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Jalaun News: एमबीबीएस इंटर्न और नर्सिंग छात्रों में मारपीट

Wed, 23 Sep 2026 01:12 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 23 Sep 2026 01:12 AM IST
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Clash between MBBS interns and nursing students
फोटो - 28 इमरजेंसी के बाहर विरोध करते नर्सिंग कॉलेज के छात्र छात्राएं। संवाद
उरई। राजकीय मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में मंगलवार सुबह एमबीबीएस इंटर्न और बीएससी नर्सिंग छात्रों के बीच विवाद के बाद मारपीट हो गई। आरोप है कि करीब दस इंटर्न ने इमरजेंसी में ड्यूटी कर रहे नर्सिंग छात्र नितीश कुमार गोंड (25) और अमन मौर्या (24) के साथ मारपीट की। दोनों को चोटें आई हैं। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ युवक बाल्टी और अन्य सामान से छात्रों को पीटते दिखाई दे रहे हैं।
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वहीं, मारपीट की जानकारी मिलते ही नर्सिंग कॉलेज के करीब 300 छात्र-छात्राएं इमरजेंसी में पहुंच गए और नारेबाजी करते हुए विरोध जताया। छात्रों ने कुछ समय के लिए कार्य का बहिष्कार भी किया। सूचना पर इमरजेंसी प्रभारी मौके पर पहुंचे और छात्रों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन छात्र कार्रवाई की मांग को लेकर विरोध करते रहे। बाद में चार छात्रों को सात दिन क्लीनिकल गतिविधियों से विरत कर दिया गया।
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छात्रों के मुताबिक, सोमवार को नीशू नाम के छात्र का एमबीबीएस इंटर्न आशीष गहरवार से किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। आरोप है कि विवाद के बाद आशीष वहां से चला गया और अपने साथियों को फोन कर बुला लिया। बाद में नीशू के वहां से चले जाने के बाद इमरजेंसी में ड्यूटी कर रहे नितीश कुमार गोंड और अमन मौर्या के साथ मारपीट की गई।
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20 घंटे ड्यूटी और अभद्रता का आरोप
नर्सिंग छात्रों ने आरोप लगाया कि उनसे करीब 20 घंटे तक ड्यूटी कराई जाती है। इसके बावजूद जूनियर और सीनियर डॉक्टरों द्वारा आए दिन अभद्र भाषा का प्रयोग किया जाता है। छात्रों का कहना है कि शिकायत करने पर भी उनकी सुनवाई नहीं होती और उन्हें वहां से चलता कर दिया जाता है। छात्रों ने मानसिक रूप से प्रताड़ित किए जाने का भी आरोप लगाया।
पांच सदस्यीय कमेटी करेगी जांच
मामले की वास्तविक स्थिति और मारपीट में शामिल लोगों की भूमिका तय करने के लिए मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने पांच सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति में डॉ. प्रेम सिंह को अध्यक्ष, डॉ. संतोष कुमार वर्मा, डॉ. अफ्रीना नासीर, डॉ. अरविंद कुमार शर्मा और डॉ. पटनावल स्वाति ओमपाल को सदस्य बनाया गया है। समिति को तीन दिन के भीतर तथ्यात्मक जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
चार छात्रों को 28 सितंबर तक क्लीनिकल गतिविधियों से विरत किया
मेडical कॉलेज के नोडल अधिकारी डॉ. सुनीत कुमार ने बताया कि अंतरिम कार्रवाई के तहत बीएससी नर्सिंग के नितीश कुमार गोंड, अमन मौर्या और प्रांशू तथा एमबीबीएस इंटर्न आशीष गहरवार को 22 से 28 सितंबर तक सात दिन के लिए क्लीनिकल और प्रशिक्षण गतिविधियों से विरत कर दिया है। प्रशासन के आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह जांच पूरी होने तक की अंतरिम कार्रवाई है और इससे किसी छात्र का दोष सिद्ध नहीं माना जाएगा। जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
छात्र-छात्रा बोले, शिकायत सुनने की हो व्यवस्था
छात्रा दिव्यांशी ने बताया कि ड्यूटी के दौरान किसी तरह का विवाद होने पर छात्रों की बात भी सुनी जानी चाहिए। समय रहते समस्या का समाधान हो तो बात मारपीट तक नहीं पहुंचेगी।
छात्र अमन ने बताया कि हम अस्पताल में मरीजों की सेवा और प्रशिक्षण के लिए आते हैं। विवाद होने पर पढ़ाई के साथ ड्यूटी का माहौल भी प्रभावित होता है। प्रशासन को ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए, जहां छात्र बिना डर अपनी शिकायत रख सकें।
मेडिकल कॉलेज में आए दिन बवाल, कभी छात्र भिड़े तो कभी डॉक्टर-तीमारदार आमने-सामने

उरई। राजकीय मेडिकल कॉलेज में विवाद और हंगामे का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है। पिछले करीब एक साल में कॉलेज में छात्रों के आपसी विवाद, मारपीट, डॉक्टर-तीमारदारों के बीच टकराव और विरोध-प्रदर्शन की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। मंगलवार को एमबीबीएस इंटर्न और बीएससी नर्सिंग छात्रों के बीच मारपीट के बाद करीब 300 नर्सिंग छात्र-छात्राओं के इमरजेंसी में जुटने और कार्य बहिष्कार करने से एक बार फिर कॉलेज का माहौल गरमा गया।


सड़क पर भिड़े थे एमबीबीएस छात्र

नवंबर 2025 में मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस छात्रों के दो गुटों के बीच सड़क पर झगड़ा हुआ था। इसका वीडियो भी सामने आया था। मामले में कॉलेज प्रशासन ने कई छात्रों पर कार्रवाई की थी। कुछ छात्रों को हॉस्टल से निष्कासित करने के साथ जुर्माना भी लगाया गया था।



डॉक्टर-तीमारदार विवाद के बाद बंद करनी पड़ी थीं सेवाएं

मई 2026 में मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में डॉक्टरों और एक युवक पक्ष के बीच विवाद के बाद मारपीट हो गई थी। घटना के बाद डॉक्टरों ने विरोध जताते हुए इमरजेंसी सेवाएं बंद कर दी थीं। मामला पुलिस तक पहुंचा और दोनों पक्षों की ओर से कार्रवाई की गई। इसके बाद विरोध-प्रदर्शन और बाजार बंद तक की स्थिति बनी थी।

फोटो - 28 इमरजेंसी के बाहर विरोध करते नर्सिंग कॉलेज के छात्र छात्राएं। संवाद

फोटो - 28 इमरजेंसी के बाहर विरोध करते नर्सिंग कॉलेज के छात्र छात्राएं। संवाद

फोटो - 28 इमरजेंसी के बाहर विरोध करते नर्सिंग कॉलेज के छात्र छात्राएं। संवाद

फोटो - 28 इमरजेंसी के बाहर विरोध करते नर्सिंग कॉलेज के छात्र छात्राएं। संवाद

फोटो - 28 इमरजेंसी के बाहर विरोध करते नर्सिंग कॉलेज के छात्र छात्राएं। संवाद

फोटो - 28 इमरजेंसी के बाहर विरोध करते नर्सिंग कॉलेज के छात्र छात्राएं। संवाद

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