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Jalaun News: राजस्थान में युवक का अपहरण करने में एसओजी के चार सिपाही निलंबित
Wed, 05 Mar 2025 12:23 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
Updated Wed, 05 Mar 2025 12:23 AM IST
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उरई (जालौन)। राजस्थान के अलवर के रामगढ़ क्षेत्र में नौगांवा थाना पुलिस ने अपहरण और फिरौती के मामले में वहां के गांव बहाला के सरपंच व उसके साथी को गिरफ्तार किया है। मामले में जालौन एसओजी के भी चार सिपाही शामिल पाए गए हैं। जिन पर नौगांवा थाने में एफआईआर दर्ज हुई है। मामला उजागर होने पर एसपी ने चारों सिपाहियों को निलंबित कर दिया है।
राजस्थान के अलवर के केसरोली गांव निवासी साहिल 28 जनवरी को अपने दोस्त अयाज के साथ अलवर से लौट रहे थे। दोनों एसआरएल मेवाती होटल पर खाना खाने रुके थे। इसी दौरान एक बिना नंबर की सफेद कार से आए चार लोगों ने साहिल को पिस्टल दिखाकर कार में बैठा लिया। इसके बाद आरोपी उसे भरतपुर होते हुए आगरा व मथुरा ले गए। अपहरणकर्ताओं ने साहिल को एक होटल के कमरे में बंद कर परिजनों से 20 लाख रुपये की फिरौती मांगी।
साहिल ने डर कर अपने भाई सहरून को व्हाट्स एप कॉल किया। जब परिजनों ने इतने रुपये देने में असमर्थता जताई तो उन्होंने फिरौती की रकम 15 लाख रुपये कर दी और रुपये वहां के गांव बहाला के सरपंच कल्लू खान को रुपये देने के लिए कहा। अंत में चार लाख रुपये में समझौता होने पर आरोपियों ने साहिल को मथुरा बस स्टैंड पर छोड़ दिया।
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इसी मामले में पुलिस ने कॉल डिटेल के आधार पर रविवार को बहाला सरपंच कल्लू खान और सूर्यनगर अलवर निवासी इंदु खान को गिरफ्तार कर लिया। जांच में पता चला कि इंदु खान का भाई इंसाफ खान जालौन एसओजी में तैनात है। इंदु का साहिल से पैसे को लेकर विवाद चल रहा था। इसी को लेकर पूरी स्क्रिप्ट तैयार की गई।
जांच में पता चला कि एसओजी में तैनात सिपाही इंसाफ खान, निरंजन यादव, मनोज कुमार और बृजेंद्र भदौरिया असलहों के साथ वहां पहुंचे थे और साहिल के अपहरण में उसका सहयोग किया था। इन्हीं की दम पर इंदु खान व सरपंच ने साहिल का अपहरण कर लिया था। मामला संज्ञान में आने पर एसपी डॉ. दुर्गेश कुमार ने एसओजी में तैनात सिपाही बृजेंद्र भदौरिया, मनोज कुमार, इंसाफ खान व निरंजन यादव को निलंबित कर दिया है। एसपी का कहना है कि बिना अनुमति के राजस्थान जाने पर सिपाहियों पर कार्रवाई की गई है। विभागीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं।
एसओजी प्रभारी भी सवालों के घेरे में
उरई। पूरे मामले के संज्ञान में आते ही जिले में पुलिस की जमकर किरकिरी हो रही है। लोगों का कहना है कि बिना प्रभारी के अनुमति के टीम कैसे वहां पहुंच गई और इसकी भनक तक उन्हें नहीं लग सकी। पूरे मामले को दबाया गया है। लेकिन जांच में जब आरोपियों के नाम उजागर हुए तो महकमे में खलबली मची हुई है। वहीं प्रभारी सतीश कुमार का कहना है कि टीम दूसरी जगह भेजी गई थी। राजस्थान कैसे चली गई, उन्हें इसकी जानकारी नहीं है।
जिले में उगाही के लिए मशहूर हैं यह चर्चित सिपाही
उरई। जिले में कई महीनों से जमे यह सिपाही लोगों के लिए नासूर बने हुए थे। अधिकारियों से अच्छी सांठगांठ के चलते इनको हटाया भी नहीं जा रहा था। लोगों की मानें तो यह सिपाही जिले में जुआ से लेकर अन्य गलत धंधों में संलिप्त थे। लोगों का कहना है कि वह इतने बेखौफ थे कि वह राजस्थान पहुंच गए और एक माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी उन्होंने अधिकारियों को कुछ नहीं बताया।
