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प्रदेश में कानून व्यवस्था ध्वस्त- राज्यपाल
अमर उजाला ब्यूरो जालौन
Updated Sun, 25 Oct 2015 11:12 PM IST
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उरई (जालौन)। उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने एक बार फिर कानून व्यवस्था पर प्रदेश सरकार को घेरा। कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। कन्नौज, कानपुर समेत प्रदेश के कई स्थानों पर हुए सांप्रदायिक संघर्ष इस बात के सबूत हैं। राज्यपाल रविवार को उरई में आयोजित राष्ट्रीय लोक कला महोत्सव को खिताब कर रहे थे।
अपराह्न 1:45 बजे पर राज्यपाल का हैलीकॉप्टर शहर की पुलिस लाइन में उतरा। यहां से वे समारोह स्थल मंडपम सभागार के लिए रवाना हुए। यहां अपने संबोधन में राज्यपाल राम नाईक ने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा किया। राज्यपाल ने कहा कि उन्होंने सीएम से प्रदेश की बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर पहले ही चिंता व्यक्त की थी। इसके बावजूद इस ओर ध्यान नहीं दिया गया।
कानपुर और कन्नौज में हुए सांप्रदायिक संघर्ष इस बात के प्रमाण हैं कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। इस बाबत वे मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को पहले ही चेता चुके थे, साथ ही मंत्रियों और अधिकारियों को भी वे कानून व्यवस्था दुरुस्त करने की हिदायत दी गई थी। इसके बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ।
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राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश की बिगड़ती कानून व्यवस्था पर वे केंद्र सरकार को जल्द ही एक रिपोर्ट सौंपेंगे। प्रदेश में राष्ट्रपति शासन की सिफारिश करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि वे स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। अभी तक इस संदर्भ में कोई विचार नहीं किया है। राज्यपाल ने बुंदेलखंड में सूखे पर चिंता व्यक्त की। कहा कि वे जल्द ही मुख्यमंत्री से मिलकर इस क्षेत्र के लिए विशेष पैकेज आवंटित करने को कहेंगे। केंद्र सरकार से भी हर संभव मदद दिलाएंगे।
संघ व भाजपा नेताओं से बंद कमरे में की गुफ्तगू
हैलीपैड पर उतरने के बाद राज्यपाल राम नाईक पुलिस लाइन सभागार पहुंचे और वहां संघ व भाजपा के नेताओं से बातचीत की। बताया जाता है कि नेताओं ने उन्हें सपा के दबंग नेताओं के द्वारा अवैध मौरंग खनन, खराब सड़कों की शिकायत की है। कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठाए गए।
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अपराह्न 1:45 बजे पर राज्यपाल का हैलीकॉप्टर शहर की पुलिस लाइन में उतरा। यहां से वे समारोह स्थल मंडपम सभागार के लिए रवाना हुए। यहां अपने संबोधन में राज्यपाल राम नाईक ने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा किया। राज्यपाल ने कहा कि उन्होंने सीएम से प्रदेश की बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर पहले ही चिंता व्यक्त की थी। इसके बावजूद इस ओर ध्यान नहीं दिया गया।
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कानपुर और कन्नौज में हुए सांप्रदायिक संघर्ष इस बात के प्रमाण हैं कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। इस बाबत वे मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को पहले ही चेता चुके थे, साथ ही मंत्रियों और अधिकारियों को भी वे कानून व्यवस्था दुरुस्त करने की हिदायत दी गई थी। इसके बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ।
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राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश की बिगड़ती कानून व्यवस्था पर वे केंद्र सरकार को जल्द ही एक रिपोर्ट सौंपेंगे। प्रदेश में राष्ट्रपति शासन की सिफारिश करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि वे स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। अभी तक इस संदर्भ में कोई विचार नहीं किया है। राज्यपाल ने बुंदेलखंड में सूखे पर चिंता व्यक्त की। कहा कि वे जल्द ही मुख्यमंत्री से मिलकर इस क्षेत्र के लिए विशेष पैकेज आवंटित करने को कहेंगे। केंद्र सरकार से भी हर संभव मदद दिलाएंगे।
संघ व भाजपा नेताओं से बंद कमरे में की गुफ्तगू
हैलीपैड पर उतरने के बाद राज्यपाल राम नाईक पुलिस लाइन सभागार पहुंचे और वहां संघ व भाजपा के नेताओं से बातचीत की। बताया जाता है कि नेताओं ने उन्हें सपा के दबंग नेताओं के द्वारा अवैध मौरंग खनन, खराब सड़कों की शिकायत की है। कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठाए गए।