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Jalaun News: शौचालय के टैंक में गिरकर बच्चे की मौत
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कालपी। निर्माणाधीन राजकीय महाविद्यालय के शौचालय के टैंक में गिरकर तीन वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। बच्चा वहीं पर काम करने वाले मजदूर का था। जानकारी होने पर लोगों की भीड़ जुट गई। पुलिस भी मौके पर पहुंची, लेकिन कार्रवाई से मनाकर मजदूर शव लेकर गांव चला गया।
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के औरई गांव निवासी कांशीराम कालपी के मोहल्ला राजघाट में निर्माणाधीन राजकीय महाविद्यालय में काम कर रहा था। शुक्रवार की सुबह उसका तीन वर्षीय बेटा राजवीर निर्माणाधीन स्थल पर खेल रहा था। इसी दौरान वह लापता हो गया। बच्चे के न दिखने पर परिजनों ने खोजबीन की तो वह शौचालय के खुले टैंक में बेहोश पड़ा मिला। उसके शरीर में सरिया घुसी थी। उसे तत्काल टैंक से निकाला और अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। इससे परिजनों में कोहराम मच गया।
परिजनों ने किसी भी तरह की कार्रवाई से इन्कार कर दिया है। ठेकेदार ने उसे आर्थिक मदद देकर घर भेज दिया है। सीओ डॉ. देवेंद्र पचौरी का कहना है कि टैंक के पास बच्चा खेल रहा था। गिरने से उसकी मौत हुई थी। परिजनों ने कार्रवाई से इन्कार कर दिया है।
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खुले छोड़ दिए गए हैं शौचालय के टैंक
राजकीय महाविद्यालय का काम कई साल से चल रहा है। महाविद्यालय का काम अंतिम चरण में है। इसके निर्माण की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश राज्य जल निगम, निर्माण निगम नामक इकाई के पास है। निर्माण इकाई के इंजीनियर और ठेकेदार ने नियमों का उल्लंघन कर शौचालय के टैंकोंं को खुला छोड़ दिया है। एक टैंक में गिरकर मासूम की जान चली गई।
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मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के औरई गांव निवासी कांशीराम कालपी के मोहल्ला राजघाट में निर्माणाधीन राजकीय महाविद्यालय में काम कर रहा था। शुक्रवार की सुबह उसका तीन वर्षीय बेटा राजवीर निर्माणाधीन स्थल पर खेल रहा था। इसी दौरान वह लापता हो गया। बच्चे के न दिखने पर परिजनों ने खोजबीन की तो वह शौचालय के खुले टैंक में बेहोश पड़ा मिला। उसके शरीर में सरिया घुसी थी। उसे तत्काल टैंक से निकाला और अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। इससे परिजनों में कोहराम मच गया।
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परिजनों ने किसी भी तरह की कार्रवाई से इन्कार कर दिया है। ठेकेदार ने उसे आर्थिक मदद देकर घर भेज दिया है। सीओ डॉ. देवेंद्र पचौरी का कहना है कि टैंक के पास बच्चा खेल रहा था। गिरने से उसकी मौत हुई थी। परिजनों ने कार्रवाई से इन्कार कर दिया है।
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खुले छोड़ दिए गए हैं शौचालय के टैंक
राजकीय महाविद्यालय का काम कई साल से चल रहा है। महाविद्यालय का काम अंतिम चरण में है। इसके निर्माण की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश राज्य जल निगम, निर्माण निगम नामक इकाई के पास है। निर्माण इकाई के इंजीनियर और ठेकेदार ने नियमों का उल्लंघन कर शौचालय के टैंकोंं को खुला छोड़ दिया है। एक टैंक में गिरकर मासूम की जान चली गई।