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Jalaun News: श्मशान घाट बदहाल, तीन किलोमीटर दूर करना पड़ा अंतिम संस्कार

Sat, 26 Sep 2026 12:33 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 26 Sep 2026 12:33 AM IST
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Cremation ground in shambles; last rites had to be performed three kilometers away.
कोंच। गांव में श्मशान घाट की व्यवस्था दुरुस्त न होने का खामियाजा शुक्रवार को फुलैला के एक परिवार को बुजुर्ग महिला की मौत के बाद भुगतना पड़ा। गांव निवासी 90 वर्षीय मन्नो देवी का निधन होने के बाद परिजन गांव के श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार नहीं कर सके। श्मशान घाट अधूरा होने और वहां तक पहुंचने वाला रास्ता बदहाल होने के कारण बारिश के बीच शव को करीब तीन किलोमीटर दूर ग्राम देवगांव ले जाना पड़ा। वहां श्मशान घाट में महिला की अंत्येष्टि की गई।
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ग्रामीणों का कहना है कि गांव का श्मशान घाट लंबे समय से अधूरा पड़ा है। वहां अंतिम संस्कार के लिए जरूरी सुविधाएं तक पूरी नहीं हैं। श्मशान घाट तक जाने वाला रास्ता भी जर्जर है। बारिश के दिनों में रास्ते पर कीचड़ और जलभराव होने से स्थिति और खराब हो जाती है। ऐसे में शव को वहां तक ले जाना भी मुश्किल हो जाता है।
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ग्रामीणों के मुताबिक सामान्य दिनों में भी श्मशान घाट तक पहुंचना आसान नहीं है, जबकि बारिश के मौसम में समस्या गंभीर हो जाती है। ग्रामीणों को अंतिम संस्कार के लिए दूसरे गांव का रुख करना पड़ता है। शुक्रवार को मन्नो देवी की मौत के बाद भी यही स्थिति बनी। परिजनों को बारिश के बीच करीब तीन किलोमीटर दूर देवगांव जाना पड़ा।
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ग्रामीणों का कहना है कि श्मशान घाट का निर्माण पूरा कराने और रास्ता दुरुस्त कराने की मांग कई बार ग्राम प्रधान से लेकर ब्लॉक और तहसील स्तर के अधिकारियों तक की जा चुकी है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।
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