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यमुना में डूबे किशोर का शव मिला
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सिरसाकलार। भैया दूज के दिन यमुना नदी के पाल घाट पर नहाने गए सरसई गांव निवासी दो किशोर डूब गए थे। पुलिस इनकी तलाश गोताखोरों व एसडीआरएफ की टीम से करा रही थी। सोमवार को डूबे किशोरों में मनीष का शव मिल गया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं, यमुना में डूबे दूसरे किशोर योगेंद्र का अभी कुछ पता नहीं चला है।
चुर्खी थाना क्षेत्र के सरसई गांव निवासी नरेश कुशवाहा का पुत्र योगेंद्र (15) और गांव का ही ग्यारहवीं कक्षा का छात्र मनीष (16) शनिवार को भैया दूज के दिन सुबह यमुना नदी में पथरी मंदिर के सामने बने पाल घाट पर नहाते समय डूब गए थे। शनिवार व रविवार को गोताखोरों व एसडीआरएफ की टीमों ने यमुना में डूबे दोनों किशोरों की तलाश की, लेकिन सफलता नहीं मिली।
सोमवार की सुबह एसडीआरएफ की टीम ने मनीष के शव को पाल घाट से लगभग एक किलोमीटर दूर नया पुल के पास से खोज निकाला। शव मिलते ही उसकी जिंदा रहने की आस में बैठे परिजनों में चीखपुकार मच गई। मनीष के चाचा गोविंद ने बताया कि उसके पिता की मृत्यु हो चुकी है। वह तीन बहनों में इकलौता भाई था। मां गुड्डन आंगनबाड़ी में काम कर परिवार का भरण पोषण करती हैं।
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चुर्खी थाना क्षेत्र के सरसई गांव निवासी नरेश कुशवाहा का पुत्र योगेंद्र (15) और गांव का ही ग्यारहवीं कक्षा का छात्र मनीष (16) शनिवार को भैया दूज के दिन सुबह यमुना नदी में पथरी मंदिर के सामने बने पाल घाट पर नहाते समय डूब गए थे। शनिवार व रविवार को गोताखोरों व एसडीआरएफ की टीमों ने यमुना में डूबे दोनों किशोरों की तलाश की, लेकिन सफलता नहीं मिली।
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सोमवार की सुबह एसडीआरएफ की टीम ने मनीष के शव को पाल घाट से लगभग एक किलोमीटर दूर नया पुल के पास से खोज निकाला। शव मिलते ही उसकी जिंदा रहने की आस में बैठे परिजनों में चीखपुकार मच गई। मनीष के चाचा गोविंद ने बताया कि उसके पिता की मृत्यु हो चुकी है। वह तीन बहनों में इकलौता भाई था। मां गुड्डन आंगनबाड़ी में काम कर परिवार का भरण पोषण करती हैं।
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