंदियों के साथ परिजनों की मुलाकात पर रोक चल रही थी। कारागार निदेशालय से प्राप्त निर्देशों के अनुसार बंदियों से मुलाकात के लिए उनके परिजनों का आरटीपीसीआर टेस्ट की निगेटिव रिपोर्ट 72 घंटे के अंदर का होना आवश्यक है। इस दौरान अवधेश सोनी, योगेन्द्र तखेले, रामदेव चतुर्वेदी, दीपक नरायण, धर्मेंद्र, करन सिंह यादव, महेश परिहार, महेंद्र मिश्रा, मनीषा चतुर्वेदी, रामनारायण, प्रतापभान, अनुज, बृजेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में शिविर का आयोजन किया गया। शिविर की अध्यक्षता करते हुए सचिव रेनू यादव ने मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के संबंध में बताया कि कोरोना काल में जिन बच्चों के माता-पिता या अभिभावक दिवंगत हो गए हैं, उनकी सहायता के लिए नीति बनाई गई है। इसमें अनाथ बच्चों की निशुल्क शिक्षा, छात्रावास व उनके भरण-पोषण के लिए चार हजार रुपये प्रतिमाह दिए जाने का प्रावधान है। इसके लिए जिला एवं तहसील स्तर पर समितियां बनाई गई हैं। उन्होंने कोविड-19 से बचाव की भी जानकारी दी।
उन्होंने बंदियों से वैक्सीनेशन कराने को कहा। कहा कि इस बीमारी के ठीक होने के बाद अन्य प्रकार की बीमारियों के लक्षण दिखने लगते हैं। ऐसे में सजग रहने की जरूरत है। प्रभारी जेल अधीक्षक सुनीत कुमार ने बताया कि लंबे समय से बंदियों के साथ परिजनों की मुलाकात पर रोक चल रही थी। कारागार निदेशालय से प्राप्त निर्देशों के अनुसार बंदियों से मुलाकात के लिए उनके परिजनों का आरटीपीसीआर टेस्ट की निगेटिव रिपोर्ट 72 घंटे के अंदर का होना आवश्यक है। इस दौरान अवधेश सोनी, योगेन्द्र तखेले, रामदेव चतुर्वेदी, दीपक नरायण, धर्मेंद्र, करन सिंह यादव, महेश परिहार, महेंद्र मिश्रा, मनीषा चतुर्वेदी, रामनारायण, प्रतापभान, अनुज, बृजेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
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