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गुपचुप रिपोर्ट लिखने पर राम भक्तों में गुस्सा
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
Updated Sun, 12 Jun 2016 11:14 PM IST
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रामनवमी के जुलूस को निकालने के प्रयास में पुलिस से वार्ता करते रामभक्त (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
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रामनवमी पर रामभक्तों ने भगवान राम की शोभायात्रा निकालने का प्रयास किया। तब प्रशासन परमीशन ना लिए जाने पर जुलूस न निकलने देने पर अड़ा रहा। अंत में दोनों पक्षों में मौखिक समझौता हुआ कि जहं रामभक्त जुटे हैं, वहां प्रतीकात्मक पूजा करके अपने घरों को लौट जाएंगे। इसके बाद जुलूस नहीं निकाला गया लेकिन पुलिस ने गुपचुप ढंग से दस नामजद
व दर्जन भर अज्ञात के खिलाफ उसी दिन मामला दर्ज कर लिया। शनिवार को यह बात उजागर हो गई। इससे राम भक्तों में उबाल है। कई अन्य सामाजिक व धार्मिक संगठनों ने भी इस गुपचुप कार्रवाई की कड़ी आलोचना की है। उनका कहना है कि यदि पुलिस राम भक्तों को गिरफ्तार करती है तो व्यापक स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार कोतवाल
मनवीर सिंह ने इस वर्ष 15 अप्रैल को कोंच कोतवाली में अपनी ओर से दस लोगों सांसद भानुप्रताप वर्मा के प्रतिनिधि एवं ब्राह्मण महासभा के महामंत्री अनुरुद्घ मिश्रा पुत्र गोविंदशरण मिश्रा, आशुतोष रावत पुत्र अजय रावत, शैलेष सोनी पुत्र जयप्रकाश सोनी, सुशील दूरवार मिरकू महाराज पुत्र कैलाशनाथ, रामराजा पुत्र बलराम निरंजन, सूर्यदीप सोनी पुत्र देवेन्द्र सोनी,
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पारस वर्मा पुत्र नरेन्द्र वर्मा, रहीस यादव पुत्र भगवतीप्रसाद यादव, सुमित झा पुत्र कृष्णकुमार, वैभव ठाकुर पुत्र चंदन ठाकुर को नामजद करते हुए दर्जन भर अज्ञात लोगों के खिलाफ
आईपीसी की धारा 188 व 143 में एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने इसमें धारा 144 का उल्लंघन व बिना अनुमति जुलूस निकालने के प्रयास का अपराध माना है। इस एफआईआर
की जानकारी तब पुलिस ने किसी को होने नहीं दी। शनिवार को किसी तरह यह बात लीक हो गई। जब लोगों को इसकी जानकारी हुई तो रामभक्त आगबबूला हो गए। उन्होंने कहा है कि पुलिस ने सरासर समझौते का उल्लंघन किया है।
पत्रकार को भी नहीं बख्शा
रामनवमी के जुलूस की कवरेज करने गए एक पत्रकार सुमित झा को भी नामजद किया गया है। इससे पत्रकारों में भी रोष है। पत्रकारों का कहना है कि पुलिस की कार्रवाई सुमित से किसी खुन्नस को लेकर लग रही है।
दबाव में काम कर रही पुलिस
रामभक्तों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने को लेकर श्रीधर्मादा रक्षिणी सभा के अध्यक्ष केशव बबेले ने कहा है कि जब राम भक्तों ने जुलूस नहीं निकाला फिर मुकदमा क्यों लिखा गया। गोरक्षा समिति के जिला संयोजक संजय सोनी ने कहा कि पुलिस पार्टी बन कर काम कर रही है और गुपचुप ढंग से एफआईआर दर्ज कर हिंदू जनमानस की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। भाजपा नगर अध्यक्ष प्रदीप गुप्ता ने भी पुलिस द्वारा लिखे गए मुकदमे की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि रामभक्तों के साथ यह सरासर छलावा है।
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व दर्जन भर अज्ञात के खिलाफ उसी दिन मामला दर्ज कर लिया। शनिवार को यह बात उजागर हो गई। इससे राम भक्तों में उबाल है। कई अन्य सामाजिक व धार्मिक संगठनों ने भी इस गुपचुप कार्रवाई की कड़ी आलोचना की है। उनका कहना है कि यदि पुलिस राम भक्तों को गिरफ्तार करती है तो व्यापक स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार कोतवाल
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मनवीर सिंह ने इस वर्ष 15 अप्रैल को कोंच कोतवाली में अपनी ओर से दस लोगों सांसद भानुप्रताप वर्मा के प्रतिनिधि एवं ब्राह्मण महासभा के महामंत्री अनुरुद्घ मिश्रा पुत्र गोविंदशरण मिश्रा, आशुतोष रावत पुत्र अजय रावत, शैलेष सोनी पुत्र जयप्रकाश सोनी, सुशील दूरवार मिरकू महाराज पुत्र कैलाशनाथ, रामराजा पुत्र बलराम निरंजन, सूर्यदीप सोनी पुत्र देवेन्द्र सोनी,
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पारस वर्मा पुत्र नरेन्द्र वर्मा, रहीस यादव पुत्र भगवतीप्रसाद यादव, सुमित झा पुत्र कृष्णकुमार, वैभव ठाकुर पुत्र चंदन ठाकुर को नामजद करते हुए दर्जन भर अज्ञात लोगों के खिलाफ
आईपीसी की धारा 188 व 143 में एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने इसमें धारा 144 का उल्लंघन व बिना अनुमति जुलूस निकालने के प्रयास का अपराध माना है। इस एफआईआर
की जानकारी तब पुलिस ने किसी को होने नहीं दी। शनिवार को किसी तरह यह बात लीक हो गई। जब लोगों को इसकी जानकारी हुई तो रामभक्त आगबबूला हो गए। उन्होंने कहा है कि पुलिस ने सरासर समझौते का उल्लंघन किया है।
पत्रकार को भी नहीं बख्शा
रामनवमी के जुलूस की कवरेज करने गए एक पत्रकार सुमित झा को भी नामजद किया गया है। इससे पत्रकारों में भी रोष है। पत्रकारों का कहना है कि पुलिस की कार्रवाई सुमित से किसी खुन्नस को लेकर लग रही है।
दबाव में काम कर रही पुलिस
रामभक्तों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने को लेकर श्रीधर्मादा रक्षिणी सभा के अध्यक्ष केशव बबेले ने कहा है कि जब राम भक्तों ने जुलूस नहीं निकाला फिर मुकदमा क्यों लिखा गया। गोरक्षा समिति के जिला संयोजक संजय सोनी ने कहा कि पुलिस पार्टी बन कर काम कर रही है और गुपचुप ढंग से एफआईआर दर्ज कर हिंदू जनमानस की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। भाजपा नगर अध्यक्ष प्रदीप गुप्ता ने भी पुलिस द्वारा लिखे गए मुकदमे की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि रामभक्तों के साथ यह सरासर छलावा है।