{"_id":"5fbea3708ebc3e9bed14c369","slug":"cattle-were-taken-care-of-tarpaulin-immediately-weighed-orai-news-knp5963036197","type":"story","status":"publish","title_hn":"मवेशियों का आया ख्याल, फौरन तनवाया तिरपाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मवेशियों का आया ख्याल, फौरन तनवाया तिरपाल
विज्ञापन
25 नवंबर को प्रकाशित खबर का पीडीएफ।
- फोटो : ORAI
कदौरा। ठंड से मवेशियों को बचाने के लिए प्रशासन ने अब गोशालाओं की सुध ली है। इसकी शुरुआत बुधवार को कदौरा की गोशालाओं से की गई। बीडीओ अतिरंजन सिंह ने क्षेत्र चार पांच गोशालाओं का निरीक्षण कर उनमें मवेशियों को ठंड से बचाने के लिए तिरपाल लगवाए। बीडीओ का कहना है कि जल्द ही अन्य गोशालाओं में भी तिरपाल, टीन शेड, अलाव आदि का इंतजाम किया जाएगा। बता दें कि बुधवार को ही अमर उजाला ने कदौरा और आटा क्षेत्र में गोशालाओं की दशा पर खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद ही प्रशासन हरकत में आया है।
बुधवार को बीडीओ ने क्षेत्र के जमरेही, जकसिया, इकौना, रैला व आटा स्थित गोशालाओं का निरीक्षण किया उन्होंने सचिवों व प्रधानों को चेतावनी देते हुए तत्काल कारीगरों को बुलवा कर जमरेही, जकसिया, रैला की गोशालाओं में टट्टर, तिरपाल, बांस बल्ली आदि लगवाए। उन्होंने मौजूद प्रधानों को चेतावनी दी कि लापरवाही न बरतें। बीडीओ ने बताया कि जिन गोशालाओं में व्यवस्था सही नही थी, वहां पर उन्होंने स्वयं जाकर इंतजाम पूरे कराए। मवेशियों के चारे पानी का भी इंतजाम किया गया है।
सेक्टर प्रभारियों व सचिवों को नियमित निरीक्षण के निर्देश दिए हैं ताकि किसी भी गोशाला में अव्यवस्था न रहे। मालूम हो कि अधिकांश गोशालाओं में क्षमता से अधिक मवेशी है, जिस कारण उनके चारे पानी का भी इंतजाम ठीक से नहीं हो पा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बुधवार को बीडीओ ने क्षेत्र के जमरेही, जकसिया, इकौना, रैला व आटा स्थित गोशालाओं का निरीक्षण किया उन्होंने सचिवों व प्रधानों को चेतावनी देते हुए तत्काल कारीगरों को बुलवा कर जमरेही, जकसिया, रैला की गोशालाओं में टट्टर, तिरपाल, बांस बल्ली आदि लगवाए। उन्होंने मौजूद प्रधानों को चेतावनी दी कि लापरवाही न बरतें। बीडीओ ने बताया कि जिन गोशालाओं में व्यवस्था सही नही थी, वहां पर उन्होंने स्वयं जाकर इंतजाम पूरे कराए। मवेशियों के चारे पानी का भी इंतजाम किया गया है।
विज्ञापन
सेक्टर प्रभारियों व सचिवों को नियमित निरीक्षण के निर्देश दिए हैं ताकि किसी भी गोशाला में अव्यवस्था न रहे। मालूम हो कि अधिकांश गोशालाओं में क्षमता से अधिक मवेशी है, जिस कारण उनके चारे पानी का भी इंतजाम ठीक से नहीं हो पा रहा है।
विज्ञापन