इंसाफ ने तैयार किया था पूरा प्लान
उरई। एसओजी टीम के कुछ पुष्ट सूत्रों की मानें तो अलवर निवासी साहिल का इंसाफ खान के भाई इंदु से रुपयों के लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था। जब इंदु ने इसकी जानकारी अपने भाई इंसाफ को दी तो फिर चारों ने बैठकर यहां पूरी कहानी तैयार की। टीम को एक मामले में अपराधी को पकड़ने के लिए कहीं जाना था। इस पर चारों वहां न जाकर राजस्थान पहुंच गए और हथियारों के दम पर साहिल को अगवाकर लिया। इसके बाद आरोपी उसे बंधक बनाकर घुमाते रहे।
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शराब बिकवाने में चौकी इंचार्ज व सिपाही निलंबित
कस्बे की महिलाओं ने थाना प्रभारी से की थी इसकी शिकायत
संवाद न्यूज एजेंसी
उरई। किराना दुकान में शराब बेचे जाने की शिकायत महिलाओं ने थाना प्रभारी से की थी। उन्होंने बताया था कि चौकी पुलिस से भी शिकायत कर चुकी हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने पुलिस की संलिप्तता की बात भी कही थी। जब इसकी गुप्त जांच कराई गई तो मामला सही पाया गया। इस पर एसपी ने चौकी प्रभारी व एक सिपाही को निलंबित कर दिया।
कैलिया थाना क्षेत्र के नरी गांव निवासी मुन्नालाल शिवहरे का शराब ठेका है। उसी के बगल में किराना की दुकान है। जिस पर कई महीनों से शराब बेची जा रही थी। इससे गांव के लोगों को जब जरूरत हो शराब मिल जाती थी। इससे गांव की महिलाएं काफी परेशान थीं। उन्होंने इसकी शिकायत पहाड़गांव चौकी प्रभारी विनीत कुमार से की। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने थाना पुलिस को भी इसकी सूचना दी, लेकिन शराब लगातार बेची जा रही थी। इस पर मामले की जानकारी एसपी को दी गई बताया कि चौकी प्रभारी की मिलीभगत से शराब बेची जा रही है। एसपी ने जब इसकी गुप्त जांच कराई तो शिकायत सही पाई गई। उन्होंने पहाड़गांव चौकी प्रभारी विनीत कुमार व सिपाही सानू को निलंबित कर दिया।
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राजस्थान के अलवर के केसरोली गांव निवासी साहिल 28 जनवरी को अपने दोस्त अयाज के साथ अलवर से लौट रहे थे। दोनों एसआरएल मेवाती होटल पर खाना खाने रुके थे। इसी दौरान एक बिना नंबर की सफेद कार से आए चार लोगों ने साहिल को पिस्टल दिखाकर कार में बैठा लिया। इसके बाद आरोपी उसे भरतपुर होते हुए आगरा व मथुरा ले गए। अपहरणकर्ताओं ने साहिल को एक होटल के कमरे में बंद कर परिजनों से 20 लाख रुपये की फिरौती मांगी।
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साहिल ने डर कर अपने भाई सहरून को व्हाट्स एप कॉल किया। जब परिजनों ने इतने रुपये देने में असमर्थता जताई तो उन्होंने फिरौती की रकम 15 लाख रुपये कर दी और रुपये वहां के गांव बहाला के सरपंच कल्लू खान को रुपये देने के लिए कहा। अंत में चार लाख रुपये में समझौता होने पर आरोपियों ने साहिल को मथुरा बस स्टैंड पर छोड़ दिया।
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इसी मामले में पुलिस ने कॉल डिटेल के आधार पर रविवार को बहाला सरपंच कल्लू खान और सूर्यनगर अलवर निवासी इंदु खान को गिरफ्तार कर लिया। जांच में पता चला कि इंदु खान का भाई इंसाफ खान जालौन एसओजी में तैनात है। इंदु का साहिल से पैसे को लेकर विवाद चल रहा था। इसी को लेकर पूरी स्क्रिप्ट तैयार की गई।
