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Jalaun News: सब्जी विक्रेताओं की मनमानी से रोज लगता जाम
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संवाद न्यूज एजेंसी
कालपी।
नगर में बिजली घर रोड से बाजार के रास्ते में रोज लग रहे जाम से जनता त्रस्त हो चुकी है। भले ही चार से पांच घंटे का सब्जी कारोबार होता हो, लेकिन दिनभर के लिए परेशानी का सबब बनता है। सब्जी विक्रेता बनाई गई मंडी में दुकान ना लगाकर बीच सड़क पर अतिक्रमण जमा करते है।
पालिका प्रशासन ने लगभग तीन दशक पहले बाजार में विभिन्न जगहों पर दुकानें लगाने सब्जी विक्रेताओं के लिए बिजलीघर रोड पर सब्जी मंडी बनाई थी। जिसमे सभी कारोबारियों को दुकानें दी गई थी और कुछ दिनों तक वहां पर सब्जी का बाजार भी लगा लेकिन धीरे धीरे सब्जी विक्रेता मुख्य बाजार की सड़क पर आ गए थे और सब्जी मंडी में बनी दुकानों को थोक कारोबारियों ने इस्तेमाल करना शुरु दिया है और तभी से वह बीच सड़क पर सब्जी की बोली लगा रहे हैं लेकिन चार घंटे तक बीच सड़क पर हो रहा है। यह कारोबार आम जनता के लिए मुसीबत बन गया है आलम यह है कि बिजलीघर रोड से गुजर कर बाजार जाना खुद को जोखिम में डालना है। अमरदीप पांडेय, रविंद्र सिंह, मयंक सिंह, अंकित ठाकुर ने बताया कि सब्जी दुकान लगाने वाले दुकानदार अपनी मर्जी के मालिक बने हुए है। वाहनों को निकलने के लिए रास्ता तक नहीं देते है। बच्चों को विद्यालय छोड़ने जाने वाले अभिभावकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। सब्जी मंडी में 30 से 40 दुकानें बनी हुई हैं। जिसमें से 20 से 25 लोग ही सब्जी मंडी का शुल्क देते हैं बाकी लोग तो सड़क पर कांटा बांट रखकर किसानों का माल खरीदते हैं और सादा पर्चे पर मंडी शुल्क बचाकर किसानों को पर्ची दे देते हैं। इस तरह सबसे अधिक मंडी शुल्क की चोरी कालपी सब्जी मंडी में की जा रही है।
कई बार सब्जी का थोक कारोबार मंडी में लाने की कोशिश कर चुके हैं, लेकिन व्यापारी यहां आने के लिए तैयार नहीं है। फिर से बैठक कर उन्हें समझाया जाएगा। - रवि कुमार निरंजन, मंडी सचिव
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कालपी।
नगर में बिजली घर रोड से बाजार के रास्ते में रोज लग रहे जाम से जनता त्रस्त हो चुकी है। भले ही चार से पांच घंटे का सब्जी कारोबार होता हो, लेकिन दिनभर के लिए परेशानी का सबब बनता है। सब्जी विक्रेता बनाई गई मंडी में दुकान ना लगाकर बीच सड़क पर अतिक्रमण जमा करते है।
पालिका प्रशासन ने लगभग तीन दशक पहले बाजार में विभिन्न जगहों पर दुकानें लगाने सब्जी विक्रेताओं के लिए बिजलीघर रोड पर सब्जी मंडी बनाई थी। जिसमे सभी कारोबारियों को दुकानें दी गई थी और कुछ दिनों तक वहां पर सब्जी का बाजार भी लगा लेकिन धीरे धीरे सब्जी विक्रेता मुख्य बाजार की सड़क पर आ गए थे और सब्जी मंडी में बनी दुकानों को थोक कारोबारियों ने इस्तेमाल करना शुरु दिया है और तभी से वह बीच सड़क पर सब्जी की बोली लगा रहे हैं लेकिन चार घंटे तक बीच सड़क पर हो रहा है। यह कारोबार आम जनता के लिए मुसीबत बन गया है आलम यह है कि बिजलीघर रोड से गुजर कर बाजार जाना खुद को जोखिम में डालना है। अमरदीप पांडेय, रविंद्र सिंह, मयंक सिंह, अंकित ठाकुर ने बताया कि सब्जी दुकान लगाने वाले दुकानदार अपनी मर्जी के मालिक बने हुए है। वाहनों को निकलने के लिए रास्ता तक नहीं देते है। बच्चों को विद्यालय छोड़ने जाने वाले अभिभावकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। सब्जी मंडी में 30 से 40 दुकानें बनी हुई हैं। जिसमें से 20 से 25 लोग ही सब्जी मंडी का शुल्क देते हैं बाकी लोग तो सड़क पर कांटा बांट रखकर किसानों का माल खरीदते हैं और सादा पर्चे पर मंडी शुल्क बचाकर किसानों को पर्ची दे देते हैं। इस तरह सबसे अधिक मंडी शुल्क की चोरी कालपी सब्जी मंडी में की जा रही है।
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कई बार सब्जी का थोक कारोबार मंडी में लाने की कोशिश कर चुके हैं, लेकिन व्यापारी यहां आने के लिए तैयार नहीं है। फिर से बैठक कर उन्हें समझाया जाएगा। - रवि कुमार निरंजन, मंडी सचिव
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