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कमिश्नर ने रोका सात शिक्षकों का वेतन
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
Updated Sun, 31 Jul 2016 10:33 PM IST
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महेबा ब्लाक के एक गांव में चौपाल में समस्याएं सुनते कमिश्नर, साथ में डीएम संदीप कौर।
- फोटो : अमर उजाला
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एक दिवसीय दौरे पर जिले में आए झांसी मंडल कमिश्नर ने महेबा व कुठौंद ब्लाक के चार-चार गांवों का रविवार को निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने लापरवाह अधिकारियों को फटकार लगाई। सात शिक्षक, पूर्ति अधिकारी, कालपी कोतवाल समेत 11 का वेतन रोकने के निर्देश के साथ स्पष्टीकरण देने को कहा है। इतना ही नहीं कुटरा गांव में अवैध खनन की
शिकायत पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को जांच के आदेश दिए। स्कूल परिसर में पौधरोपण के साथ उन्होंने कहा कि गांव में सरकार की योजना का लाभ पात्र व्यक्ति को ही मिलना चाहिए। निर्माण कार्यो में गुणवत्ता के साथ खिलवाड़ नहीं होना चाहिए। विकास खंड महेबा के बैरई गांव पहुंचे कमिश्नर के,राम मोहन राव को सबसे ज्यादा खामी शिक्षा व्यवस्था में नजर आई।
कक्षा सात के छात्र पहाड़ा भी नहीं सुना पाए। इससे उनकी त्योरियां चढ़ गई। यहां पर उन्होंने एबीएसए समेत पांच शिक्षकों के वेतन रोकने के निर्देश दे दिए। इसी के साथ स्पष्टीकरण भी मांगा है। यहां पर ग्रामीणों ने चौपाल में अपनी समस्याओं को रखा। ग्राम पंचायत अधिकारी की लापरवाही सामने आने पर कमिश्नर ने फटकार लगाई और जुलाई माह के वेतन पर रोक
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लगाने के निर्देश दिए। राशन वितरण से लेकर, अपात्रों को योजना के लाब मिलने की शिकायत की गई। यहां के बाद वे कुटरा गांव पहुंचे तो ग्रामीणों ने कोतवाली पुलिस और प्रशासन की शह पर मौरंग खनन की शिकायत की। इस पर उन्होंने कालपी कोतवाल का वेतन रोकने के निर्देश दिए। ज्वाइंट कमिश्नर आलोक कुमार यादव को मामले की जांच कर आख्या
प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। मंगरौल गांव में भी उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। यहां पर दयाशंकर, राजकुमार आदि ने कोटा बहाल करने की मांग की । इसके बाद गुढ़ाखास में भी चौपाल लगाई और खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत राशन वितरण की हकीकत जानी। इस दौरान ृअधिकारियों को निर्देश दिए कि वह सरकार की योजनाओें के संचालन में लापरवाही
न बरतें। निरीक्षण के दौरान डीएम संदीप कौर समेत अन्य जिला स्तरीय अधिकारी, एसडीएम जलराजन चौधरी समेत क्षेत्रीय अधिकारी मौजूद रहे।
मदारीपुर संवाददाता के अनुसार जहटौली गांव पहुंचे कमिश्नर ने विद्यालय में पौधरोपण किया। यहां चौपाल लगाकर सरकार की योजनाएं बताईं और ग्रामीणों की समस्याओं को सुना।
ग्रामीणों ने खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत राशन वितरण व्यवस्था की शिकायत की, इस पर उन्होंने पूर्ति विभाग के अधिकारियों के वेतन रोकने के निर्देश दिए। गांव दिगौरा में शिक्षा व्यवस्था से वह संतुष्ट नजर नहीं आए। लापरवाह दो शिक्षकों के जुलाई माह का वेतन रोक दिया। उन्होंने कहा कि वह बच्चों के भाग्यविधाता हैं। दायित्वों के निर्वाह में लापरवाही नहीं
बरतनी चाहिए। छानी अहीर और पीपरी अठगइयां गांव में कमिश्नर का दौरा औपचारिकताओं में निपटा। पूरे दौरे के दौरान कमिश्नर ने इंदिरा आवास, शौचालय और पेंशन योजना के
