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पहले रोजे में बच्चे भी नहीं रहे पीछे, पढ़ी नमाज
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शिफा
- फोटो : ORAI
मुहम्मदाबाद (जालौन)। रमजान माह के पहले रोजे पर शनिवार को बुजुर्ग और नौजवानों ने घरों में ही नमाज अदा की। इस बार रोजा रखने और नमाज पढ़ने में बच्चों ने उत्साह दिखाया। बड़े बुजुर्गों ने भी बच्चों का हौसला बढ़ाया। कई बच्चे ऐसे रहे जो पहली ही बार रोजा रख रहे हैं।
मुहम्मदाबाद गांव निवासी दो सगी बहनें सायमा (12) व शमां (10) ने इस बार पहली बार रोजा रखा। सायमा ने बताया कि वह कक्षा आठ की छात्रा है जबकि बहन समा कक्षा छह की छात्रा है। लॉकडाउन के चलते स्कूल बंद चल रहे हैं, घर से आनलाइन पढ़ाई हो रही है। इसलिए उन्होंने रोजा रखने की ठान ली और शनिवार को पहला रोजा रखा फिर नमाज पढ़ी, इबादत की और तरावीह भी पढ़ी। इसमें घर के बुजुर्गों ने भी सलीका बताते हुए सहयोग किया।
सिफा का कहना है कि परिवार के बड़े बुजुर्गों को अक्सर रोजा रखते और तिलावत करते देखती थी तो उसके मन में भी रोजा रखने की इच्छा रहती थी। अब ऐसा मौका आया तो रोजे रखने की ठान ली। शनिवार सुबह नानी ने उसे उठाया और सहरी कराकर रोजा रखा। इसके बाद नमाज पढ़कर कुरान की तिलावत भी की और अमन चैन की दुआ मांगी। इसी तरह कक्षा 11 की छात्रा आरफा रहमानी ने भी पहली बार रोजा रखा है। बोलीं कि इस समय देश में फैली कोरोना महामारी से परेशान लोगों को राहत दिलाने के लिए रोजा रखकर अल्लाह से दुआ की।
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मुहम्मदाबाद गांव निवासी दो सगी बहनें सायमा (12) व शमां (10) ने इस बार पहली बार रोजा रखा। सायमा ने बताया कि वह कक्षा आठ की छात्रा है जबकि बहन समा कक्षा छह की छात्रा है। लॉकडाउन के चलते स्कूल बंद चल रहे हैं, घर से आनलाइन पढ़ाई हो रही है। इसलिए उन्होंने रोजा रखने की ठान ली और शनिवार को पहला रोजा रखा फिर नमाज पढ़ी, इबादत की और तरावीह भी पढ़ी। इसमें घर के बुजुर्गों ने भी सलीका बताते हुए सहयोग किया।
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सिफा का कहना है कि परिवार के बड़े बुजुर्गों को अक्सर रोजा रखते और तिलावत करते देखती थी तो उसके मन में भी रोजा रखने की इच्छा रहती थी। अब ऐसा मौका आया तो रोजे रखने की ठान ली। शनिवार सुबह नानी ने उसे उठाया और सहरी कराकर रोजा रखा। इसके बाद नमाज पढ़कर कुरान की तिलावत भी की और अमन चैन की दुआ मांगी। इसी तरह कक्षा 11 की छात्रा आरफा रहमानी ने भी पहली बार रोजा रखा है। बोलीं कि इस समय देश में फैली कोरोना महामारी से परेशान लोगों को राहत दिलाने के लिए रोजा रखकर अल्लाह से दुआ की।

आरफा- फोटो : ORAI

रोजा रखकर नमाज पढ़ती सायमा व शमा- फोटो : ORAI
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