{"_id":"5f10a8a88ebc3e636c664b45","slug":"electric-poles-supported-by-bamboo-in-pratap-nagar-orai-news-knp5715916115","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रताप नगर में बांस के सहारे टिके बिजली के पोल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रताप नगर में बांस के सहारे टिके बिजली के पोल
विज्ञापन
कोंच। कोंच में बिजली व्यवस्था भगवान भरोसे चल रही है। सालों पुराने बिजली के पोल कभी भी गिर सकते हैं। जिससे लोगों में भय भी बना हुआ है। प्रताप नगर इलाका ऐसे जर्जर खंभों से भरा पड़ा है, वहां लगभग आधा दर्जन ऐसे खंभे हैं जिन्हें बांस बल्लियों या खपच्चियों का सहारा देकर टिकाया गया है।
इलाकाई लोगों का कहना है कि इस समस्या से अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है लेकिन इसके बावजूद भी इन जर्जर खंभों को बदलने का काम नहीं शुरू हो पा रहा है। कुछ खंभे तो बिजली के तारों के सहारे ही लटके हुए हैं। ऐसी स्थिति में कभी भी कोई हादसा हो सकता है।ं सेठ विंद्रावन स्कूल के पास और उससे दस कदम की दूरी पर एक और जर्जर खंभा कभी भी अपने साथ तारों के मकड़जाल को लेकर धड़ाम हो सकता है।
केशव बिजली वाले, मनोज सोनी, ओमप्रकाश सोहाने, कृष्णकुमार बिलैया, अंचल बिलैया, रामकुमार बिलैया, रामकुमार ब्यौना बाले, विनोद, अजय बाबूजी, कृपाराम सोनी, विनोद सोनी आदि का कहना है कि बिजली विभाग के अधिकारी कोई सुनवाई नहीं कर रहे हैं, इसलिए उन्हें अब डीएम से मिलकर ही समस्या का समाधान कराना पड़ेगा। वहीं एसडीएम अशोक कुमार का कहना है कि वे स्वयं पता कराएंगे कि कहां कहां खंभे जर्जर है, ताकि समस्या को दूर किया जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
इलाकाई लोगों का कहना है कि इस समस्या से अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है लेकिन इसके बावजूद भी इन जर्जर खंभों को बदलने का काम नहीं शुरू हो पा रहा है। कुछ खंभे तो बिजली के तारों के सहारे ही लटके हुए हैं। ऐसी स्थिति में कभी भी कोई हादसा हो सकता है।ं सेठ विंद्रावन स्कूल के पास और उससे दस कदम की दूरी पर एक और जर्जर खंभा कभी भी अपने साथ तारों के मकड़जाल को लेकर धड़ाम हो सकता है।
विज्ञापन
केशव बिजली वाले, मनोज सोनी, ओमप्रकाश सोहाने, कृष्णकुमार बिलैया, अंचल बिलैया, रामकुमार बिलैया, रामकुमार ब्यौना बाले, विनोद, अजय बाबूजी, कृपाराम सोनी, विनोद सोनी आदि का कहना है कि बिजली विभाग के अधिकारी कोई सुनवाई नहीं कर रहे हैं, इसलिए उन्हें अब डीएम से मिलकर ही समस्या का समाधान कराना पड़ेगा। वहीं एसडीएम अशोक कुमार का कहना है कि वे स्वयं पता कराएंगे कि कहां कहां खंभे जर्जर है, ताकि समस्या को दूर किया जा सके।
विज्ञापन