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मेडिकल कालेज में टेली मेडिसिन यूनिट की स्थापना
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मेडिकल कॉलेज में टेलीमेडिसिन यूनिट का फीता काटकर उद्घाटन करते प्राचार्य
- फोटो : ORAI
उरई। राजकीय मेडिकल कालेज में मंगलवार से टेली मेडिसिन यूनिट एवं कोरोना कंट्रोल सेंटर शुरू हो गया। इसमें फोन के माध्यम से आम जनता को स्वास्थ्य संबंधी परामर्श मिल सकेगा।
प्राचार्य डा. द्विजेंद्र नाथ ने बताया कि टेली मेडिसिन यूनिट में जनरल मेडिसन, जनरल सर्जरी, स्त्री एवं प्रसूति रोग, कान, कान, गला, बाल रोग, मानव विज्ञान, अस्थि रोग विभाग से जुड़े विशेषज्ञ चिकित्सक अपनी सेवाएं देंगे। इसमें मरीज घर बैठे ही अपनी बीमारी के बारे में फोन से जानकारी ले सकेगा। व्हाट्सएप पर सलाह के साथ दवा भी बताई जाएगी। जिसे दिखाकर नजदीकी अस्पताल से दवाएं ली जा सकेगी। वहां दवा न मिलने पर मेडिकल स्टोर से भी खरीदी जा सकेगी। इस दौरान डा. जितेंद्र मिश्रा ने अपने पिता डा. बजरंगी मिश्रा मेमोरियल ट्रस्ट की ओर से पांच वाटर डिस्पेंसर भी दान किए। जिसमें आवश्यकता के अनुसार ठंडा व गर्म पानी मिलेगा। कोरोना मरीजों को गर्म पानी लाभदायक होगा। इस दौरान टेली मेडिसन यूनिट के प्रभारी डा. शैलेंद्र प्रताप सिंह, डा. आरकेसिंह, डा. छवि जायसवाल, डा. ज्योति गुप्ता, डा. सौरभ गुप्ता, डा. मनोज वर्मा, डा. शिवकुमार राठौर, डा. मीनल गोयल, डा. राकेश, सुमन दुबे आदि मौजूद रही।
हर प्रवासी की होगी स्क्रीनिंग, निगरानी समिति गठित
उरई। प्रवासियों के आगमन के बाद स्वास्थ्य विभाग स्क्रीनिंग करेगा। प्रत्येक प्रवासी का पता एवं मोबाइल नंबर सहित सूची बनाई जाएगी। स्क्रीनिंग में किसी प्रकार के लक्षण मिलने पर उन्हें फैसिलिटी क्वारंटीन में रखा जाएगा तथा जांच होगी। जांच में संक्रमित मिलने पर अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा। लक्षण वाले जो व्यक्ति संक्रमित नहीं पाए जाते हैं, उन्हें फैसिलिटी क्वारंटीन में रखकर दोबारा जांच होगी। सात दिन के बाद भी वह संक्रमित नहीं पाया जाता है तो उसे अगले 14 दिन के लिए होम क्वारंटीन में भेजा जाएगा। बिना लक्षण वाले व्यक्तियों को 21 दिन के होम क्वारंटीन में भेजा जाएगा। सीएमओ डा. अल्पना बरतारिया ने बताया कि मुख्य सचिव के दिशा निर्देश में कहा गया है कि होम क्वारंटीन की अवधि के दौरान उनके परिवार को यह सुनिश्चित करना होगा कि जहां तक संभव हो प्रवासी घर में अलग कमरे में रहें। बताया कि समुदाय में सर्विलांस और सहयोग के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम प्रधान के नेतृत्व में ग्राम निगरानी समिति तथा शहरी क्षेत्रों में सभासद के नेतृत्व में मोहल्ला निगरानी समिति का गठन किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में निगरानी समिति में आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, चौकीदार, युवक मंगल दल के प्रतिनिधि तथा अन्य सदस्य होंगे।
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प्राचार्य डा. द्विजेंद्र नाथ ने बताया कि टेली मेडिसिन यूनिट में जनरल मेडिसन, जनरल सर्जरी, स्त्री एवं प्रसूति रोग, कान, कान, गला, बाल रोग, मानव विज्ञान, अस्थि रोग विभाग से जुड़े विशेषज्ञ चिकित्सक अपनी सेवाएं देंगे। इसमें मरीज घर बैठे ही अपनी बीमारी के बारे में फोन से जानकारी ले सकेगा। व्हाट्सएप पर सलाह के साथ दवा भी बताई जाएगी। जिसे दिखाकर नजदीकी अस्पताल से दवाएं ली जा सकेगी। वहां दवा न मिलने पर मेडिकल स्टोर से भी खरीदी जा सकेगी। इस दौरान डा. जितेंद्र मिश्रा ने अपने पिता डा. बजरंगी मिश्रा मेमोरियल ट्रस्ट की ओर से पांच वाटर डिस्पेंसर भी दान किए। जिसमें आवश्यकता के अनुसार ठंडा व गर्म पानी मिलेगा। कोरोना मरीजों को गर्म पानी लाभदायक होगा। इस दौरान टेली मेडिसन यूनिट के प्रभारी डा. शैलेंद्र प्रताप सिंह, डा. आरकेसिंह, डा. छवि जायसवाल, डा. ज्योति गुप्ता, डा. सौरभ गुप्ता, डा. मनोज वर्मा, डा. शिवकुमार राठौर, डा. मीनल गोयल, डा. राकेश, सुमन दुबे आदि मौजूद रही।
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हर प्रवासी की होगी स्क्रीनिंग, निगरानी समिति गठित
उरई। प्रवासियों के आगमन के बाद स्वास्थ्य विभाग स्क्रीनिंग करेगा। प्रत्येक प्रवासी का पता एवं मोबाइल नंबर सहित सूची बनाई जाएगी। स्क्रीनिंग में किसी प्रकार के लक्षण मिलने पर उन्हें फैसिलिटी क्वारंटीन में रखा जाएगा तथा जांच होगी। जांच में संक्रमित मिलने पर अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा। लक्षण वाले जो व्यक्ति संक्रमित नहीं पाए जाते हैं, उन्हें फैसिलिटी क्वारंटीन में रखकर दोबारा जांच होगी। सात दिन के बाद भी वह संक्रमित नहीं पाया जाता है तो उसे अगले 14 दिन के लिए होम क्वारंटीन में भेजा जाएगा। बिना लक्षण वाले व्यक्तियों को 21 दिन के होम क्वारंटीन में भेजा जाएगा। सीएमओ डा. अल्पना बरतारिया ने बताया कि मुख्य सचिव के दिशा निर्देश में कहा गया है कि होम क्वारंटीन की अवधि के दौरान उनके परिवार को यह सुनिश्चित करना होगा कि जहां तक संभव हो प्रवासी घर में अलग कमरे में रहें। बताया कि समुदाय में सर्विलांस और सहयोग के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम प्रधान के नेतृत्व में ग्राम निगरानी समिति तथा शहरी क्षेत्रों में सभासद के नेतृत्व में मोहल्ला निगरानी समिति का गठन किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में निगरानी समिति में आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, चौकीदार, युवक मंगल दल के प्रतिनिधि तथा अन्य सदस्य होंगे।
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