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पूर्व सांसद को मौरंग माफिया से जान का खतरा
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
Updated Tue, 09 Aug 2016 11:14 PM IST
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वार्ता करते पूर्व सांसद गंगाचरन राजपूत।
- फोटो : अमर उजाला
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माननीय उच्च न्यायालय में अवैध खनन रोकने के लिए जनहित याचिका दायर करने वाले भाजपा के पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत को मौरंग माफिया जान का खतरा है। उन्होंने मुख्यमंत्री, गृहमंत्री समेत डीएम व एसपी को पत्र भेजकर स्वयं और परिवार की सुरक्षा की मांग की है। यह जानकारी उन्होंने मंगलवार को पत्रकारों से वार्ता करते हुए दी। वह मानते है कि
शासन व प्रशासन के साथ देने से मौरंग माफिया ने नदियों का सीना चीरा। जायसवाल टावर में आयोजित पत्रकार वार्ता में हमीरपुर से भाजपा के पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत ने हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत किया। कहा कि यह फैसला और पहले आना चाहिए था। बुंदेलखंड को बचाने के लिए जरूरी है यहां की नदियों को बचाना। यहां पर मौरंग माफिया की नजर है। चार
साल से वह मौरंग का अवैध खनन रोकने और नदियों को बचाने की मुहिम छेड़े हुए हैं। जब शासन व प्रशासन ने उनकी बात नहीं सुनी तो उन्होंने न्यायालय में तीन बार याचिका दायर की अब हाईकोर्ट ने जो आदेश दिया है उससे सपा के बड़े नेता, प्रशासनिक अधिकारी और मौरंग माफिया जांच के दायरे में हैं। इन सभी से उनको और परिवार को जान का खतरा है। उन्होंने
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कहा कि मुख्यमंत्री और गृहमंत्री राजनाथ सिंह को पत्र भेजकर वाई श्रेणी की सुरक्षा की मांग की है। इस दौरान उन्होंने बड़ी बेबाकी से कहा कि शासन व प्रशासन ने मौरंग माफिया का साथ दिया, जिससे बुंदेलखंड की नदियां अपना अस्तित्व खोने की स्थिति में हैं। इससे सरकार को राजस्व का भी बड़ा नुकसान हुआ। यहां पर 25 हजार करोड़ की मौरंग चोरी हुई है। मौरंग चोरी के लिए चले ओवर लोड वाहनों से फोरलेन जैसी सड़क ध्वस्त हो गई।
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शासन व प्रशासन के साथ देने से मौरंग माफिया ने नदियों का सीना चीरा। जायसवाल टावर में आयोजित पत्रकार वार्ता में हमीरपुर से भाजपा के पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत ने हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत किया। कहा कि यह फैसला और पहले आना चाहिए था। बुंदेलखंड को बचाने के लिए जरूरी है यहां की नदियों को बचाना। यहां पर मौरंग माफिया की नजर है। चार
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साल से वह मौरंग का अवैध खनन रोकने और नदियों को बचाने की मुहिम छेड़े हुए हैं। जब शासन व प्रशासन ने उनकी बात नहीं सुनी तो उन्होंने न्यायालय में तीन बार याचिका दायर की अब हाईकोर्ट ने जो आदेश दिया है उससे सपा के बड़े नेता, प्रशासनिक अधिकारी और मौरंग माफिया जांच के दायरे में हैं। इन सभी से उनको और परिवार को जान का खतरा है। उन्होंने
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कहा कि मुख्यमंत्री और गृहमंत्री राजनाथ सिंह को पत्र भेजकर वाई श्रेणी की सुरक्षा की मांग की है। इस दौरान उन्होंने बड़ी बेबाकी से कहा कि शासन व प्रशासन ने मौरंग माफिया का साथ दिया, जिससे बुंदेलखंड की नदियां अपना अस्तित्व खोने की स्थिति में हैं। इससे सरकार को राजस्व का भी बड़ा नुकसान हुआ। यहां पर 25 हजार करोड़ की मौरंग चोरी हुई है। मौरंग चोरी के लिए चले ओवर लोड वाहनों से फोरलेन जैसी सड़क ध्वस्त हो गई।