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Jalaun News: पहाड़गांव में पेयजल संकट गहराया ट्रांसफार्मर न लगने से लोग बेहाल
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संवाद न्यूज एजेंसी
पहाड़गांव। जल संस्थान कोंच से संबद्ध पहाड़गांव में पेयजल संकट गहराता जा रहा है। गांव के नलकूप नंबर-2 का ट्रांसफार्मर 30 जुलाई से फुंका पड़ा है, लेकिन विभाग की लापरवाही के चलते अब तक नया ट्रांसफार्मर नहीं लगाया गया।
गौरतलब है कि पहाड़ गांव में जल संसाधन विभाग के दो सरकारी नलकूप हैं। इनमें से नलकूप नंबर-1 से ही पूरे गांव की आबादी, लगभग सात हजार लोग, पेयजल पाते हैं। नलकूप नंबर-2 खासतौर पर पीने के पानी की आपूर्ति करता है, लेकिन ट्रांसफार्मर खराब होने से गांववाले पानी के लिए तरस रहे हैं। 21 अगस्त को अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद 22 अगस्त को बिजली विभाग की ओर से पिंडारी पावर हाउस से ट्रांसफार्मर भेजा गया था। इसे पिकअप से पहाड़ गांव लाया गया, लेकिन नलकूप परिसर में जलभराव अधिक होने की वजह से ट्रांसफार्मर देर शाम वापस भेज दिया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि लगातार शिकायत करने और बार-बार प्रयास करने के बावजूद नलकूप नंबर-2 पर ट्रांसफार्मर अब तक नहीं लग पाया। ग्रामीणों ने बताया कि पीने का पानी न मिलने से लोग इधर-उधर भटककर गंदा पानी पीने को मजबूर हैं।
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गांव के बाहर लगे हैंडपंपों से पानी भरकर ट्रैक्टर, साइकिल और मोटरसाइकिल से लाना पड़ रहा है। इससे बच्चों और महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। गांव के लोगों ने बाल्टी और डिब्बे लेकर प्रदर्शन किया और प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि तीन दिन में ट्रांसफार्मर नहीं लगाया गया तो सभी ग्रामीण तहसील कार्यालय पहुंचकर धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
ग्रामीण उपभोक्ता देवेंद्र तिवारी, पूर्व प्रधान घनश्याम भगत, बीरेंद्र भगत, सोनू धबेन्द, जगदीश, रमाकांत गुप्ता, शिवम गुप्ता, चंद्रभान राजपूत, रविकांत, चंदू, डॉ. विजय सिंह, परशुराम, राजेंद्र प्रसाद आदि ने जिला अधिकारी से मांग की है कि नलकूप नंबर-2 पर तत्काल ट्रांसफार्मर लगवाया जाए, जिससे गांव की पेयजल समस्या खत्म हो सके।
वहीं बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता जितेंद्र नाथ ने कहा कि ट्रांसफार्मर को भेजा गया था, लेकिन अब तक क्यों नहीं बदला गया, इसकी जानकारी करवाते हैं।
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पहाड़गांव। जल संस्थान कोंच से संबद्ध पहाड़गांव में पेयजल संकट गहराता जा रहा है। गांव के नलकूप नंबर-2 का ट्रांसफार्मर 30 जुलाई से फुंका पड़ा है, लेकिन विभाग की लापरवाही के चलते अब तक नया ट्रांसफार्मर नहीं लगाया गया।
गौरतलब है कि पहाड़ गांव में जल संसाधन विभाग के दो सरकारी नलकूप हैं। इनमें से नलकूप नंबर-1 से ही पूरे गांव की आबादी, लगभग सात हजार लोग, पेयजल पाते हैं। नलकूप नंबर-2 खासतौर पर पीने के पानी की आपूर्ति करता है, लेकिन ट्रांसफार्मर खराब होने से गांववाले पानी के लिए तरस रहे हैं। 21 अगस्त को अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद 22 अगस्त को बिजली विभाग की ओर से पिंडारी पावर हाउस से ट्रांसफार्मर भेजा गया था। इसे पिकअप से पहाड़ गांव लाया गया, लेकिन नलकूप परिसर में जलभराव अधिक होने की वजह से ट्रांसफार्मर देर शाम वापस भेज दिया गया।
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ग्रामीणों का कहना है कि लगातार शिकायत करने और बार-बार प्रयास करने के बावजूद नलकूप नंबर-2 पर ट्रांसफार्मर अब तक नहीं लग पाया। ग्रामीणों ने बताया कि पीने का पानी न मिलने से लोग इधर-उधर भटककर गंदा पानी पीने को मजबूर हैं।
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गांव के बाहर लगे हैंडपंपों से पानी भरकर ट्रैक्टर, साइकिल और मोटरसाइकिल से लाना पड़ रहा है। इससे बच्चों और महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। गांव के लोगों ने बाल्टी और डिब्बे लेकर प्रदर्शन किया और प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि तीन दिन में ट्रांसफार्मर नहीं लगाया गया तो सभी ग्रामीण तहसील कार्यालय पहुंचकर धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
ग्रामीण उपभोक्ता देवेंद्र तिवारी, पूर्व प्रधान घनश्याम भगत, बीरेंद्र भगत, सोनू धबेन्द, जगदीश, रमाकांत गुप्ता, शिवम गुप्ता, चंद्रभान राजपूत, रविकांत, चंदू, डॉ. विजय सिंह, परशुराम, राजेंद्र प्रसाद आदि ने जिला अधिकारी से मांग की है कि नलकूप नंबर-2 पर तत्काल ट्रांसफार्मर लगवाया जाए, जिससे गांव की पेयजल समस्या खत्म हो सके।
वहीं बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता जितेंद्र नाथ ने कहा कि ट्रांसफार्मर को भेजा गया था, लेकिन अब तक क्यों नहीं बदला गया, इसकी जानकारी करवाते हैं।