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Jalaun News: प्रतिबंधित वन जीवों के अंग बरामदगी में चार को भेजा गया जेल

Fri, 05 Apr 2024 12:25 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन Updated Fri, 05 Apr 2024 12:25 AM IST
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Four sent to jail for recovery of body parts of banned forest animals
उरई। प्रतिबंधित पशुओं के अंग और पौधे बेचने वाले चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। वन विभाग ने चारों को गिरफ्तार कर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया था। कोर्ट ने चारों को जेल भेज दिया है।
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बुधवार रात नत्थू पंसारी की दुकान से चार लोगों को हिरासत में लिया गया था। दुकान से हिरन के सींघ, हाथी के दांत का चूरा, सांडा, मरी दुर्लभ छिपकली के साथ प्रतिबंधित पौधे मिले थे। जिनकी कीमत करोड़ों में बताई गई थी। इसके बाद वन विभाग ने रात भर कागजी कार्रवाई की। गुरुवार को चारों आरोपियों ग्राम परासन के अजय, दीपू , नूरपुर के सतीश और चौरासी के विश्राम को को कोर्ट ले जाया गया। जहां से कोर्ट ने चारों आरोपियों को जेल भेज दिया है।
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डीएफओ प्रदीप कुमार ने बताया कि चारों आरोपी जेल चले गए हैं। अब विभाग हर पहलू पर जांच करेगा। दुकान पर ये काम कब से हो रहा था। प्रतिबंधित सामान कहां से आता था। जिले में कहां कहां जाता था। इन सबकी जानकारी की जाएगी। इसके साथ ही मुख्य आरोपी ओम प्रकाश गुप्ता अभी फरार है। उसके खिलाफ भी कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की जाएगी। फिलहाल जब तक कार्रवाई चल रही है तब तक दुकान नहीं खुलेगी। ।
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जादू टोना और यौन शक्ति बढ़ाने के लिए होता था उपयोग
डीएफओ प्रदीप कुमार ने बताया कि दुकान से सारी प्रतिबंधित सामग्री बरामद हुई है। इनका उपयोग यौन शक्ति बढ़ाने, गंजापन दूर करने, गर्भवती महिलाओं के लिए, बच्चा न होने, हड्डी के दर्द के लिए होता था। उन्होंने बताया कि ये सिर्फ अविश्वास है। हकीकत में इन पशुओं से इस प्रकार का कुछ नही होता है। इनको मारना अपराध है। इसको लेकर वह जागरुकता अभियान भी चलाएंगे।

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अंतर्राष्ट्रीय बाजार में दो करोड़ की होगी कीमत
संगठन के सदस्य और डीएफओ ने बताया कि जो सामान स्थानीय बाजार में बेचा जा रहा था। उसकी कीमत यहां पर बीस से 30 लाख होगी, लेकिन अंतर्राष्ट्रीय बाजार में इनकी कीमत दो करोड़ के करीब होगी। उन्होंने बताया कि इसकी जानकारी की जा रही है। ये सामान कहां से आता था। कहां जाता था। फिलहाल पूछताछ में चारों ने बताया कि चार राज्य और सात जिलों से ये सामान आता था।
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यह सामान हुआ बरामद
कुटकी - 200 ग्राम
सालम पंजा - 460 ग्राम
संमार हिरन का सींग - 1.630 किलो ग्राम
दारु हल्दी - 210 ग्राम
प्रवाल जड़ - 710 ग्राम
हाथी दांत बुरादा - 210 ग्राम
साँडा मरी छिपकली - 40 ग्राम
हिमालयन न्यू - 220 ग्राम
ममीरन चीनी - 210 ग्राम
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15 दिनों से रखी जा रही थी दुकान पर नजर
डीएफओ ने बताया कि दिल्ली के एक संगठन द्वारा जिले में प्रतिबंधित पशुओं के अंग और पौधे बिकने की सूचना 15 दिन पहले दी गई थी। सूचना पर वन विभाग की टीम और एनजीओ के सदस्यों ने इस पूरे घटना क्रम पर नजर रखी। एनजीओ के सदस्य कई बार पंसारी की दुकान पर हवन और जादू टोना का सामान लेने पहुंचे। जब जानकारी पुख्ता हो गई। तब जाकर छापेमारी की गई। दिल्ली का यह संगठन प्रतिबंधित चीजों का कहां-कहां इस्तेमाल हो रहा है। इसी को लेकर काम करता है।
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