{"_id":"57618cb74f1c1b4d1f11cd8f","slug":"increase-yields-from-organic-fertilizer","type":"story","status":"publish","title_hn":"जैविक उर्वरक से बढ़ाएं पैदावार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जैविक उर्वरक से बढ़ाएं पैदावार
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
Updated Wed, 15 Jun 2016 10:43 PM IST
विज्ञापन
खरीफ गोष्ठी को संबोधित करते भाकियू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बलराम सिंह
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिला स्तरीय खरीफ गोष्ठी का आयोजन बुधवार को शहर के एक होटल में किया गया। इसमें बताया गया कि किसान उत्पादन बढ़ाने के लिए जैविक खाद का उपयोग करें और समय-समय पर खेत की मिट्टी का परीक्षण अवश्य कराएं। कृषि वैज्ञानिकों ने वैज्ञानिक ढंग से खेती करने के तरीके भी बताए। गोष्ठी में लगी प्रदर्शनी के स्टालों पर किसानों को कृषि
संबंधी नई तकनीकी के फोल्डर भी उपलब्ध कराए गए। उधर, भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बलराम सिंह लंबरदार व किसानों ने बीमा कंपनी के नियमों पर सवाल उठाया और कहा कि उन्हें फसल बीमा का पूरा लाभ नहीं मिल रहा। प्रशासनिक अधिकारी भी कंपनी के इशारे पर रिपोर्ट तैयार करते है। गोष्ठी का शुभारंभ डीएम संदीप कौर और सदर
विधायक दयाशंकर वर्मा ने दीप जला कर किया। डीएम ने किसानों से कहा कि सूखे से जूझ रहे किसान मेंथा की खेती न करें। इसके विकल्प की तलाश करें और कृषि वैज्ञानिकों से सलाह लें। किसान सरकार की योजनाओं का लाभ लेने के लिए रजिस्ट्रेशन कराएं। सोलर पंप योजना का लाभ उठाएं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2014-15 में हुए नुकसान पर मिली राहत का जो
विज्ञापन
भी पैसा अटका हुआ है उसके लिए शासन को पत्र लिखा जाएगा। सदर विधायक दयाशंकर वर्मा ने भी सरकार की ओर से संचालित योजनाओं की जानकारी दी गोष्ठी में प्रगतिशील किसानों ने खरीफ फसल के लिए अपने अनुभव भी साझा किए। किसान अशोक सिंह ने बताया कि उन्होंने रासायनिक उर्वरक को बंद कर हरी व जैविक खाद का उपयोग शुरू किया है
तबसे अच्छा उत्पादन मिलना शुरू हुआ है। उन्होंने सुझाव दिए कि किसान जैविक उर्वरक का अधिक इस्तेमाल करें। लक्ष्मी नारायण चतुर्वेदी ने बताया कि किसान शाकभाजी के साथ फलों की खेती भी करें। राजवीर सिंह जादौन ने कहा कि उद्यान विभाग अपने कामों का सत्यापन करे और लेखपालों की मनमानी पर अंकुश लगाया जाए। उप कृषि निदेशक अनिल
कुमार पाठक ने कृषि विभाग की संचालित योजनाओं की क्रम वार जानकारी दी। वैज्ञानिक डा. राजीव कुमार सिंह ने दलहनी और तिलहनी फसलों की जानकारी दी। डा. खलील खान ने मृदा परीक्षण और भूमि शोधन के बारे में बताया। गोष्ठी में सीडीओ एसपी सिंह, डीडीओ आरएस गौतम, सीबीओ डा. एसके शाक्य, जिला उद्यान अधिकारी गमपाल सिंह, राकेश वर्मा, एके
गौड़, राम किशोर, चौधरी विष्णु पाल सिंह गुर्जर, भानु राजपूत और भीम सिंह यादव मौजूद रहे। प्रदर्शनी में उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण, सिंचाई विभाग, मत्स्य पालन, यूपी स्टेट एग्रो लि., बाल विकास परियोजना, कृषि विभाग मृदा परीक्षण, कृषि रक्षा सेवा अभिकरण, कृषि विभाग, पंचायती राज विभाग, इलाहाबाद बैंक, भूमि संरक्षण विभाग, नेडा विभाग सहित बीज व उर्वरक कंपनी के स्टाल लगाए गए।
विज्ञापन
संबंधी नई तकनीकी के फोल्डर भी उपलब्ध कराए गए। उधर, भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बलराम सिंह लंबरदार व किसानों ने बीमा कंपनी के नियमों पर सवाल उठाया और कहा कि उन्हें फसल बीमा का पूरा लाभ नहीं मिल रहा। प्रशासनिक अधिकारी भी कंपनी के इशारे पर रिपोर्ट तैयार करते है। गोष्ठी का शुभारंभ डीएम संदीप कौर और सदर
विज्ञापन
विधायक दयाशंकर वर्मा ने दीप जला कर किया। डीएम ने किसानों से कहा कि सूखे से जूझ रहे किसान मेंथा की खेती न करें। इसके विकल्प की तलाश करें और कृषि वैज्ञानिकों से सलाह लें। किसान सरकार की योजनाओं का लाभ लेने के लिए रजिस्ट्रेशन कराएं। सोलर पंप योजना का लाभ उठाएं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2014-15 में हुए नुकसान पर मिली राहत का जो
विज्ञापन
भी पैसा अटका हुआ है उसके लिए शासन को पत्र लिखा जाएगा। सदर विधायक दयाशंकर वर्मा ने भी सरकार की ओर से संचालित योजनाओं की जानकारी दी गोष्ठी में प्रगतिशील किसानों ने खरीफ फसल के लिए अपने अनुभव भी साझा किए। किसान अशोक सिंह ने बताया कि उन्होंने रासायनिक उर्वरक को बंद कर हरी व जैविक खाद का उपयोग शुरू किया है
तबसे अच्छा उत्पादन मिलना शुरू हुआ है। उन्होंने सुझाव दिए कि किसान जैविक उर्वरक का अधिक इस्तेमाल करें। लक्ष्मी नारायण चतुर्वेदी ने बताया कि किसान शाकभाजी के साथ फलों की खेती भी करें। राजवीर सिंह जादौन ने कहा कि उद्यान विभाग अपने कामों का सत्यापन करे और लेखपालों की मनमानी पर अंकुश लगाया जाए। उप कृषि निदेशक अनिल
कुमार पाठक ने कृषि विभाग की संचालित योजनाओं की क्रम वार जानकारी दी। वैज्ञानिक डा. राजीव कुमार सिंह ने दलहनी और तिलहनी फसलों की जानकारी दी। डा. खलील खान ने मृदा परीक्षण और भूमि शोधन के बारे में बताया। गोष्ठी में सीडीओ एसपी सिंह, डीडीओ आरएस गौतम, सीबीओ डा. एसके शाक्य, जिला उद्यान अधिकारी गमपाल सिंह, राकेश वर्मा, एके
गौड़, राम किशोर, चौधरी विष्णु पाल सिंह गुर्जर, भानु राजपूत और भीम सिंह यादव मौजूद रहे। प्रदर्शनी में उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण, सिंचाई विभाग, मत्स्य पालन, यूपी स्टेट एग्रो लि., बाल विकास परियोजना, कृषि विभाग मृदा परीक्षण, कृषि रक्षा सेवा अभिकरण, कृषि विभाग, पंचायती राज विभाग, इलाहाबाद बैंक, भूमि संरक्षण विभाग, नेडा विभाग सहित बीज व उर्वरक कंपनी के स्टाल लगाए गए।