फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jalaun News ›   Cow shelter incomplete, guarded the restraints

गोशालाएं आधी अधूरी, पहरा देना बना मजबूरी

Fri, 29 Nov 2019 12:39 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 29 Nov 2019 12:39 AM IST
विज्ञापन
Cow shelter incomplete, guarded the restraints
कदौरा की अधूरी पड़ी गोशाला - फोटो : ORAI
उरई। जिले में अन्ना मवेशियों की समस्या की मुख्य जड़ है आधी अधूरी गोशालाएं, जिन्हें शासन ने तो करीब साल भर पहले ही स्वीकृत कर दिया है लेकिन उनके निर्माण में हीलाहवाली का खामियाजा अब किसानों को भुगतना पड़ रहा है।
विज्ञापन

किसानों का कहना है कि कदौरा, आटा, रामपुरा, माधौगढ़, एट, सरावन, कोंच, जालौन आदि स्थानों पर जगह जगह गोशालाएं बन तो रही हैं। मगर कब तैयार होंगी कोई बताने वाला नहीं है। जो गोशालाएं बनी भी है तो वहां चारे पानी के भरपूर इंतजाम न होने के कारण मवेशियों का ठिकाना नहीं बन पा रहा है। जिस कारण मवेशियों का झुंड हाईवे और खेतों पर नहीं अब तो ट्रेन की पटरियों तक नजर आने लगा है। किसानों के लिए रात रात भर जागकर खेतों की रखवाली करना मजबूरी बना हुआ है। आटा और कदौरा की गोशालाओं में तो कई बार अधिकारी निरीक्षण भी कर चुके हैं, हर बार सिर्फ काम में तेजी लाने के निर्देश तो जरूर दिए जाते हैं लेकिन काम पूरा होता दिखता नहीं है। यही कारण खरीफ की फसल की तरह अब रबी की फसल में मवेशियों की भेंट चढ़ रही हैं।
विज्ञापन

बाड़ा बनाया पर काम न आया
आटा। भंडरा डेरा गांव के किसानों ने हाल ही में कुछ मवेशियों के लिए जंगल में झाड़ियों से पाटकर एक बाड़ा भी तैयार किया था पर वह भी काम न आया। बाड़े में 40-50 ही मवेशियों का इंतजाम मुश्किल से हो पाया, जबकि आसपास के गांवों को मिलाकर करीब 600 से 800 मवेशियों का झुंड मंडरा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

न तो गेट और न ही चारा व भूसा
सरावन। सरावन कस्बे में ही करीब 1000 अन्ना मवेशी मंडराते रहते हैं। यहां अभी तक गोशाला का निर्माण अधूरा पड़ा है। अब तक न तो गेट का निर्माण ही कराया गया है और न ही मवेशियों के लिए छाया व भूसे का ही कोई इंतजाम हो सका है। किसानों ने अफसरों से भी शिकायत की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
कैसे चलेगा साल भर का खर्च
सरावन। क्षेत्र के किसान राज मोहम्मद का कहना है कि वह रोज खेत की रखवाली करते थे। बुधवार की रात न जाने कैसे सो गए और सुबह देखा तो दो बीघा मटर की फसल को जानवरों ने चट कर गए थे। सिर्फ दो बीघा जमीन ही पूरे परिवार का पेट पाल रही है, अब साल भर कैसे खर्च चलेगा। यही सोचकर परेशान हैं।
अफसर गंभीर हों तो बने गोशाला
आटा। किसान मैयादीन का कहना है कि सिर्फ निरीक्षण से काम नहीं चलेगा, जब तक अधिकारी अधूरी गोशालाओं को पूरी गंभीरता से नहीं लेंगे, तब तक उनके काम में तेजी आना संभव नहीं है। यदि जल्द ही गोशालाओं को पूरा नहीं किया गया तो किसान तो पूरी तरह से बर्बाद ही हो जाएगा।

वर्जन
तहसील में जहां पर भी गोशालाएं अधूरी पड़ी हैं। वहां के ग्राम प्रधानों व सचिवों से जवाब तलब किया जाएगा, यदि उनके कार्य में किसी भी तरह की हीलाहवाली पाई गई तो सख्त कार्रवाई भी की जाएगी। किसानों को किसी भी तरह की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी।-सालिक राम, एसडीएम माधौगढ़

किसान राज मोहम्मद

किसान राज मोहम्मद- फोटो : ORAI

किसान  म इयादीन

किसान म इयादीन- फोटो : ORAI

कदौरा हाईवे पर घूमते अन्ना मवेशी

कदौरा हाईवे पर घूमते अन्ना मवेशी- फोटो : ORAI

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed