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आईटीबीपी जवान के बेटे ने खुद को गोली से उड़ाया
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मृतक नरेंद्र पाल सिंह की फाइल फोटो
- फोटो : ORAI
एट (जालौन)। आईटीबीपी में तैनात जवान के इकलौते बेटे ने खुद को तमंचे से गोली मारकर आत्महत्या कर ली। कुछ देर बाद मौके पर पहुंचे रिश्तेदारों ने जब युवक का लहूलुहान शव देख चीख पड़े। सूचना पाकर पुलिस और फोरेंसिक भी मौके पर पहुंच गई। थाना प्रभारी अरुण तिवारी ने बताया कि युवक गुरुवार सुबह ही उरई स्थित अपने घर से गांव आया था। परिजनों से आत्महत्या के कारणों का पता किया जा रहा है।
उरई के पाठकपुरा निवासी आईटीबीपी में जवान के पद पर लद्दाख में तैनात वीरसिंह का पैतृक गांव एट के टिकरिया में है। गुरुवार सुबह वीरसिंह का इकलौता बेटा नरेंद्र कुमार (22) घरवालों से किसी बात पर नाराज होकर बाइक से गांव टिकरिया स्थित घर पहुंच गया। वीरसिंह के घर से कुछ दूरी पर उनके बड़े भाई मलखान का भी घर है। गुरुवार देर शाम मलखान अपने भतीजे से मिलने उसके घर पहुंचे तो देखा कि आंगन में नरेंद्र का लहूलुहान शव पड़ा था। गोली उसके गले से जबड़े को चीरते हुए निकली थी।
उसके हाथ के पास ही तमंचा पड़ा था। सूचना पर पहुंची पुलिस मामले को आत्महत्या ही मान रही है। घटना की जानकारी मिलते ही बदहवास मां वंदना और बहन आरती भी गांव पहुंच गई। पूरे गांव में कोहराम सा मच गया। रिश्तेदारों ने पुलिस को बताया कि एक साल पहले नरेंद्र बीटेक करने के लिए पंजाब गया था, लेकिन पढ़ाई बीच में छोड़कर चला आया था। थाना प्रभारी के मुताबिक परिजनों के अलावा नरेंद्र के करीबी साथियों से भी पूछताछ की जा रही है, ताकि सुसाइड की कोई वजह निकल कर सामने आ सके। इसके अलावा नरेंद्र के पास तमंचा कहां से आया, इसका भी पता किया जा रहा है। फोरेंसिक टीम ने भी तमंचे से उंगलियों के निशान लिए हैं।
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उरई के पाठकपुरा निवासी आईटीबीपी में जवान के पद पर लद्दाख में तैनात वीरसिंह का पैतृक गांव एट के टिकरिया में है। गुरुवार सुबह वीरसिंह का इकलौता बेटा नरेंद्र कुमार (22) घरवालों से किसी बात पर नाराज होकर बाइक से गांव टिकरिया स्थित घर पहुंच गया। वीरसिंह के घर से कुछ दूरी पर उनके बड़े भाई मलखान का भी घर है। गुरुवार देर शाम मलखान अपने भतीजे से मिलने उसके घर पहुंचे तो देखा कि आंगन में नरेंद्र का लहूलुहान शव पड़ा था। गोली उसके गले से जबड़े को चीरते हुए निकली थी।
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उसके हाथ के पास ही तमंचा पड़ा था। सूचना पर पहुंची पुलिस मामले को आत्महत्या ही मान रही है। घटना की जानकारी मिलते ही बदहवास मां वंदना और बहन आरती भी गांव पहुंच गई। पूरे गांव में कोहराम सा मच गया। रिश्तेदारों ने पुलिस को बताया कि एक साल पहले नरेंद्र बीटेक करने के लिए पंजाब गया था, लेकिन पढ़ाई बीच में छोड़कर चला आया था। थाना प्रभारी के मुताबिक परिजनों के अलावा नरेंद्र के करीबी साथियों से भी पूछताछ की जा रही है, ताकि सुसाइड की कोई वजह निकल कर सामने आ सके। इसके अलावा नरेंद्र के पास तमंचा कहां से आया, इसका भी पता किया जा रहा है। फोरेंसिक टीम ने भी तमंचे से उंगलियों के निशान लिए हैं।

घटना पर पड़ा तमंचा- फोटो : ORAI

एट पुलिस मौके पर जानकारी लेती- फोटो : ORAI
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