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चाइल्ड लाइन की मदद से परिजनों से मिला मासूम
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दादी कुसमा की गोद में बच्चा साथ में खड़े दादा गोले
- फोटो : ORAI
उरई। चाइल्ड लाइन की मदद से लावारिस मासूम को अपनों की गोद में मिल गई। 31 जनवरी को कालपी में पुलिस के हाथ लगा यह बच्चा चाइल्ड लाइन को सुपुर्द किया गया था।
चाइल्ड लाइन टीम ने बच्चे को घर जैसा वातावरण उपलब्ध कराया। टीम को पता चला कि उरई कोतवाली की बस स्टैंड चौकी में गत 2 जनवरी को दो वर्ष के बच्चे के गुम होने की रिपोर्ट पिता ने दर्ज कराई है। इसके आधार पर चाइल्ड लाइन ने खोजबीन की तो मालूम हुआ कि बच्चे का पिता झांसी जिले के कुरैंठा का रहने वाला है। टीम ने कुरैंठा में संपर्क किया।
पता चला कि बच्चे का पिता कहीं और चला गया है। मां भी घर पर नहीं मिली। चाइल्ड लाइन की टीम ने बच्चे के दादा-दादी संपर्क किया। निर्धन दादा गोले पाल व दादी कुसुमा को उरई आकर बच्चे को ले जाने की व्यवस्था की। चाइल्ड लाइन के जिला समन्वयक शिवमंगल सिंह ने बताया कि इस बीच कई लोगों ने बच्चा गोद लेने की बात भी कही थी पर हमने प्रयास से उसके परिजनों से उसे मिला दिया।
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चाइल्ड लाइन टीम ने बच्चे को घर जैसा वातावरण उपलब्ध कराया। टीम को पता चला कि उरई कोतवाली की बस स्टैंड चौकी में गत 2 जनवरी को दो वर्ष के बच्चे के गुम होने की रिपोर्ट पिता ने दर्ज कराई है। इसके आधार पर चाइल्ड लाइन ने खोजबीन की तो मालूम हुआ कि बच्चे का पिता झांसी जिले के कुरैंठा का रहने वाला है। टीम ने कुरैंठा में संपर्क किया।
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पता चला कि बच्चे का पिता कहीं और चला गया है। मां भी घर पर नहीं मिली। चाइल्ड लाइन की टीम ने बच्चे के दादा-दादी संपर्क किया। निर्धन दादा गोले पाल व दादी कुसुमा को उरई आकर बच्चे को ले जाने की व्यवस्था की। चाइल्ड लाइन के जिला समन्वयक शिवमंगल सिंह ने बताया कि इस बीच कई लोगों ने बच्चा गोद लेने की बात भी कही थी पर हमने प्रयास से उसके परिजनों से उसे मिला दिया।
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