{"_id":"640cc8c7ad2b69a5de0700a4","slug":"innocent-death-in-medical-college-relatives-created-ruckus-orai-news-c-12-1-118490-2023-03-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jalaun News: मेडिकल कॉलेज में मासूम की मौत, परिजनों ने किया हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jalaun News: मेडिकल कॉलेज में मासूम की मौत, परिजनों ने किया हंगामा
Sun, 12 Mar 2023 12:00 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
Updated Sun, 12 Mar 2023 12:00 AM IST
विज्ञापन
उरई। राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती ढाई माह की बच्ची की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टर व स्वास्थ्य कर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा किया। उन्होंने कार्रवाई की मांग को लेकर कोतवाली में तहरीर दी है। इसमें रुपये मांगने का भी आरोप लगाया है।
थाना व कस्बा आटा निवासी मुन्ना ने ढाई माह की बेटी को शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग में भर्ती कराया था। आरोप है कि चिकित्सक व कर्मचारी ने इलाज में लापरवाही की। यही नहीं इलाज के नाम पर 15 हजार रुपये की मांग भी की। उचित इलाज न मिलने से रात में करीब आठ बजे उसकी बेटी की मौत हो गई। युवक ने मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया है। वहीं इस मामले में मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. डी नाथ का कहना है कि बच्चा निमोनिया से पीड़ित था। परिजन पहले गांव में ही झाडफ़ूंक कराते रहे। बच्ची के इलाज में लापरवाही नहीं की गई। दो बजे के पहले डॉक्टर ने इंजेक्शन और दवाई दी थी।फिर भी मरीज की शिकायत की जांच की जाएगी।
विज्ञापन
थाना व कस्बा आटा निवासी मुन्ना ने ढाई माह की बेटी को शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग में भर्ती कराया था। आरोप है कि चिकित्सक व कर्मचारी ने इलाज में लापरवाही की। यही नहीं इलाज के नाम पर 15 हजार रुपये की मांग भी की। उचित इलाज न मिलने से रात में करीब आठ बजे उसकी बेटी की मौत हो गई। युवक ने मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया है। वहीं इस मामले में मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. डी नाथ का कहना है कि बच्चा निमोनिया से पीड़ित था। परिजन पहले गांव में ही झाडफ़ूंक कराते रहे। बच्ची के इलाज में लापरवाही नहीं की गई। दो बजे के पहले डॉक्टर ने इंजेक्शन और दवाई दी थी।फिर भी मरीज की शिकायत की जांच की जाएगी।
विज्ञापन