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Jalaun News: 34 हजार फर्जी आधार बनाने में गिरफ्तार धर्मेंद्र का जिले में भी फैला जाल

Fri, 26 Sep 2025 02:12 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 26 Sep 2025 02:12 AM IST
सार

उरई में धर्मेंद्र सक्सेना द्वारा फर्जी आधार कार्ड बनाकर करोड़ों की जमीन हड़पने का बड़ा घोटाला उजागर हुआ है। पुलिस ने 26 आरोपियों को जेल भेजा और न्यायालय ने एसआईटी जांच के आदेश दिए हैं।

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Dharmendra, arrested for making 34,000 fake Aadhaar cards, has spread his network to the district.

विस्तार

उरई। 34 हजार फर्जी आधार कार्ड बनाने के आरोप में गिरफ्तार धर्मेंद्र सक्सेना ने जिले में भी अपना धंधा फैला रखा था। अंडमान एवं निकोबार से वह दो मशीनें यहां ले आया था और कालपी ने वृद्धा को शिकार भी बनाया लिया। फर्जी आधार से उसने कलपी वृद्धा की करोड़ों की जमीन दूसरी महिला को बिकवा दी। मामले में पुलिस अब तक 26 लोगों को जेल भी भेज चुकी है।
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कोलकाता से गिरफ्तार किए गए आरोपी धर्मेंद्र सक्सेना के पास अंडमान एवं निकोबार में आधार कार्ड की फ्रेंचाइजी थी। उसके पास वहां 20 मशीनें थीं। वह अपने साथियों के साथ मिलकर फर्जी तरीके से आधार तैयार करा देता था। लाखों रुपये की हो रही आमदनी से उसने जिले में भी अपना कारोबार फैला लिया। धर्मेंद्र जिले में भी दो मशीनों को ले आया और यहां भी कालपी में फर्जी तरीके से आधार बनाकर भूमि से जुड़े मामलों में अपना हाथ अजमाने लगा। जबकि, आधार से संबंधित सभी गतिविधियां अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में ही संचालित करने की अनुमति उसे दी गई थी। इसके बाद वह अन्य राज्यों में भी लोगों को फर्जी आधार कार्ड उपलब्ध कराने में मदद करने लगा।
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कालपी कोतवाली के छौंक गांव निवासी विद्या देवी की करीब छह करोड़ की जमीन फर्जी आधार के जरिये दूसरी महिला को बेच दिया था। उस मामले में भी धर्मेंद्र का नाम आया था। मामले में इसके ऑपरेटर सचिन सिंह सहित 26 लोगों को जेल भेजा गया। पुलिस ने उसे हिरासत में लेने के बाद छोड़ दिया था। मामले में अतिरिक्त इंस्पेक्टर मोहम्मद अशरफ के द्वारा विवेचना की जा रही थी। मुकदमे में शामिल संदीप सिंह एवं आधार कार्ड सेंटर पर बैठने वाले ऑपरेटर सचिन ने इलाहाबाद न्यायालय में इनका कोर्ट,ऑफ कंटेंप्ट डाला था। इसमें न्यायालय ने एसआईटी टीम गठित करके जांच के आदेश दिए थे। जांच के आदेश के माध्यम से उसमें इसका खुलासा हुआ है।
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