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कागजों में पूरे, धरातल में अधूरे अमृत सरोवर
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कदौरा। जिला प्रशासन स्वतंत्रता दिवस से पहले अमृत सरोवरों (तालाबों) का निर्माण पूरा कराने को लेकर सख्त नजर आ रहा था।
इसके बाद भी आज तक ब्लॉक के अधिकांश अमृत सरोवर आधे अधूरे ही पड़े हैं। इसके बाद भी अधिकारी कागजों पर अमृत सरोवरों का निर्माण कार्य पूरा होने का दावा कर रहे हैं।
शासन स्तर से ब्लॉक के सभी 15 तालाबों का निर्माण स्वतंत्रता दिवस के पहले कराकर वहीं तिरंगा फहराने के निर्देश दिए गए थे।
इसे लेकर अधिकारियों ने जल्दबाजी में अधिकांश अमृत सरोवरों पर आधे अधूरे कार्य के साथ सिर्फ स्टैंड का निर्माण करा तिरंगा फहरा दिया।
इसके बाद से निर्माण कार्य अधर में लटका है। 15 में से महज चार तालाबों का ही निर्माण कार्य अब तक पूरा हो सका है।
कदौरा ब्लॉक के परौसा गांव में 15.93 लाख रुपये की लागत से अमृत सरोवर का निर्माण होना था। तालाब की खुदाई तक का काम अधूरा पड़ा है। सीढ़ियों का निर्माण, पौधारोपण और इंटरलॉकिंग तक नहीं कराया गया।
बागी गांव में भी सीढियां बनाने के बाद काम बंद है। ब्लॉक क्षेत्र के बागी गांव में 13. 90 लाख रुपये से सरोवर का निर्माण होना था। तालाब की खुदाई में खानापूर्ति की गई है। पौधारोपण और इंटरलॉकिंग यहां भी नहीं है। खुदे तालाब में आए दिन मवेशी घुस जाते हैं, उन्हें निकालने में पशुपालक को कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है।
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कोट:
प्रथम चरण के 15 तालाबों का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। अगर निर्माण पूरा नहीं हुआ तो जांच कराई जाएगी। कार्य अधूरा मिलने पर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बृजकिशोर कुशवाहा, बीडीओ
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इसके बाद भी आज तक ब्लॉक के अधिकांश अमृत सरोवर आधे अधूरे ही पड़े हैं। इसके बाद भी अधिकारी कागजों पर अमृत सरोवरों का निर्माण कार्य पूरा होने का दावा कर रहे हैं।
शासन स्तर से ब्लॉक के सभी 15 तालाबों का निर्माण स्वतंत्रता दिवस के पहले कराकर वहीं तिरंगा फहराने के निर्देश दिए गए थे।
इसे लेकर अधिकारियों ने जल्दबाजी में अधिकांश अमृत सरोवरों पर आधे अधूरे कार्य के साथ सिर्फ स्टैंड का निर्माण करा तिरंगा फहरा दिया।
इसके बाद से निर्माण कार्य अधर में लटका है। 15 में से महज चार तालाबों का ही निर्माण कार्य अब तक पूरा हो सका है।
कदौरा ब्लॉक के परौसा गांव में 15.93 लाख रुपये की लागत से अमृत सरोवर का निर्माण होना था। तालाब की खुदाई तक का काम अधूरा पड़ा है। सीढ़ियों का निर्माण, पौधारोपण और इंटरलॉकिंग तक नहीं कराया गया।
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बागी गांव में भी सीढियां बनाने के बाद काम बंद है। ब्लॉक क्षेत्र के बागी गांव में 13. 90 लाख रुपये से सरोवर का निर्माण होना था। तालाब की खुदाई में खानापूर्ति की गई है। पौधारोपण और इंटरलॉकिंग यहां भी नहीं है। खुदे तालाब में आए दिन मवेशी घुस जाते हैं, उन्हें निकालने में पशुपालक को कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है।
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कोट:
प्रथम चरण के 15 तालाबों का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। अगर निर्माण पूरा नहीं हुआ तो जांच कराई जाएगी। कार्य अधूरा मिलने पर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बृजकिशोर कुशवाहा, बीडीओ