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ड्यूटी पर तैनात आरपीएफ कांस्टेबल को हटाया, स्पष्टीकरण भी मांगा
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उरई। रेलवे स्टेशन में बिजली लाइन के तारों के करंट की चपेट में आकर झुलसे छात्र शैलेंद्र (12) की सूचना आरपीएफ मुख्यालय और कंट्रोल रूम को न देने पर वहां पर तैनात जवान सुखदेव को ड्यूटी से हटाकर उरई आरपीएफ थाने में अटैच कर दिया गया है। कालपी स्टेशन पर आरपीएफ कांस्टेबल एसके स्वर्णकार की तैनाती की गई है।
बता दें कि कालपी रेलवे स्टेशन के पास एक निजी स्कूल है। सीमावर्ती कानपुर देहात के गांवों से बच्चे इस स्कूल में पढ़ने आते हैं। शैलेंद्र (12) निवासी ग्राम दौलतपुर कानपुर देहात दोस्तों के साथ गुरुवार की सुबह स्कूल जा रहा था। रास्ते में रेलवे स्टेशन में आवारा बंदरों के झुंड ने बच्चों को दौड़ा लिया। बंदरों के हमले से बचने के लिए बच्चे इधर-उधर भागने लगे। इसी दौरान स्टेशन में खड़ी एक मालगाड़ी के डिब्बे पर शैलेंद्र चढ़ गया। डिब्बे के ऊपर रेलवे की लाइन निकली हुई थी। इसकी चपेट में आकर शैलेंद्र करंट से बुरी तरह झुलस गया था। इस खबर को मीडिया ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। हालांकि इस मामले में वहां तैनात आरपीएफ कांस्टेबल ने इसकी सूचना अपने अधिकारियों को नहीं दी थी। इसे अधिकारियों ने गंभीरता से लिया है। सुखदेव को कालपी से हटाकर उरई अटैच कर दिया गया। आरपीएफ इंस्पेक्टर एमके गुप्ता के मुताबिक कांस्टेबल से स्पष्टीकरण मांगा गया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर कार्रवाई होगी। वहीं इस मामले में विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। उस दौरान ड्यूटी पर तैनात रेलवे के अन्य विभागों के कर्मचारियों से भी पूछताछ की जाएगी।
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बता दें कि कालपी रेलवे स्टेशन के पास एक निजी स्कूल है। सीमावर्ती कानपुर देहात के गांवों से बच्चे इस स्कूल में पढ़ने आते हैं। शैलेंद्र (12) निवासी ग्राम दौलतपुर कानपुर देहात दोस्तों के साथ गुरुवार की सुबह स्कूल जा रहा था। रास्ते में रेलवे स्टेशन में आवारा बंदरों के झुंड ने बच्चों को दौड़ा लिया। बंदरों के हमले से बचने के लिए बच्चे इधर-उधर भागने लगे। इसी दौरान स्टेशन में खड़ी एक मालगाड़ी के डिब्बे पर शैलेंद्र चढ़ गया। डिब्बे के ऊपर रेलवे की लाइन निकली हुई थी। इसकी चपेट में आकर शैलेंद्र करंट से बुरी तरह झुलस गया था। इस खबर को मीडिया ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। हालांकि इस मामले में वहां तैनात आरपीएफ कांस्टेबल ने इसकी सूचना अपने अधिकारियों को नहीं दी थी। इसे अधिकारियों ने गंभीरता से लिया है। सुखदेव को कालपी से हटाकर उरई अटैच कर दिया गया। आरपीएफ इंस्पेक्टर एमके गुप्ता के मुताबिक कांस्टेबल से स्पष्टीकरण मांगा गया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर कार्रवाई होगी। वहीं इस मामले में विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। उस दौरान ड्यूटी पर तैनात रेलवे के अन्य विभागों के कर्मचारियों से भी पूछताछ की जाएगी।
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