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शिक्षित बहू ने ग्रामीण महिलाओं को रोजगार से जोड़़ा

Thu, 09 Jan 2020 11:54 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 09 Jan 2020 11:54 PM IST
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Educated daughter-in-law connected rural women with employment
एट में अचार मुरब्बा तैयार करतीं समूह की महिलाएं - फोटो : ORAI
एट (जालौन)। पंद्रह साल पहले सिरसाकलार की श्यामा जब एट क्षेत्र के भरसूडा गांव में बहू बनकर आई, तब किसी ने नहीं सोचा था कि यही बहू एक दिन गांव में न सिर्फ स्वरोजगार की अलख जगाएगी बल्कि दो चार नहीं 50 महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत करेगी। श्यामा के साथ जुड़कर महिलाएं स्वरोजगार के माध्यम से प्रति माह 6000 रुपये की आमदनी कर रही हैं।
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बीए की शिक्षा प्राप्त श्यामा देवी की शादी गांव के ही किसान सीताराम यादव के साथ हुई थी। श्यामा ने बताया कि पांच साल पूर्व उन्हें अपने शिक्षित होने के बाद भी खाली बैठने का मलाल हुआ। फिर सरकार की योजनाओं की जानकारी की और अपना समूह आनंदी महिला उत्थान बनाया। जिसमें गांव की महिलाओं को जोड़कर बैंक से 15 हजार रुपये का कर्ज लिया और काम शुरू कर दिया। सबसे पहले सात आठ महिलाओं के साथ मिलकर गिलोय सत्व दंत मंजन, अर्जुन छाल चूर्ण, शतावर चूर्ण, त्रिफला चूर्ण, नीम चूर्ण, तुलसी का चूर्ण, हर्बल ट्री आदि उत्पाद बनाकर बेचना शुरू किया।
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फिर क्या था लगभग तीन साल में ही बैंक का पुराना कर्ज अदा कर करीब 1 लाख 20 हजार का और ऋण लिया। वर्तमान में गांव में पांच स्वयं सहायता समूह चला रही हैं, जिससे करीब 50 महिलाएं जुड़ी हुई हैं। श्यामा ने बताया कि पहले ससुराल वाले काम करने के विरोध में थे पर जब उन्हें आर्थिक स्थिति सुधरने का लाभ समझ में आया तब वे राजी हुए। आज पति सीता शरण यादव उन पर गर्व करते हैं और आनंदी स्वयं सहायता समूह में मेरे साथ बराबर से हाथ में हाथ मिलाकर हमेशा खड़े रहते हैं
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साल की शुरुआत अचार और मुरब्बा से की
श्यामा देवी ने बताया कि इस साल 2020 की शुरुआत से ही समूह की महिलाओं ने अचार मुरब्बा बनाने का काम शुरू किया है। कुछ ही दिनों में उनका उत्पाद बाजार में भी उपलब्ध होगा। समूह के अचार में कोई केमिकल इस्तेमाल नहीं किया गया है और इसे महीनों सुरक्षित रखा जा सकता है।
किसानों को उपलब्ध कराई जाएगी खाद
श्यामा ने बताया कि जल्द ही गांव की महिलाएं जैविक खाद भी तैयार करेंगी। ताकि यहां के किसानों को उसे खरीदने के लिए शहर न जाना पड़े और गांव-गांव में खाद उपलब्ध हो जाए, जिससे वे अपनी पैदावार को बढ़ा सकें। इससे किसानों की आय भी बढ़ेगी।

सफाई के लिए भी जागरूक कर रहीं महिलाएं
श्यामा के मुताबिक, समूह की महिलाएं न सिर्फ स्वरोजगार ही कर रही है बल्कि क्षेत्र के लोगों को स्वच्छता के प्रति भी जागरूक कर रही है। इसके लिए समय समय पर अलग अलग गांवों में बैठकें कर लोगों को सफाई के प्रति महत्वपूर्ण जानकारी दी जाती है और रैली निकालकर भी जागरूक किया जाता है।

श्यामा देवी

श्यामा देवी- फोटो : ORAI

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