जांच में पता चला कि एसओजी में तैनात सिपाही इंसाफ खान, निरंजन यादव, मनोज कुमार और बृजेंद्र भदौरिया असलहों के साथ वहां पहुंचे थे और साहिल के अपहरण में उसका सहयोग किया था। इन्हीं की दम पर इंदु खान व सरपंच ने साहिल का अपहरण कर लिया था। मामला संज्ञान में आने पर एसपी डॉ. दुर्गेश कुमार ने एसओजी में तैनात सिपाही बृजेंद्र भदौरिया, मनोज कुमार, इंसाफ खान व निरंजन यादव को निलंबित कर दिया है। एसपी का कहना है कि बिना अनुमति के राजस्थान जाने पर सिपाहियों पर कार्रवाई की गई है। विभागीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं।
एसओजी प्रभारी भी सवालों के घेरे में
उरई। पूरे मामले के संज्ञान में आते ही जिले में पुलिस की जमकर किरकिरी हो रही है। लोगों का कहना है कि बिना प्रभारी के अनुमति के टीम कैसे वहां पहुंच गई और इसकी भनक तक उन्हें नहीं लग सकी। पूरे मामले को दबाया गया है। लेकिन जांच में जब आरोपियों के नाम उजागर हुए तो महकमे में खलबली मची हुई है। वहीं प्रभारी सतीश कुमार का कहना है कि टीम दूसरी जगह भेजी गई थी। राजस्थान कैसे चली गई, उन्हें इसकी जानकारी नहीं है।
जिले में उगाही के लिए मशहूर हैं यह चर्चित सिपाही
उरई। जिले में कई महीनों से जमे यह सिपाही लोगों के लिए नासूर बने हुए थे। अधिकारियों से अच्छी सांठगांठ के चलते इनको हटाया भी नहीं जा रहा था। लोगों की मानें तो यह सिपाही जिले में जुआ से लेकर अन्य गलत धंधों में संलिप्त थे। लोगों का कहना है कि वह इतने बेखौफ थे कि वह राजस्थान पहुंच गए और एक माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी उन्होंने अधिकारियों को कुछ नहीं बताया।
इंसाफ ने तैयार किया था पूरा प्लान
उरई। एसओजी टीम के कुछ पुष्ट सूत्रों की मानें तो अलवर निवासी साहिल का इंसाफ खान के भाई इंदु से रुपयों के लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था। जब इंदु ने इसकी जानकारी अपने भाई इंसाफ को दी तो फिर चारों ने बैठकर यहां पूरी कहानी तैयार की। टीम को एक मामले में अपराधी को पकड़ने के लिए कहीं जाना था। इस पर चारों वहां न जाकर राजस्थान पहुंच गए और हथियारों के दम पर साहिल को अगवाकर लिया। इसके बाद आरोपी उसे बंधक बनाकर घुमाते रहे।
शराब बिकवाने में चौकी इंचार्ज व सिपाही निलंबित
कस्बे की महिलाओं ने थाना प्रभारी से की थी इसकी शिकायत
संवाद न्यूज एजेंसी
उरई। किराना दुकान में शराब बेचे जाने की शिकायत महिलाओं ने थाना प्रभारी से की थी। उन्होंने बताया था कि चौकी पुलिस से भी शिकायत कर चुकी हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने पुलिस की संलिप्तता की बात भी कही थी। जब इसकी गुप्त जांच कराई गई तो मामला सही पाया गया। इस पर एसपी ने चौकी प्रभारी व एक सिपाही को निलंबित कर दिया।
कैलिया थाना क्षेत्र के नरी गांव निवासी मुन्नालाल शिवहरे का शराब ठेका है। उसी के बगल में किराना की दुकान है। जिस पर कई महीनों से शराब बेची जा रही थी। इससे गांव के लोगों को जब जरूरत हो शराब मिल जाती थी। इससे गांव की महिलाएं काफी परेशान थीं। उन्होंने इसकी शिकायत पहाड़गांव चौकी प्रभारी विनीत कुमार से की। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने थाना पुलिस को भी इसकी सूचना दी, लेकिन शराब लगातार बेची जा रही थी। इस पर मामले की जानकारी एसपी को दी गई बताया कि चौकी प्रभारी की मिलीभगत से शराब बेची जा रही है। एसपी ने जब इसकी गुप्त जांच कराई तो शिकायत सही पाई गई। उन्होंने पहाड़गांव चौकी प्रभारी विनीत कुमार व सिपाही सानू को निलंबित कर दिया।