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Jalaun News: महिला अस्पताल के कक्ष में लगी आग, सामान व कागजात जले

Sun, 05 May 2024 01:45 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन Updated Sun, 05 May 2024 01:45 AM IST
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Fire broke out in the room of women's hospital, goods and documents burnt
उरई (जालौन)। जिला महिला अस्पताल में सफाई सुपरवाइजर के कक्ष में शनिवार सुबह आग लग गई। बंद कक्ष में धुआं निकलता देखकर सामने प्रसूता वार्ड में भर्ती महिलाओं व तीमारदारों में खलबली मच गई। भय के कारण तीमारदार कई प्रसूताओं और नवजात बच्चों को लेकर वार्ड से बाहर निकल आए। इसके बाद फायर सिलिंडर से आग पर काबू पाया गया। हालांकि अभी आग लगने का कारण और आग से हुए नुकसान का पता नहीं लग पाया है।
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शनिवार सुबह करीब दस बजे सफाई सुपरवाइजर के कक्ष से अचानक धुआं निकलने लगा। धुआं देखकर अस्पताल में खलबली मच गई। मौजूद लोगों ने कर्मचारियों को सूचना दी। जिस जगह पर आग लगी थी, उसके ठीक सामने प्रसूता वार्ड और बगल में स्टोर रूम है। बंद कक्ष में आग लगी देखकर अस्पताल में खलबली मच गई।
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वार्ड में भर्ती प्रसूताएं अपने तीमारदारों के साथ बाहर निकल आई। तीमारदार अपने मरीज और नवजात को बचाने के लिए प्रयास करते दिखे। इसके बाद अस्पताल में मौजूद फायर सिलिंडर की मदद से आग पर काबू पाया गया। तब तक उस कक्ष में रखा सामान, कागजात, बिजली का पंखा और केबल जलकर राख हो गई।
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सुपरवाइजर हरीश के मुताबिक, वह सफाई कर्मचारियों को सफाई का सामान देकर कक्ष का ताला बंद कर बाहर व्यवस्था देखने चले गए थे। बाद में शोरगुल सुनकर पहुंचा तो कक्ष में आग लगी थी। फायर सिलिंडर की मदद से आग को बुझाया गया।
अभी तक शुरू नहीं हुई सेफ्टी लाइन
वैसे तो महिला अस्पताल में आग बुझाने के लिए हर वार्ड तक फायर सेफ्टी लाइन डाली गई है लेकिन अभी तक फायर सेफ्टी लाइन चालू नहीं हुई है। जिसकी वजह से अभी कई कर्मचारियों को छोटे फायर सिलिंडर से काम चलाना मजबूरी बना है। लोगों का कहना है कि यदि आग विकराल रूप ले लेती तो फिर कैसे आग पर काबू पाते। क्योंकि जिस जगह आग लगी है, उसके ठीक सामने वार्ड में प्रसव के बाद माताओं को बच्चे के साथ भर्ती किया जाता है। उसके बगल में दवाओं का स्टोर रूम भी है। इस घटना के बाद उस क्षेत्र की बिजली सप्लाई भी ठप हो गई। इस भीषण गर्मी में एसी भी ठप हो गए। इनवर्टर से किसी तरह काम चलाया गया।



आग की कहानी, चश्मदीदों की जुबानी
जालौन निवासी अंकुर श्रीवास्तव ने बताया कि उनकी पत्नी रुचि ने बेटे सार्थक को पहली मई को जन्म दिया था। प्रसव के बाद उन्हें इस वार्ड में भर्ती किया गया है। जिस समय आग की घटना हुई, वह वार्ड में ही मौजूद थे। धुआं देखकर वार्ड में सभी भर्ती मरीज बिलबिला उठे। बाहर देखा को सामने बंद कमरे से धुआं निकल रहा था। इस पर वह अपनी पत्नी और बच्चे को लेकर बाहर आ गए। इस हादसे से सब बहुत घबरा गए थे।


शहर के मोहल्ला तुलसीनगर निवासी शाहीन ने बताया कि उनकी बहू निशा को पहली तारीख को बेटा हुआ था। उनका बेड वार्ड के कोने में था। आग की घटना को लेकर शोरगुल होेने लगा। लोग खूब घबरा रहे थे। यह देखकर वह भी घबरा गई। उस वक्त उनके साथ कोई पुरुष तीमारदार नहीं थी। इस पर वह भी अपनी बहू और नाती को लेकर बाहर निकल लगी। बाहर लोग आग बुझा रहे थे। हालांकि फायर सेफ्टी लाइन से आग नहीं बुझाई जा रही थी।
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