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सोशल मीडिया पर वायरल हुआ सिपाही का त्यागपत्र
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उरई। शहर कोतवाल द्वारा सिपाही का उत्पीड़न किए जाने का मामला सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें सिपाही ने नौकरी से त्यागपत्र देने की भी बात कही है। सिपाही का कहना है कि उसने त्यागपत्र एसपी को नहीं दिया है। वहीं मामले में अपर पुलिस अधीक्षक राकेश सिंह का कहना है कि उन्हें कोई त्यागपत्र नहीं मिला है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
शहर कोतवाली में तैनात कंप्यूटर आपरेटर अरविंद किशोर ने शहर कोतवाल विनोद कुुमार पांडे पर उत्पीड़न किए जाने का आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया पर त्यागपत्र वायरल किया है।उसने बताया कि दो वर्ष पहले 2019 में वह लोकसभा चुनाव के दौरान चुनाव सेल में तैनात था। तब चुनाव सेल के प्रभारी विनोद कुमार पांडेय थे। तभी किसी बात को लेकर उनसे कहासुनी हो गई थी। इसके बाद से कोतवाल परेशान कर रहे है। इस वक्त वह शहर कोतवाली में कंप्यूटर आपरेटर के पद पर कार्यरत है तो यहां भी कोतवाल उसका उत्पीड़न कर रहे हैं। जिससे वह मानसिक रुप से परेशान है। कहना है कि उसने कई बार अधिकारियों से उसका स्थानांतरण दूसरी जगह करने की गुजारिश की पर सुनवाई नहीं हुई। बताया कि वह वर्ष 2014 में पुलिस विभाग में भर्ती हुआ था। पूरे मामले में कोतवाल विनोद पांडे का कहना है कि सिपाही के आरोप बेबुनियाद है। पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोप लगाने वाले सिपाही का स्थानांतरण डकोर कोतवाली कर दिया गया है। हालांकि अधिकारी इसकी कोई पुष्टि नहीं कर रहे हैं।
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शहर कोतवाली में तैनात कंप्यूटर आपरेटर अरविंद किशोर ने शहर कोतवाल विनोद कुुमार पांडे पर उत्पीड़न किए जाने का आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया पर त्यागपत्र वायरल किया है।उसने बताया कि दो वर्ष पहले 2019 में वह लोकसभा चुनाव के दौरान चुनाव सेल में तैनात था। तब चुनाव सेल के प्रभारी विनोद कुमार पांडेय थे। तभी किसी बात को लेकर उनसे कहासुनी हो गई थी। इसके बाद से कोतवाल परेशान कर रहे है। इस वक्त वह शहर कोतवाली में कंप्यूटर आपरेटर के पद पर कार्यरत है तो यहां भी कोतवाल उसका उत्पीड़न कर रहे हैं। जिससे वह मानसिक रुप से परेशान है। कहना है कि उसने कई बार अधिकारियों से उसका स्थानांतरण दूसरी जगह करने की गुजारिश की पर सुनवाई नहीं हुई। बताया कि वह वर्ष 2014 में पुलिस विभाग में भर्ती हुआ था। पूरे मामले में कोतवाल विनोद पांडे का कहना है कि सिपाही के आरोप बेबुनियाद है। पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोप लगाने वाले सिपाही का स्थानांतरण डकोर कोतवाली कर दिया गया है। हालांकि अधिकारी इसकी कोई पुष्टि नहीं कर रहे हैं।
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