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इमरजेंसी ड्यूटी का भी बहिष्कार
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
Updated Fri, 09 Sep 2016 11:02 PM IST
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मांगों को लेकर सीएमओ कार्यालय परिसर में धरना देते संविदा कर्मी
- फोटो : अमर उजाला
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हड़ताल पर चल रहे जिले के एनएचएम संविदाकर्मियों ने शुक्रवार से इमरजेंसी सेवाओं में भी ड्यूटी करना बंद कर दिया। हालांकि नियमित कर्मियों के कार्यरत होने से इसका ज्यादा असर स्वास्थ्य सेवाओं पर नहीं पड़ा है। संविदा कर्मियों ने सीएमओ कार्यालय में धरना देकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और कहा कि वह हक लेकर ही हटेंगे।
उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के प्रांतीय आह्वान पर जिले के एनएचएम संविदा स्वास्थ्य कर्मी भी हड़ताल पर हैं। शुक्रवार से इन स्वास्थ्य कर्मियों ने इमरजेंसी सेवाओं की ड्यूटी से भी बहिष्कार कर दिया और आंदोलन में कूद गए। सीएमओ कार्यालय परिसर में धरना देकर सरकार के खिलाफ हुंकार भरी। इसे साथ ही उन्होंने अल्टीमेटम देते हुए
कहा कि उनकी मांगें न मानी गईं तो 10 व 11 सितंबर को क्रमिक अनशन शुरू किया जाएगा। इसके बाद आमरण अनशन को लेकर विचार किया जाएगा। संगठन के जिला महामंत्री नीरज कुमार राठौर ने धरना में कहा कि प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में एनएचएम संविदा कर्मियों की बड़ी भूमिका है। उनके सहारे ही पूरी स्वास्थ्य सेवाएं टिकी हुई हैं। इसके बावजूद भी
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सरकार जायज मांगों को लेकर गंभीरता नहीं दिखा रही है। नियमित नियुक्तियों में संविदा कर्मियों को शीर्ष वरीयता देते हुए समायोजित किया जाए। रिजवी कमेटी की संस्तुतियों को अन्य विभागों की तरह यथाशीघ्र लागू करते हुए राज्य कर्मचरी का दर्जा दिया जाए। वेतन विसंगति को दूर किया जाए। आशा बहुओं को निश्चित मानदेय व कर्मचारी का दर्जा मिले।
उन्होंने कहा कि जब तक हमें हमारा हक नहीं मिल जाता तब तक हम धरना जारी रखेंगे। इस दौरान नीरज कुमार राठौर, हेमंत कुमार, हरी सिंह, अरुण चतुर्वेदी, हेमलता तिवारी, रागिनी गुप्ता, अनंत प्रकाश, अखिलेश, पुष्पलता, विनय पाल, डॉ. कल्पना, हृदेश, पवन कुमार आदि मौजूद रहे।
नियमित कर्मियों पर बढ़ा काम का बोझ
एनएचएम संविदा कर्मियों के हड़ताल पर रहने से स्वास्थ्य सेवाओं पर आंशिक असर पड़ रहा है। लोगों को इलाज के लिए ज्यादा इंतजार करना पड़ रहा है। नियमित कर्मियों के कार्यरत होने से इसका व्यापक असर देखने को नहीं मिला। कर्मचारी कम होने के कारण नियमित कर्मियों के काम का बोझ बढ़ गया। अस्पतालों में मरीजों को इलाज के लिए और ज्यादा
इंतजार करना पड़ा। हकुछ जगहों पर काम पूरी तरह ठप हो गया है। इसमें जिला अस्पताल स्थित आयुष विंग, उरई के मोहल्ला तुफ ैलपुरवा, उमरारखेरा, बघौरा स्थित अर्बन हेल्थ
सेंटर शामिल हैं। यहां पर पूरा स्टाफ एनएचएम संविदा कर्मी है। इसलिए यहां सेवाएं पूरी तरह ठप रहीं। इसके अलावा महिला अस्पताल की व्यवस्थाएं भी प्रभावित हो रही हैं। यहां तीन चिकित्सक एनएचएम संविदा पर तैनात हैं। यह तीनों चिकित्सक हड़ताल में शामिल हैं।
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उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के प्रांतीय आह्वान पर जिले के एनएचएम संविदा स्वास्थ्य कर्मी भी हड़ताल पर हैं। शुक्रवार से इन स्वास्थ्य कर्मियों ने इमरजेंसी सेवाओं की ड्यूटी से भी बहिष्कार कर दिया और आंदोलन में कूद गए। सीएमओ कार्यालय परिसर में धरना देकर सरकार के खिलाफ हुंकार भरी। इसे साथ ही उन्होंने अल्टीमेटम देते हुए
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कहा कि उनकी मांगें न मानी गईं तो 10 व 11 सितंबर को क्रमिक अनशन शुरू किया जाएगा। इसके बाद आमरण अनशन को लेकर विचार किया जाएगा। संगठन के जिला महामंत्री नीरज कुमार राठौर ने धरना में कहा कि प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में एनएचएम संविदा कर्मियों की बड़ी भूमिका है। उनके सहारे ही पूरी स्वास्थ्य सेवाएं टिकी हुई हैं। इसके बावजूद भी
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सरकार जायज मांगों को लेकर गंभीरता नहीं दिखा रही है। नियमित नियुक्तियों में संविदा कर्मियों को शीर्ष वरीयता देते हुए समायोजित किया जाए। रिजवी कमेटी की संस्तुतियों को अन्य विभागों की तरह यथाशीघ्र लागू करते हुए राज्य कर्मचरी का दर्जा दिया जाए। वेतन विसंगति को दूर किया जाए। आशा बहुओं को निश्चित मानदेय व कर्मचारी का दर्जा मिले।
उन्होंने कहा कि जब तक हमें हमारा हक नहीं मिल जाता तब तक हम धरना जारी रखेंगे। इस दौरान नीरज कुमार राठौर, हेमंत कुमार, हरी सिंह, अरुण चतुर्वेदी, हेमलता तिवारी, रागिनी गुप्ता, अनंत प्रकाश, अखिलेश, पुष्पलता, विनय पाल, डॉ. कल्पना, हृदेश, पवन कुमार आदि मौजूद रहे।
नियमित कर्मियों पर बढ़ा काम का बोझ
एनएचएम संविदा कर्मियों के हड़ताल पर रहने से स्वास्थ्य सेवाओं पर आंशिक असर पड़ रहा है। लोगों को इलाज के लिए ज्यादा इंतजार करना पड़ रहा है। नियमित कर्मियों के कार्यरत होने से इसका व्यापक असर देखने को नहीं मिला। कर्मचारी कम होने के कारण नियमित कर्मियों के काम का बोझ बढ़ गया। अस्पतालों में मरीजों को इलाज के लिए और ज्यादा
इंतजार करना पड़ा। हकुछ जगहों पर काम पूरी तरह ठप हो गया है। इसमें जिला अस्पताल स्थित आयुष विंग, उरई के मोहल्ला तुफ ैलपुरवा, उमरारखेरा, बघौरा स्थित अर्बन हेल्थ
सेंटर शामिल हैं। यहां पर पूरा स्टाफ एनएचएम संविदा कर्मी है। इसलिए यहां सेवाएं पूरी तरह ठप रहीं। इसके अलावा महिला अस्पताल की व्यवस्थाएं भी प्रभावित हो रही हैं। यहां तीन चिकित्सक एनएचएम संविदा पर तैनात हैं। यह तीनों चिकित्सक हड़ताल में शामिल हैं।