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चितैरी गमछा बनेगा बुंदेलखंड का ब्रांड, कमिश्नर ने डीएम ओर सीडीओ को दिए निर्देश
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कमिश्नर को हस्त गणेश का चित्र भेंट करते चित्रकार रोहित विनायक।
- फोटो : ORAI
उरई। मंडलायुक्त डॉ. अजय शंकर पांडेय ने कहा कि जालौन के सभी सरकारी कार्यालयों में चितैरी पेंटिंग अनिवार्य रूप से लगाई जाए। उन्होंने चितैरी थीम से निर्मित बुंदेली गमछा को भी बाजार में उतारने के निर्देश दिए। कहा कि विलुप्त की कगार पर पहुंच रही चितैरी कला को पुनर्जीवित करने की जरूरत है।
उन्होंने बताया कि ने झांसी मंडल में चितैरी चित्रकला को पुनर्जीवित करने के लिए समिति गठित की। इस समिति का दायित्व रोहित विनायक को सौंपा गया। मंडल के प्रत्येक जिले में इस कला को जानने वालों को चिह्नित कर जोड़ा गया। फिर इस कला को सीखने एवं प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई। जिस समय यह प्रयास शुरू किया था उस समय जनपद झांसी में मात्र तीन परिवार ही थे जो चितैरी चित्रकला का कार्य कर रहे थे। सबसे पहले उन्हें इस समिति से जोड़कर उन्हें कई सुविधाएं दी गईं। इस समय 64 चितैरी चित्रकार अभियान से जुड़ गए हैं।
मंडलायुक्त ने चित्रकार रोहित विनायक को निर्देशित किया कि वह चितैरी थीम पर गमछा डिजायन पर कार्य करें। बुंदेलखंड में गमछा की कोई अलग पहचान नहीं है। ऐसे में चितैरी गमछा को पूरे बुंदेलखंड का ब्रांड बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने डीएम व सीडीओ को निर्देश दिए कि जनपद के प्रत्येक कार्यालय में चितैरी चित्रकला की पेंटिंग लगाई जाए। उन्होंने चितैरी कला पर अधिक शोध कराने के लिए बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति को पत्र भी लिखा है। मंडलायुक्त ने बुंदेली चितैरी कला केंद्र टाउन हॉल का निरीक्षण किया। उन्होंने टाउनहॉल में बुंदेली चितेरी कला की किताब का लोकार्पण भी किया।
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उन्होंने बताया कि ने झांसी मंडल में चितैरी चित्रकला को पुनर्जीवित करने के लिए समिति गठित की। इस समिति का दायित्व रोहित विनायक को सौंपा गया। मंडल के प्रत्येक जिले में इस कला को जानने वालों को चिह्नित कर जोड़ा गया। फिर इस कला को सीखने एवं प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई। जिस समय यह प्रयास शुरू किया था उस समय जनपद झांसी में मात्र तीन परिवार ही थे जो चितैरी चित्रकला का कार्य कर रहे थे। सबसे पहले उन्हें इस समिति से जोड़कर उन्हें कई सुविधाएं दी गईं। इस समय 64 चितैरी चित्रकार अभियान से जुड़ गए हैं।
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मंडलायुक्त ने चित्रकार रोहित विनायक को निर्देशित किया कि वह चितैरी थीम पर गमछा डिजायन पर कार्य करें। बुंदेलखंड में गमछा की कोई अलग पहचान नहीं है। ऐसे में चितैरी गमछा को पूरे बुंदेलखंड का ब्रांड बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने डीएम व सीडीओ को निर्देश दिए कि जनपद के प्रत्येक कार्यालय में चितैरी चित्रकला की पेंटिंग लगाई जाए। उन्होंने चितैरी कला पर अधिक शोध कराने के लिए बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति को पत्र भी लिखा है। मंडलायुक्त ने बुंदेली चितैरी कला केंद्र टाउन हॉल का निरीक्षण किया। उन्होंने टाउनहॉल में बुंदेली चितेरी कला की किताब का लोकार्पण भी किया।
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