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डीआईजी पहुंचे गांव, धरा गया एक हत्यारोपी
Wed, 10 Apr 2019 12:10 AM IST
gaurav gaurav
अमर उजाला ब्यूूराे जालाैन
अमर उजाला ब्यूूराे जालाैन
Published by: gaurav gaurav
Updated Wed, 10 Apr 2019 12:10 AM IST
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घटनास्थल पर ग्रामीणों से पूछताछ करते डीआईजी
- फोटो : amar ujala
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कोतवाली क्षेत्र के कुरहना आलमगीर गांव में फसल कटवाने के दौरान बुजुर्ग किसान जगराम व उनकी पत्नी विद्यादेवी की सोमवार को हुई हत्या के मामले में कोतवाली पुलिस ने दंपति के पुत्र निर्भय सिंह की तहरीर पर रामस्वरूप, शिवशंकर, भोलाराम व अमित कुमार, प्रीतम पुत्र शिवशंकर, करन पुत्र रामस्वरूप, कामता प्रसाद पुत्र नाथूराम सभी निवासी कुरहना कोतवाली कालपी व वीरेंद्र कुमार पुत्र टीकाराम निवासी ग्राम सरसौखी कोतवाली उरई के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
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घटना के बाद से सक्रिय पुलिस ने मंगलवार सुबह भागने की फिराक में खड़े हत्यारोपी कामता प्रसाद पुत्र नाथूराम को गांव के स्कूल के पास से गिरफ्तार कर लिया। हत्यारोपी की निशानदेही पर आलाकत्ल कुल्हाड़ी भी बरामद कर ली गई है। इसका खुलासा मंगलवार को एसपी कार्यालय में एसपी स्वामीप्रसाद व एएसपी डा.अवधेश सिंह ने किया।
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इसके बाद मंगलवार शाम ही डीआईजी सुभाष बघेल भी कुरहना आलमगीर पहुंचे व ग्रामीणों से पूछताछ की। डीआईजी ने कोतवाली पुलिस को हत्यारोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं। डीआईजी से मृतक के परिजनों ने सुरक्षा की मांग की है। कहना है कि जमीन के लिए आरोपी उन्हें भी नुकसान पहुंचा सकते हैं। डीआईजी ने फिलहाल गांव में पुलिस बल तैनात करा दिया है।
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कब्जे को लेकर चल रहा था विवाद
कालपी के कुरहेना गांव में जिस छह बीघा जमीन पर कब्जे को लेकर हत्या हुई है। बताते हैं कि उस जमीन का शर्तिया बैनामा मृतक ने कई वर्ष पूर्व उरई निवासी अन्नू अहिरवार को किया था। फिर कब्जा न कर पाने के चलते अन्नू ने उस छह बीघा जमीन का बैनामा सरसौखी निवासी वीरेंद्र कुमार को कर दिया था। वीरेंद्र कुमार भी उस जमीन पर कब्जा नहीं कर पाए और तबसे लगातार मामला न्यायालय में लंबित है और मृतक जमीन पर काबिज था।