फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jalaun News ›   Diabetic patients will get better treatment in medical college

Jalaun News: मेडिकल कॉलेज में मिलेगा मधुमेह रोगियों को बेहतर उपचार

Sun, 07 Apr 2024 12:15 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन Updated Sun, 07 Apr 2024 12:15 AM IST
विज्ञापन
Diabetic patients will get better treatment in medical college
उरई। मेडिकल कॉलेज में भी मधुमेह रोगियों के लिए स्वास्थ महानिदेशालय से जारी नई गाइड लाइन के अनुरूप कार्य करना शुरू कर दिया है। मेडिकल कॉलेज में अब चिकित्सीय सहायता के लिए पहुंच रहे पांच वर्ष पुराने मधुमेह रोगियों की आंखो और पैरों की जांच को आवश्यक बना दिया गया है।
विज्ञापन

इस दौरान मधुमेह रोग की वजह से शरीर पर पडंने वाले प्रतिकूल प्रभावों को समझने के लिए कई अन्य जांचो को किया जा रहा है। इस सुविधा से राजकीय मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए पहुंच रहे 6 हजार से ज्यादा मरीजों को आरोग्य जीवन दिया जा सकेगा। राजकीय मेडिकल कॉलेज में शुगर मरीजों के लिए बनी नई गाइड लाइन के अनुरूप उनकी फंडोस्कोपी, रेटिना की जांच ,न्यूरोपैथी ,पैरों की जांच ,यूरिन, क्रिटिनिन, लिपिड प्रोफाइल की जांच की जा रही है।
विज्ञापन

इस दौरान पांच वर्ष पुराने मरीजों की आंखों और पैरो की जांच भी आवश्यक कर दी गई है। इस सुविधा से राजकीय मेडिकल कॉलेज में 6 हजार से अधिक मरीजों के शरीर पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव को समझने में डॉक्टरों को आसानी मिलेगी। वहीं मधुमेह रोगियों को बेहतर स्वास्थ सेवाएं मुहैया हो सकेंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

..................
बढ़ते मधुमेह रोगियों की होगी बेहतर माॅनीटरिंग
अभी तक मधुमेह रोगियों के इलाज के दौरान लंबे समय तक उनके रोग के रिकार्ड को सुरक्षित रखने का कोई तरीका नहीं था। नई गाइड लाइन में डॉक्टर मरीज को शुगर की बीमारी की उम्र को समझ कर मरीज को चिकित्सीय सहायता प्रदान करेंगे। इस दौरान पांच साल से अधिक समय से मधुमेह रोग से ग्रसित मरीजों के रक्त ,आंख और पैरों की जांच होगी।
.................
वर्जन
फोटो-38-डॉ आर के मौर्या ,प्राचार्य राजकीय मेडिकल कॉलेज ,उरई
आईसीएमआर द्वारा मधुमेह उपचार के लिए जारी प्रोटोकॉल के तहत उपचार की शुरूआत हो चुकी है। मेडिकल विभाग में मधुमेह रोगियों से रोग की उम्र जान कर उन्हे उचित सलाह दी जा रही है। साथ ही आवश्यक जांचे भी कराई जा रही हैं।

- डॉ, आर के मौर्या, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज
............
फोटो-39-डॉ प्रशांत निरंजन सीएमएस ,राजकीय मेडिकल कॉलेज उरई
मौजूदा समय में मेडिकल विभाग के डॉक्टरों द्वारा 6 हजार से अधिक मधुमेह रोगी दर्ज हैं। मरीजों की आवश्यक जांच कराई गई है।नए प्रोटोकाल के तहत अब पांच साल से अधिक पुराने रोगियों के शरीर पर पड़ने वाले प्रभाव पर विशेष नजर रखी जा सकेगी। इस मॉनीटरिंग से रोगियों को सही उपचार देने में मदद मिलेगी। - डॉ. प्रशांत निरंजन,सीएमएस, मेडिकल कॉलेज
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed