{"_id":"5712743d4f1c1bba664a6b75","slug":"in-jalaun-water-contract","type":"story","status":"publish","title_hn":"जालौन में अब पानी की ठेकेदारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जालौन में अब पानी की ठेकेदारी
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
Updated Sat, 16 Apr 2016 10:49 PM IST
विज्ञापन
Water Waste
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सूखे से कराह रहे बुंदेलखंड में आम लोगों पर अब एक और मार पड़ रही है। पानी की आपूर्ति के लिए जिन जगहों पर टैंकर भेजे गए वहां ठेकेदारों ने इन पर कब्जा कर लिया है। ठेकेदार बाकायदा इन टैंकरों को भरवाकर ग्राम पंचायतों में जाते हैं और लोगों से पैसे लेकर पानी देते हैं। ऐसे में दाने-दाने को मोहताज ग्रामीणों को पानी भी खरीदकर पीना पड़ रहा है। जहां पैसा
नहीं मिलता वहां ठेकेदार टैंकर जाने ही नहीं देते। इस बात का खुलासा ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को भेजे शिकायती पत्र में किया है। डीएम के भेजी गई शिकायत के अनुसार जालौन की कोटरा नगर पंचायत में पानी की सप्लाई के लिए दो टैंकरों की खरीद की गई है। इन टैंकरों पर ठेेकेेदारों ने कब्जा कर लिया है। इससे कस्बे के लोगों को पानी नहीं मिल पा रहा है।
विभाग में शिकायत किए जाने के बाद भी सुनवाई नहीं हो रही है। लोगों ने डीएम संदीप कौर से मामले की जांच कराकर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। क्षेत्रीय लोगों की मानें तो ठेकेदार इन टैंकरों का इस्तेमाल दूरदराज के इलाकों में पानी की बिक्री के लिए कर रहे हैं। इसलिए लोगों की मांग के बावजूद इन टैंकरों को क्षेत्र में पानी की आपूर्ति के लिए नहीं लगाया
विज्ञापन
जा सका है। उधर, गरीब किसान मजबूरी में पानी के लिए पैसे दे रहे हैं। शिकायत में कहा गया है कि ठेकेदारों के कब्जा कर लेने से इन टैंकरों का लाभ आम लोगों को नहीं मिल पा रहा है।
उन लोगों ने विभागीय अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन उन्होेंने इस ओर ध्यान नहीं दिया। रामकिशोर, कमलेश केेवट, रामकुमार, अब्दुल आदि पीड़ितों ने ने डीएम संदीप कौर को भेजे शिकायती पत्र में समस्या बताते हुए निदान की मांग की है।
तपती धूप में मीलों दूर से ला रहे पानी
ठेकेदाराें द्वारा टैंकर पर कब्जा करने और पैसे लेकर पानी बेचने से परेशान गरीब किसान तपती धूप में मीलों चलकर पानी लाने को मजबूर हैं। विभागीय अधिकारी सब कुछ जानने के बाद भी अनजान बने हुए हैं।
इन इलाकों में भी संकट
कस्बा कोटरा केे नारोघाट, मुगलाना घाट समेत आदि इलाकों में इस समय पानी का संकट है। यहां पर हैंडपंपों की भी खासी कमी है। जो इक्का दुक्का सही हैं, उनमेें भी सुबह से ही लोगोें की लाइन लगनी शुरू हो जाती है और देर शाम तक भीड़ लगी रहती है।
बोले जिम्मेदार
नगर पंचायत की ओर से मंगाए गए टैंकरों से विभागीय कार्य ही कराया जाता है। टैंकर न तो ठेकेदारों के हवाले हैं और न ही इनसे कोई निजी काम कराया जाता है। हालांकि इस मामले की जांच कराएंगे। यदि इस तरह का मामला सामने आता है तो कार्रवाई की जाएगी।- पातीराम, अध्यक्ष, नगर पंचायत, कोटरा
विज्ञापन
नहीं मिलता वहां ठेकेदार टैंकर जाने ही नहीं देते। इस बात का खुलासा ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को भेजे शिकायती पत्र में किया है। डीएम के भेजी गई शिकायत के अनुसार जालौन की कोटरा नगर पंचायत में पानी की सप्लाई के लिए दो टैंकरों की खरीद की गई है। इन टैंकरों पर ठेेकेेदारों ने कब्जा कर लिया है। इससे कस्बे के लोगों को पानी नहीं मिल पा रहा है।
विज्ञापन
विभाग में शिकायत किए जाने के बाद भी सुनवाई नहीं हो रही है। लोगों ने डीएम संदीप कौर से मामले की जांच कराकर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। क्षेत्रीय लोगों की मानें तो ठेकेदार इन टैंकरों का इस्तेमाल दूरदराज के इलाकों में पानी की बिक्री के लिए कर रहे हैं। इसलिए लोगों की मांग के बावजूद इन टैंकरों को क्षेत्र में पानी की आपूर्ति के लिए नहीं लगाया
विज्ञापन
जा सका है। उधर, गरीब किसान मजबूरी में पानी के लिए पैसे दे रहे हैं। शिकायत में कहा गया है कि ठेकेदारों के कब्जा कर लेने से इन टैंकरों का लाभ आम लोगों को नहीं मिल पा रहा है।
उन लोगों ने विभागीय अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन उन्होेंने इस ओर ध्यान नहीं दिया। रामकिशोर, कमलेश केेवट, रामकुमार, अब्दुल आदि पीड़ितों ने ने डीएम संदीप कौर को भेजे शिकायती पत्र में समस्या बताते हुए निदान की मांग की है।
तपती धूप में मीलों दूर से ला रहे पानी
ठेकेदाराें द्वारा टैंकर पर कब्जा करने और पैसे लेकर पानी बेचने से परेशान गरीब किसान तपती धूप में मीलों चलकर पानी लाने को मजबूर हैं। विभागीय अधिकारी सब कुछ जानने के बाद भी अनजान बने हुए हैं।
इन इलाकों में भी संकट
कस्बा कोटरा केे नारोघाट, मुगलाना घाट समेत आदि इलाकों में इस समय पानी का संकट है। यहां पर हैंडपंपों की भी खासी कमी है। जो इक्का दुक्का सही हैं, उनमेें भी सुबह से ही लोगोें की लाइन लगनी शुरू हो जाती है और देर शाम तक भीड़ लगी रहती है।
बोले जिम्मेदार
नगर पंचायत की ओर से मंगाए गए टैंकरों से विभागीय कार्य ही कराया जाता है। टैंकर न तो ठेकेदारों के हवाले हैं और न ही इनसे कोई निजी काम कराया जाता है। हालांकि इस मामले की जांच कराएंगे। यदि इस तरह का मामला सामने आता है तो कार्रवाई की जाएगी।- पातीराम, अध्यक्ष, नगर पंचायत, कोटरा