साथ राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत राशन वितरण की हकीकत ग्रामीणों से पूछी। डीएम संदीप कौर, एडीएम आनंद कुमार, सीडीओ एसपी सिंह, डीडीओ आरएस गौतम, पीडी चित्रसेन, मनरेगा उपायुक्त पीके चंद्रौल, एसडीएम शीतला प्रसाद यादव समेम अन्य विभागोें के अधिकारी मौजूद रहे।
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शिकायत पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को जांच के आदेश दिए। स्कूल परिसर में पौधरोपण के साथ उन्होंने कहा कि गांव में सरकार की योजना का लाभ पात्र व्यक्ति को ही मिलना चाहिए। निर्माण कार्यो में गुणवत्ता के साथ खिलवाड़ नहीं होना चाहिए। विकास खंड महेबा के बैरई गांव पहुंचे कमिश्नर के,राम मोहन राव को सबसे ज्यादा खामी शिक्षा व्यवस्था में नजर आई।
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कक्षा सात के छात्र पहाड़ा भी नहीं सुना पाए। इससे उनकी त्योरियां चढ़ गई। यहां पर उन्होंने एबीएसए समेत पांच शिक्षकों के वेतन रोकने के निर्देश दे दिए। इसी के साथ स्पष्टीकरण भी मांगा है। यहां पर ग्रामीणों ने चौपाल में अपनी समस्याओं को रखा। ग्राम पंचायत अधिकारी की लापरवाही सामने आने पर कमिश्नर ने फटकार लगाई और जुलाई माह के वेतन पर रोक
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लगाने के निर्देश दिए। राशन वितरण से लेकर, अपात्रों को योजना के लाब मिलने की शिकायत की गई। यहां के बाद वे कुटरा गांव पहुंचे तो ग्रामीणों ने कोतवाली पुलिस और प्रशासन की शह पर मौरंग खनन की शिकायत की। इस पर उन्होंने कालपी कोतवाल का वेतन रोकने के निर्देश दिए। ज्वाइंट कमिश्नर आलोक कुमार यादव को मामले की जांच कर आख्या
प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। मंगरौल गांव में भी उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। यहां पर दयाशंकर, राजकुमार आदि ने कोटा बहाल करने की मांग की । इसके बाद गुढ़ाखास में भी चौपाल लगाई और खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत राशन वितरण की हकीकत जानी। इस दौरान ृअधिकारियों को निर्देश दिए कि वह सरकार की योजनाओें के संचालन में लापरवाही
न बरतें। निरीक्षण के दौरान डीएम संदीप कौर समेत अन्य जिला स्तरीय अधिकारी, एसडीएम जलराजन चौधरी समेत क्षेत्रीय अधिकारी मौजूद रहे।
मदारीपुर संवाददाता के अनुसार जहटौली गांव पहुंचे कमिश्नर ने विद्यालय में पौधरोपण किया। यहां चौपाल लगाकर सरकार की योजनाएं बताईं और ग्रामीणों की समस्याओं को सुना।
ग्रामीणों ने खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत राशन वितरण व्यवस्था की शिकायत की, इस पर उन्होंने पूर्ति विभाग के अधिकारियों के वेतन रोकने के निर्देश दिए। गांव दिगौरा में शिक्षा व्यवस्था से वह संतुष्ट नजर नहीं आए। लापरवाह दो शिक्षकों के जुलाई माह का वेतन रोक दिया। उन्होंने कहा कि वह बच्चों के भाग्यविधाता हैं। दायित्वों के निर्वाह में लापरवाही नहीं
बरतनी चाहिए। छानी अहीर और पीपरी अठगइयां गांव में कमिश्नर का दौरा औपचारिकताओं में निपटा। पूरे दौरे के दौरान कमिश्नर ने इंदिरा आवास, शौचालय और पेंशन योजना के
साथ राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत राशन वितरण की हकीकत ग्रामीणों से पूछी। डीएम संदीप कौर, एडीएम आनंद कुमार, सीडीओ एसपी सिंह, डीडीओ आरएस गौतम, पीडी चित्रसेन, मनरेगा उपायुक्त पीके चंद्रौल, एसडीएम शीतला प्रसाद यादव समेम अन्य विभागोें के अधिकारी मौजूद रहे।