{"_id":"5e010ecc8ebc3e87b17f4dcf","slug":"charge-sheet-on-28-november-sentenced-on-23-december-orai-news-knp534038689","type":"story","status":"publish","title_hn":"28 नवंबर को चार्जशीट, 23 दिसंबर को सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
28 नवंबर को चार्जशीट, 23 दिसंबर को सजा
विज्ञापन
स्वयं प्रभा दुबे
- फोटो : ORAI
उरई (जालौन)। खेत में पिता को खाना देने जा रहे किशोर के साथ कुकर्म करने के दोषी को अपर जिला जज (पॉक्सो एक्ट) गुलाम मुस्तफा ने 25 साल की सजा और 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। घटना इसी साल 21 नवंबर की है, इतनी जल्दी यानी 25 दिनों में न्यायालय से हुए फैसले की चर्चा पूरे दिन कचहरी परिसर में होती रही।
एट थाना क्षेत्र के एक ग्रामीण ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका तेरह वर्षीय बेटा 21 नवंबर 2019 की दोपहर करीब तीन बजे उसे खाना देने खेत पर आ रहा था, तभी गांव के ही धर्मेंद्र पुत्र जसवंत सिंह ने उसे पकड़ लिया और उसके साथ कुकर्म किया। बेटे ने जानकारी पिता को दी तो उसने एट थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई और थानाध्यक्ष अरुण तिवारी ने किशोर को चिकित्सीय परीक्षण कराया। इसके बाद ताबड़तोड़ दबिश देकर धर्मेंद्र को पकड़ लिया गया। धर्मेंद्र इस समय जेल में ही बंद है।
एसपी डा. सतीश कुमार के निर्देश पर पुलिस ने भी इस मामले में तत्परता दिखाते हुए सात दिन के भीतर 28 नवंबर को चार्जशीट दाखिल कर दी। 29 नवंबर को इस मामले में ट्रायल शुरू हो गया। डीजीसी लखनलाल निरंजन के निर्देशन में मामले की पैरवी कर रहे शासकीय अधिवक्ता बृजराज सिंह राजपूत ने बताया कि अपर जिला जज पॉक्सो एक्ट गुलाम मुस्तफा ने धर्मेंद्र को 25 साल के कारावास और पच्चीस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। उन्होंने बताया कि जिले में पॉक्सो एक्ट के मामले में सबसे कम समय में यह सजा सुनाई गई है।
विज्ञापन
पीड़ित पक्ष को जल्द मिलता न्याय
अधिवक्ता ज्ञानेंद्र निरंजन का कहना है कि मामलों की जल्द सुनवाई और फिर फैसला आने से पीड़ित पक्ष को इंसाफ के लिए ज्यादा भटकना नहीं पड़ता है। उसे सही समय पर इंसाफ देने के लिए गंभीर मामलों की जल्द सुनवाई होनी ही चाहिए।
अपराधियों पर भी होगा खौफ
अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण संगठन की प्रदेश अध्यक्ष डॉ स्वयं प्रभा दुबे का कहना है कि इस तरह के त्वरित न्याय से अपराधियों के दिल और दिमाग में भी काननू का खौफ पैदा होगा, वे दोबारा हरकत करने में दस बार सोचेंगे।
विज्ञापन
एट थाना क्षेत्र के एक ग्रामीण ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका तेरह वर्षीय बेटा 21 नवंबर 2019 की दोपहर करीब तीन बजे उसे खाना देने खेत पर आ रहा था, तभी गांव के ही धर्मेंद्र पुत्र जसवंत सिंह ने उसे पकड़ लिया और उसके साथ कुकर्म किया। बेटे ने जानकारी पिता को दी तो उसने एट थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई और थानाध्यक्ष अरुण तिवारी ने किशोर को चिकित्सीय परीक्षण कराया। इसके बाद ताबड़तोड़ दबिश देकर धर्मेंद्र को पकड़ लिया गया। धर्मेंद्र इस समय जेल में ही बंद है।
विज्ञापन
एसपी डा. सतीश कुमार के निर्देश पर पुलिस ने भी इस मामले में तत्परता दिखाते हुए सात दिन के भीतर 28 नवंबर को चार्जशीट दाखिल कर दी। 29 नवंबर को इस मामले में ट्रायल शुरू हो गया। डीजीसी लखनलाल निरंजन के निर्देशन में मामले की पैरवी कर रहे शासकीय अधिवक्ता बृजराज सिंह राजपूत ने बताया कि अपर जिला जज पॉक्सो एक्ट गुलाम मुस्तफा ने धर्मेंद्र को 25 साल के कारावास और पच्चीस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। उन्होंने बताया कि जिले में पॉक्सो एक्ट के मामले में सबसे कम समय में यह सजा सुनाई गई है।
विज्ञापन
पीड़ित पक्ष को जल्द मिलता न्याय
अधिवक्ता ज्ञानेंद्र निरंजन का कहना है कि मामलों की जल्द सुनवाई और फिर फैसला आने से पीड़ित पक्ष को इंसाफ के लिए ज्यादा भटकना नहीं पड़ता है। उसे सही समय पर इंसाफ देने के लिए गंभीर मामलों की जल्द सुनवाई होनी ही चाहिए।
अपराधियों पर भी होगा खौफ
अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण संगठन की प्रदेश अध्यक्ष डॉ स्वयं प्रभा दुबे का कहना है कि इस तरह के त्वरित न्याय से अपराधियों के दिल और दिमाग में भी काननू का खौफ पैदा होगा, वे दोबारा हरकत करने में दस बार सोचेंगे।

ज्ञानेंद्र निरंजन- फोटो : ORAI