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जाली नोट: डेढ़ साल पहले ही जेल से छूटा है मास्टर माइंड
Wed, 03 May 2023 01:05 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
Updated Wed, 03 May 2023 01:05 AM IST
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उरई। जाली नोटों के मामले में पकड़ा गया आरोप नरेंद्र पाल सिंह गुर्जर का अपराध की दुनिया में लंबा इतिहास है। चुर्खी थाना क्षेत्र के बाबई गांव में स्थित बैंक में आठ वर्ष पहले हुई लाखों की धोखाधड़ी में शाखा प्रबंधक शेर सिंह के साथ लहरऊआ गांव निवासी नरेंद्र भी पकड़ा गया था। पुलिस ने शाखा प्रबंधक के साथ तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। नरेंद्र डेढ़ वर्ष पहले ही जेल से छूटा है।
जाली नोटों का मास्टर माइंड पुलिस नरेंद्र को ही मान रही है। सूत्रों की माने तो उस पर कर्ज होने के कारण ही वह जाली नोटों के धंधे में कूदा है।
उरई। जाली नोटों के साथ पकड़े गए पांच युवकों में से एक कुठौंद थाना क्षेत्र के सुरावली गांव निवासी भानू पाठक उर्फ त्रिलोचन प्रसाद भी शामिल है। पुलिस के मुताबिक भानू ने कुछ वर्षो पहले अपने हिस्से की जमीन बेच दी थी।
इसके बाद से ही वह आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। इस दौरान उसकी मुलाकात जालौन कोतवाली क्षेत्र के नरेंद्र पाल से हुई और फिर वह भी जाली नोटों के कारोबार से जुड़ गया। ताकि अपनी जमीन वापस पा सके। पुलिस बाकी के आरोपियों का इतिहास पता करने में जुटी है।
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जाली नोटों का मास्टर माइंड पुलिस नरेंद्र को ही मान रही है। सूत्रों की माने तो उस पर कर्ज होने के कारण ही वह जाली नोटों के धंधे में कूदा है।
उरई। जाली नोटों के साथ पकड़े गए पांच युवकों में से एक कुठौंद थाना क्षेत्र के सुरावली गांव निवासी भानू पाठक उर्फ त्रिलोचन प्रसाद भी शामिल है। पुलिस के मुताबिक भानू ने कुछ वर्षो पहले अपने हिस्से की जमीन बेच दी थी।
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इसके बाद से ही वह आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। इस दौरान उसकी मुलाकात जालौन कोतवाली क्षेत्र के नरेंद्र पाल से हुई और फिर वह भी जाली नोटों के कारोबार से जुड़ गया। ताकि अपनी जमीन वापस पा सके। पुलिस बाकी के आरोपियों का इतिहास पता करने में जुटी है।
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