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Jalaun News: सड़क हादसे में पहले घायल का करें इलाज, फिर करें दूसरे काम
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संवाद न्यूज एजेंसी
उरई। सड़क सुरक्षा पखवाड़े के अंतर्गत एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन जिला अस्पताल के सभागार में किया गया। इसमें चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मियों को आईरेड एप पर काम करने का तरीका समझाया गया।
सड़क सुरक्षा के नोडल अधिकारी व एसीएमओ डॉ. एसडी चौधरी ने बताया कि इंट्रीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डाटाबेस में हर सड़क हादसे की फीडिंग करना जरूरी है। इस एप से पुलिस, परिवहन, स्वास्थ्य, सड़क निर्माण विभाग और बीमा एजेंसी को जोड़ा गया है। पांच विभाग मिलकर सड़क हादसों को रोकने और हादसे में घायल होेने वालों को मदद में अपनी भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि मरीज को इलाज देने में किसी तरह की कोताही न बरती जाए।
सीएमएस डॉ. अविनेश कुमार ने कहा कि मरीज को इलाज पहली प्राथमिकता है। इसके बाद पुलिस और अन्य डाटा फीडिंग का काम होना चाहिए। एनआईसी के जिला प्रबंधक रोल आउट प्रवीण कुमार ने बताया कि सड़क हादसों की निगरानी के लिए आई रेड एप बनाया गया है। इस एप से सभी सीएचसी, पीएचसी, जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज को जोड़ा गया है। इसमें सड़क हादसों से आकंड़े एकत्रित कर सड़क हादसों की रोकथाम के लिए कार्ययोजना बनाई जाएगी।
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इस दौरान डॉ. श्रवण कुमार, डॉ. पंकज वर्मा, डॉ. अनुपम मिश्रा, ड़ॉ सोनू गौतम, अवधेश सैनी, मिथलेश वर्मा, लालता प्रसाद, रवि, संजय कुमार, दीपक, अकरम आदि मौजूद रहे।
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उरई। सड़क सुरक्षा पखवाड़े के अंतर्गत एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन जिला अस्पताल के सभागार में किया गया। इसमें चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मियों को आईरेड एप पर काम करने का तरीका समझाया गया।
सड़क सुरक्षा के नोडल अधिकारी व एसीएमओ डॉ. एसडी चौधरी ने बताया कि इंट्रीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डाटाबेस में हर सड़क हादसे की फीडिंग करना जरूरी है। इस एप से पुलिस, परिवहन, स्वास्थ्य, सड़क निर्माण विभाग और बीमा एजेंसी को जोड़ा गया है। पांच विभाग मिलकर सड़क हादसों को रोकने और हादसे में घायल होेने वालों को मदद में अपनी भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि मरीज को इलाज देने में किसी तरह की कोताही न बरती जाए।
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सीएमएस डॉ. अविनेश कुमार ने कहा कि मरीज को इलाज पहली प्राथमिकता है। इसके बाद पुलिस और अन्य डाटा फीडिंग का काम होना चाहिए। एनआईसी के जिला प्रबंधक रोल आउट प्रवीण कुमार ने बताया कि सड़क हादसों की निगरानी के लिए आई रेड एप बनाया गया है। इस एप से सभी सीएचसी, पीएचसी, जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज को जोड़ा गया है। इसमें सड़क हादसों से आकंड़े एकत्रित कर सड़क हादसों की रोकथाम के लिए कार्ययोजना बनाई जाएगी।
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इस दौरान डॉ. श्रवण कुमार, डॉ. पंकज वर्मा, डॉ. अनुपम मिश्रा, ड़ॉ सोनू गौतम, अवधेश सैनी, मिथलेश वर्मा, लालता प्रसाद, रवि, संजय कुमार, दीपक, अकरम आदि मौजूद रहे।