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जेल का खर्च न देने पर ली थी तीन की जान

Sat, 03 Dec 2016 11:11 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
अमर उजाला ब्यूरो, उरई Updated Sat, 03 Dec 2016 11:11 PM IST
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If it's not the cost of the prison had killed three
पकड़ा गया मुख्य आरोपी - फोटो : अमर उजाला
शहर के मुहल्ला मातापुरा में पिछले दिनों हुई दंपति व उसके पुत्र की हत्या का मामला पुलिस ने सुलझा लिया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी को ग्वालियर से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उससे हत्या में प्रयुक्त छुरी व लूटे गए रुपये बरामद कर जेल भेज दिया। वारदात के बाद उसका साथी ग्वालियर में अपने को आबकारी एक्ट में पहले ही गिरफ्तार करवा चुका है।
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पुलिस उसको रिमांड पर लेने की योजना बना रही है। एसपी डा. राकेश सिंह ने स्थानीय पुलिस लाइन सभागार में पत्रकारों को बताया कि पिछले मुहल्ला मातापुरा निवासी स्मैक तस्करी में लिप्त अभिलाषा तिवारी, उनके पति सुरेंद्र तिवारी व पुत्र कार्तिक तिवारी की गला रेतकर व सब्बल मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में मृतका अभिलाषा के भाई
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झांसी निवासी बबलू ने अभिलाषा की बहू व परिजनाें के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने कई संदिग्धों से पूछताछ की लेकिन नतीजा सिफर निकला।  एसपी ने बताया कि पुलिस को अभिलाषा के घर से 19 तारीख का रेल का टिकट मिला था। पुलिस ने पड़ताल की तो मालूम चला कि अभिलाषा के घर दो लोग 19 की सुबह ग्वालियर से आए थे। इस पर
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पुलिस ने ग्वालियर में अपना जाल फै लाया। पता चला कि अभिलाषा जब ग्वालियर जेल में बंद थी तो उस दौरान उसकी मुलाकात सोनू उर्फ गोविंद यादव निवासी गोसपुरा माली माता मंदिर के पास ग्वालियर ने ग्वालियर के टापटेन अपराधी ब्रजेश पटेल निवासी गोसपुरा से करवाई थी। तब डील हुई थी कि जेल से छूटने के बाद वह जेल का खर्च तीन लाख

रुपये देगी। जेल से छूटने के बाद अभिलाषा ने ब्रजेश को रुपये वापस नहीं किए। ब्रजेश व सोनूू कई बार अभिलाषा से पैसे लेने उरई आए लेकिन उसने इंकार कर दिया। इस पर दोनाें ने हत्या व लूट की योजना बनाई। वह 5 व 11 नवंबर को भी उरई आए थे लेकिन घर में अन्य लोगों के होने से वारदात को अंजाम नहीं दे सके। फिर 19 तारीख को ट्रेन से

झांसी और वहां से बस से उरई आए। अभिलाषा के घर पहुंचे और 100 पुड़िया स्मैक की मांग की। वह पुड़िया बनाने लगी। तभी मौका पाकर ब्रजेश ने छुरी से उसका गला रेत व सब्बल से प्रहार कर जान ले ली। उसके पति ने विरोध कि या तो उसे भी मार डाला। चीख पुकार सुनकर बेटा कार्तिक ुल्हाड़ी लेक र आया और ब्रजेश पर हमला किया। हाथ में

कुल्हाड़ी लगने से वह घायल हो गया। इस पर सोनू व ब्रजेश ने उसे भी चाकू से कई वार कर जान ले ली। घर में रखी स्मैक (करीब 750 ग्राम) व 45 हजार रुपये नकद लेकर मकान में ताला डाला और चाबी अंदर फेंक कर बस से भोगनीपुर कानपुर देहात होते हुए इटावा पहुंच गए। वहां से दोनों ग्वालियर आए जहां सोनू ने अपने को अवैध शराब के मामले में जेल

भिजवा लिया। पुलिस की मौजूदगी में अपराध स्वीकारने के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया। एसपी ने मामले का खुलासा करने वाली टीम को पांच हजार रुपये के इनाम की घोषणा की है। इस दौरान एएसपी सुभाष चंद्र शाक्य, सीओ उरई जंगबहादुर सिंह, सीओ क्राइम अरुण कुमार, स्वट टीम प्रभारी अरुण तिवारी व कोतवाल संजय गुप्ता मौजूद रहे।

अभिलाषा उर्फ आपा के पास थे दस सिम
एसपी ने बताया कि अभिलाषा की हत्या स्मैक के कारोबार के कारण ही हुई है। उसके पास तीन मोबाइल व दस सिम थेे जो वह स्मैक की तस्करी में इस्तेमाल करती थी। वह सोनू यादव को भी माल सप्लाई करती थी।

ट्रेन के टिकट से हुआ खुलासा
स्वाट टीम प्रभारी अरुण तिवारी व सीओ क्राइम अरुण कुमार सिंह की जोड़ी ने इस खुलासे में अह्म भूमिका निभाई है। वारदात के बाद टीम कई बार मौके पर गई तो उसे एक ट्रेन का टिकट मिला जो ग्वालियर से झांसी तक था और उसमें स्मैक पीकर वहीं फेंका गया था। उससे पूरी वारदात का खुलासा हो सका।

बाकी बचे लोगों को भी मार दूंगा
शातिर अपराधी ब्रजेश पटेल ने पुलिस की मौजूदगी में कहा कि उसने इस परिवार के सफाए के बाद उरई की आधी गंदगी साफ कर दी है। अब जो और लोग सराफा में स्मैक बेंच रहे है, जेल से छूटने के बाद उनकी हत्या करेगा। यह सुनकर पुलिस अधिकारी भी दंग रह गए। बताया कि उरई के सराफा बाजार में एक युवक स्मैक का काराबोर करता है, अगला टारगेट वही है। ये भी कहा कि किसी और जगह की पुलिस इतने जल्द खुलासा नहीं कर सकती थी। जिस तेजी से उरई पुलिस ने उसे खोज निकाला किसी की हिम्मत नहीं थी।

मुहल्ले वालाें ने नहीं खोला मुंह
वारदात के बाद जब दोनों आरोपी घर से निकले तो मुहल्ले वालाें ने ब्रजेश को घायल हालत में देखा लेकिन किसी ने पुलिस को बताने की हिम्मत नहीं दिखाई। एसपी ने बताया कि बस से भोगनीपुर जाते वक्त बस परिचालक  ने भी आरोपी से खून बहने की जानकारी चाही तो उसने हादसे में घायल होना बताया था।


बस स्टैंड पर जलाया खून से भीगा पैंट
ब्रजेश ने वारदात के समय जो पैंट पहना था उसे उसने शहर के रोडवेज बस स्टैंड पर जला दिया था। उसने वहीं पास से एक तौलिया खरीदी और घाव पर बांधी थी।

30 से अधिक संगीन मुक दमे हैं लंबित
ब्रजेश ग्वालियर का टापटेन अपराधी है। उसके  खिलाफ हत्या, लूट, फिरौती के करीब 30 से अधिक संगीन मामले ग्वालियर के विभिन्न थानाें में चल रहे हैं। वह जेल का लंबरदार भी है।
 
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