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41 राउंड में सबसे ज्यादा देर तक चलेगी मतगणना
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उरई। विधानसभा चुनाव के लिए 20 फरवरी को जिले में हुए मतदान के बाद अब मतगणना की तैयारी जिला प्रशासन की ओर से की गई हैं। तीनों विधानसभा क्षेत्रों के वोटों की गिनती के लिए दो हालों में सात-सात मेज लगाकर वोटों की गिनती की जाएगी।
विधानसभा चुनाव में मतदान के लिए उरई विधानसभा सीट पर 526, कालपी सीट पर 508 और माधौगढ़ सीट पर 579 बूथ बनाए गए थे। अब इन बूथों पर हुए मतदान की गणना के लिए तीनों विधानसभाओं के वोटों की गिनती के लिए सबसे ज्यादा 41 राउंड में माधौगढ़ विधानसभा के वोट गिने जाएंगे। इसके बाद उरई सदर के लिए 37 तो कालपी विधानसभा सीट के लिए 36 राउंड में मतगणना हो सकेगी। इसके साथ ही हर मेज पर एक राजपत्रित अधिकारी गणना पर्यवेक्षक के रूप में तैनात रहेगा। हर मेज पर चार लोगों की तैनाती की व्यवस्था की गई है।
हर विधानसभा क्षेत्र के वोटों की गिनती के लिए एक-एक वरिष्ठ अधिकारी को जिम्मेदारी दी जाएगी। वह मतगणना पूरी होने के बाद एक बार फाइनल चेक करने के बाद ही पोर्टल पर डाटा को अपलोड कराएंगे।
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मतगणना के दौरान प्रवेश के लिए एजेंट या राजनीतिक दलों का कोई भी व्यक्ति हो उसे 72 घंटे पहले की आरटीपीसीआर निगेटिव की रिपोर्ट देना अनिवार्य होगा। रिपोर्ट देखने के बाद ही प्रवेश दिया जाएगा।
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विधानसभा चुनाव में मतदान के लिए उरई विधानसभा सीट पर 526, कालपी सीट पर 508 और माधौगढ़ सीट पर 579 बूथ बनाए गए थे। अब इन बूथों पर हुए मतदान की गणना के लिए तीनों विधानसभाओं के वोटों की गिनती के लिए सबसे ज्यादा 41 राउंड में माधौगढ़ विधानसभा के वोट गिने जाएंगे। इसके बाद उरई सदर के लिए 37 तो कालपी विधानसभा सीट के लिए 36 राउंड में मतगणना हो सकेगी। इसके साथ ही हर मेज पर एक राजपत्रित अधिकारी गणना पर्यवेक्षक के रूप में तैनात रहेगा। हर मेज पर चार लोगों की तैनाती की व्यवस्था की गई है।
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हर विधानसभा क्षेत्र के वोटों की गिनती के लिए एक-एक वरिष्ठ अधिकारी को जिम्मेदारी दी जाएगी। वह मतगणना पूरी होने के बाद एक बार फाइनल चेक करने के बाद ही पोर्टल पर डाटा को अपलोड कराएंगे।
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मतगणना के दौरान प्रवेश के लिए एजेंट या राजनीतिक दलों का कोई भी व्यक्ति हो उसे 72 घंटे पहले की आरटीपीसीआर निगेटिव की रिपोर्ट देना अनिवार्य होगा। रिपोर्ट देखने के बाद ही प्रवेश दिया जाएगा।