जालौन: हेल्थ सेंटर घोटाले में एडी और एसीएमओ फंसे, 2018-19 में हेल्थ वेलनेस सेंटर में हुए थे तब्दील
मंडलायुक्त ने दोनों अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की है। जानकारी के मुताबिक ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए 2018-19 में ग्रामीण स्वास्थ्य उपकेंद्रों को करीब 55 करोड़ रुपये की लागत से हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में तब्दील करने की योजना शुरू की गई थी।
जिसके अंतर्गत सभी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों पर एक-एक जीएनएम कक्ष का निर्माण और अन्य निर्माण कार्य के लिए जिलाधिकारी ने ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को जिम्मेदारी दी थी। स्वास्थ्य विभाग के अवर अभियंता ने प्रति स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण के लिए 3.51 लाख रुपये की धनराशि का स्टीमेट बनाया था।
इस पर शासन से तत्कालीन झांसी मंडलायुक्त सुभाष चंद्र मामले की जांच सौंपी गई थी। कमिश्नर ने जांच में दोनों चिकित्सा अधिकारियों को दोषी पाया है और उनके खिलाफ शासन से कार्रवाई की संस्तुति की है। इसके बाद शासन ने निदेशक प्रशासन को जांच अधिकारी मनोनीत किया है।
मुझे अभी तक किसी भी जांच के संबंध में जानकारी नहीं है। न ही मेरे पास जांच के संबंध में कोई पत्र आया है और न ही किसी ने पूछताछ की है। यदि शासन स्तर से कोई जांच आती है, तो मैं अपना पक्ष रख रखूंगी।
डॉ. अल्पना बरतारिया, एडी हेल्थ, झांसी