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सड़क हादसे में दूल्हे के चचेरे जीजा की मौत
अमर उजाला ब्यूूराे जालाैन
Updated Sat, 05 May 2018 11:46 PM IST
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नेशनल हाईवे पर पलटा पड़ा ट्रैक्टर।
- फोटो : amar ujala
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कस्बा एट में शुक्रवार को अखिलेश कुशवाहा की बेटी मनीषा की शादी थी। बारात झांसी जिले के समथर थाना क्षेत्र के ग्राम बहादुरपुर निवासी राजकुमार पुत्र स्व. बालीचंद्र की आई थी। बारात में दूल्हा राजकुमार के चचेरे जीजा रमेश कुशवाहा उर्फ भूरे (40) पुत्र धनीलाल निवासी दबरेहा थाना मिहौना जिला भिंड मप्र अपना ट्रैक्टर लेकर एट आ रहे थे। उनकी ट्रैक्टर ट्राली में रिश्तेदार गोबीलाल पुत्र भूरेलाल निवासी दबरेहा भिंड व चुल्लीराम पुत्र रामरतन निवासी लहार हवेली थाना लहार जिला दतिया मप्र के अलावा कई बाराती सवार थे। पिरौना निकलते ही बारात की एक बोलेरो उन्हें रास्ते में मिली।
जिससे ट्रैक्टर-ट्राली में सवार कई बाराती उसमें बैठकर एट निकल गए। ट्रैक्टर में अब सिर्फ रमेश, गोबीलाल व चुल्लीराम ही बचे थे। ट्रैक्टर जब एट टोल प्लाजा के पास पहुंचा तभी पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने ट्रैक्टर-ट्राली में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही ट्रैक्टर ट्राली समेत अनियंत्रित होकर पलट गई और रमेश समेत तीनों लोग दब गए। उधर ट्रक चालक ट्रक लेकर वहां से भाग निकला। हादसा देख राहगीर दौड़कर आए और उन्होंने किसी तरह ट्रैक्टर के नीचे दबे तीनों लोगों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक रमेश कुशवाहा की मौत हो चुकी थी।
राहगीरों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। जानकारी पर पहुंची पुलिस ने हाईवे एंबुलेंस से घायल गोबीलाल व चुल्लीराम को आनन फानन में जिला अस्पताल रवाना कर शव को कब्जे में ले लिया। उधर जिला अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सक ने गोबीलाल की हालत नाजुक देखते हुए उसे मेडिकल कालेज झांसी रेफर कर दिया। वहीं चुल्लीराम का अस्पताल में ही इलाज चल रहा है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं जब हादसे की खबर एट पहुंची तो शादी समारोह के कार्यक्रम में मातम छा गया। सभी लोग सकते में आ गए और साधारण तौर पर विवाह की रस्में अदा की गई। साथ ही कई लोग घटना स्थल के लिए निकल पड़े।
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डोली उठाने आए थे अर्थी में गए
रमेश कुशवाहा का राजकुमार से भले ही दूर का रिश्ता हो, लेकिन उसने हमेशा राजकुमार को अपना सगा साला व दोस्त माना था। उसने शादी के लिए काफी अरमान भी संजोए थे। खुशी-खुशी अपने साले के लिए दुल्हन लेने आ रहे थे, लेकिन उन्हें क्या पता था कि उन्हें अर्थी पर घर जाना होगा। हादसे की खबर जब उनके घर पहुंची तो कोहराम मच गया। पत्नी व बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
बारातियों के गले से नहीं उतरा निवाला
हादसे की खबर जैसे ही एट में शादी समारोह में पहुंची तो जो जिस हालत में बैठा था उसी हालत में वहां से दौड़ पड़ा। साथ ही कई बारातियों के गले से निवाला नहीं उतरा। वह खाना खाने के दौरान ही प्लेट छोड़कर निकल गए। बाद में जब उन्हें खाना खाने के लिए कहा गया तो आंखों में आंसू लिए उन्होंने खाने से मना कर दिया।
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जिससे ट्रैक्टर-ट्राली में सवार कई बाराती उसमें बैठकर एट निकल गए। ट्रैक्टर में अब सिर्फ रमेश, गोबीलाल व चुल्लीराम ही बचे थे। ट्रैक्टर जब एट टोल प्लाजा के पास पहुंचा तभी पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने ट्रैक्टर-ट्राली में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही ट्रैक्टर ट्राली समेत अनियंत्रित होकर पलट गई और रमेश समेत तीनों लोग दब गए। उधर ट्रक चालक ट्रक लेकर वहां से भाग निकला। हादसा देख राहगीर दौड़कर आए और उन्होंने किसी तरह ट्रैक्टर के नीचे दबे तीनों लोगों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक रमेश कुशवाहा की मौत हो चुकी थी।
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राहगीरों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। जानकारी पर पहुंची पुलिस ने हाईवे एंबुलेंस से घायल गोबीलाल व चुल्लीराम को आनन फानन में जिला अस्पताल रवाना कर शव को कब्जे में ले लिया। उधर जिला अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सक ने गोबीलाल की हालत नाजुक देखते हुए उसे मेडिकल कालेज झांसी रेफर कर दिया। वहीं चुल्लीराम का अस्पताल में ही इलाज चल रहा है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं जब हादसे की खबर एट पहुंची तो शादी समारोह के कार्यक्रम में मातम छा गया। सभी लोग सकते में आ गए और साधारण तौर पर विवाह की रस्में अदा की गई। साथ ही कई लोग घटना स्थल के लिए निकल पड़े।
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डोली उठाने आए थे अर्थी में गए
रमेश कुशवाहा का राजकुमार से भले ही दूर का रिश्ता हो, लेकिन उसने हमेशा राजकुमार को अपना सगा साला व दोस्त माना था। उसने शादी के लिए काफी अरमान भी संजोए थे। खुशी-खुशी अपने साले के लिए दुल्हन लेने आ रहे थे, लेकिन उन्हें क्या पता था कि उन्हें अर्थी पर घर जाना होगा। हादसे की खबर जब उनके घर पहुंची तो कोहराम मच गया। पत्नी व बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
बारातियों के गले से नहीं उतरा निवाला
हादसे की खबर जैसे ही एट में शादी समारोह में पहुंची तो जो जिस हालत में बैठा था उसी हालत में वहां से दौड़ पड़ा। साथ ही कई बारातियों के गले से निवाला नहीं उतरा। वह खाना खाने के दौरान ही प्लेट छोड़कर निकल गए। बाद में जब उन्हें खाना खाने के लिए कहा गया तो आंखों में आंसू लिए उन्होंने खाने से मना कर दिया।